The Simpsons अमेरिका का एक बेहद मशहूर एनिमेटेड सिटकॉम है. यह पहली बार 1989 में टेलीकास्ट हुआ था. इसकी कहानी अमेरिका के काल्पनिक शहर स्प्रिंगफील्ड में रहने वाले सिंपसन परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है. परिवार में होमर, उनकी पत्नी मार्ज, बच्चे बार्ट, लिसा और मैगी हैं. ये बच्चों का कोई आम कार्टून शो नहीं है.
यह शो अमेरिकी समाज, पॉलिटिक्स, धर्म और पूंजीवाद पर करारा व्यंग्य करता है. इसकी खासियत यही है कि शो हंसी-ठिठोली में समाज की कमजोरियों और विरोधाभासों पर कब चोट कर देगा, पता भी नहीं चलेगा. आज कहानी इसी शो के एक कैरेक्टर अपू की, जिसकी आवाज दर्शकों को नौ साल बाद सुनने को मिली. यह किरदार विवादों में रहा और विवाद ऐसा कि नौ सालों में यह एक डायलॉग बोलने को भी तरस गया. एक समय वो भी था जब अमेरिका में रहने वाले साउथ एशियाई लोगों को अपू कहा जाता था. पर सवाल है क्यों?
अपू का सफर 1989 में शो के साथ ही शुरू हुआ. वह स्प्रिंगफील्ड में लंबे समय से रह रहा भारतीय मूल का प्रवासी है. उसका क्विक ई-मार्ट नाम से स्टोर है. लेकिन उसके नाम से ज्यादा दिलचस्प है उसका सरनेम, नहासापीमापेटिलॉन. और जब अपू बोलता है My name is Apu Nahasapeemapetilon. तो यह गोरी चमड़ी वालों के लिए हास्य का काम करता है. वह लंबे समय से शो के लोकप्रिय किरदारों में रहा है. लेकिन उसके बोलने के अंदाज, तथाकथित भारतीय लहजे और पेशे को लेकर आलोचना होती रही है. आलोचकों का कहना है कि इस किरदार के जरिए दक्षिण एशियाई लोगों विशेष रूप से भारतीयों को एक रूढ़िवादी छवि में दिखाया जाता है.
लेकिन 2017 में कॉमेडियन हरि कोंडाबोलू की डॉक्यूमेंट्री द प्रॉब्लम विद अपू ने सबकुछ बदल दिया. अपू की वजह से साउथ एशियन लोगों के साथ उनके रंग-रूप और लहजे को लेकर जिस तरह की भेदभाव की बातें दबी जुबान में होती थी. इस डॉक्यूमेंट्री के बाद वह बड़े स्तर पर होने लगी. भारतीय मूल के हरि की इस डॉक्यूमेंट्री में एशियाई मूल के कलाकारों ने स्क्रीन पर आकर शेयर किया कि उन्हें असल जिंदगी में कई मौकों पर अपू कहा गया और अपू के नाम और उसके बोलने के लहजे की नकल करके उन्हें चिढ़ाया जाता रहा.

हरि कोंडाबालू ने इसी डॉक्यूमेंट्री के जरिए अमेरिकी एक्टर हैंक अजारिया को भी घेरना शुरू किया. हैंक ही लंबे समय से अपू के किरदार को आवाज देते रहे. लेकिन विवाद बढ़ा तो उन्होंने अपू से किनारा कर लिया. नतीजा ये हुआ कि 2017 के बाद से अपू को यदा-कदा शो में आते-जाते दिखाया जाता रहा लेकिन उसे एक भी डायलॉग नहीं दिया गया. वजह थी कि हैंक अजारिया किनारा कर चुके थे. लेकिन अब नौ साल बाद अपू की आवाज शो में फिर गूंजी. भारतीय मूल के वॉइस आर्टिस्ट सुनील मल्होत्रा ने अपू को आवाज दी.
लेकिन दर्शकों के लिए सरप्राइज पैकेज ये रहा कि शो ने लंबे समय तक पर्दे पर अपू के खामोश रहने की वजह बताते हुए उसकी कहानी को भी शामिल किया है. एपिसोड में अपू की वापसी एक सरप्राइज के तौर पर सामने आती है.
18 अक्टूबर को टेलीकास्ट द सिंपसन के नए एपिसोड में अपू एक डरावने किरदार ‘डैफ्ट मॉन्क’ के भेष में सामने आता है. कहानी में स्प्रिंगफील्ड के लोग उसे बार-बार मारने की कोशिश करते हैं. बाद में वह शहर के लोगों के सामने अपना हेलमेट उतारता है और कहता है कि उन्होंने उसे मरने के लिए छोड़ दिया और ऐसा बर्ताव किया, जैसे उसका कभी कोई अस्तित्व ही नहीं था.
दरअसल अपू की ये शिकायत शो के अपने रवैये पर भी कटाक्ष है. अपू बताता है कि वह अपने परिवार और अपनी दुकान क्विक ई-मार्ट के पास लौटा तो सब कुछ वीरान था. शहर में घूमने पर भी किसी ने उसे नोटिस नहीं किया. यह कहानी उस वास्तविक स्थिति की ओर इशारा करती है, जिसमें शो ने विवाद के बाद अपू को लगभग आठ-नौ साल तक बोलने का मौका नहीं दिया. मार्ज उससे माफी मांगती है और कहती है कि वे सही कदम उठाना चाहते थे, लेकिन समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें.

हरि कोंडाबालू ने अपनी डॉक्यूमेंट्री के जरिए एक और असहज स्थिति की ओर ध्यान दिलाया. उनका कहना था कि ये दुर्भाग्य है कि एक अमेरिकी शो में भारतीय किरदार को गैर भारतीय शख्स इतने वर्षों से अपनी आवाज देता आया है. क्या मेकर्स को एक अदद साउथ एशियाई वॉयस आर्टिस्ट नहीं मिला जो इस किरदार को अपनी आवाज दे पाता. उनका कहना था कि अपू का उच्चारण और उसका स्टोर चलाने वाले भारतीय प्रवासी के तौर पर उसका सीमित चित्रण दक्षिण एशियाई लोगों को रूढ़िवादी छवि में बांधता है.
कोंडाबालू के बयान ने अमेरिका में उस समय एक बड़ी बहस छेड़ दी थी, जिसेक बाद हैंक अजारिया पीछे हट गए और अब जब लगभग दस साल बाद अपू की शो में असल मायने में वापसी हुई है तो भारतीय-अमेरिकी वॉयस एक्टर सुनील मल्होत्रा उन्हें अपनी आवाज दे रहे हैं. शो में अपू की पत्नी मंजुला की आवाज भी भारतीय-अमेरिकी अभिनेत्री जनीना गावंकर ने दी है