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जेल जाने से पहले करवाया प्रेग्नेंसी टेस्ट, तिहाड़ में 4 महीने काटी रातें, अब एक्ट्रेस का छलका दर्द

मनी लॉन्ड्रिंग केस में घिरीं एक्ट्रेस संदीपा विर्क ने अपना दर्द शेयर किया है. उन्होंने तिहाड़ जेल के अंदर के एक्सपीरियंस बताए हैं. साथ ही ये भी बताया कि न्याय मिलने से पहले ही आपको अपराधी बना दिया जाता है.

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एक्ट्रेस संदीपा विर्क (Photo: Instagram/ @sandeepavirk)
एक्ट्रेस संदीपा विर्क (Photo: Instagram/ @sandeepavirk)

बॉलीवुड एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं. करीब 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में फंसी संदीपा को 4 महीने तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे. हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में जेल का एक्सपीरियंस शेयर किया है.

संदीपा का कहना है कि सलाखों के पीछे जाने से पहले ही समाज और सिस्टम आपको अपराधी मान लेता है, और वहां जो 'चेकिंग' के नाम पर होता है, वह किसी भी इंसान की गरिमा को तार-तार करने के लिए काफी है.

संदीपा विर्क ने क्या कहा?
Jyotsna Bedi के पॉडकास्ट में संदीपा ने तिहाड़ जेल के अंदर की उस सच्चाई से पर्दा उठाया है, जो अक्सर आम लोगों की नजरों से छिपी रहती है. उन्होंने बताया कि जेल में एंट्री के वक्त होने वाली चेकिंग और प्रोसीजर इतने अपमानजनक होते हैं कि इंसान को अपनी गरिमा खत्म होती महसूस होती है. एक्ट्रे्स ने कहा, 'जेल के अंदर आने वाली महिलाएं जिनके ब्रेस्ट के साइज बड़े होते हैं, वहां उसे उठाकर चेक किया जाता है कि कहीं इसके नीचे कुछ छिपाया तो नहीं.' 

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एक्ट्रेस ने कहा, 'कई लोगों ने मुझसे कहा कि क्यों तुम ये सब बातें बता रही हो कि जेल के अंदर तुम्हारे साथ क्या हुआ. अब मैं किसी से डरने वाली थोड़ी हूं. मैं क्यों ना बताऊं? वहां अलग-अलग ड्यूटी पर रहने वाली मैडम भी बहुत बदतमीजी से बात करती हैं. कुछ अच्छे होते हैं लेकिन ज्यादातर काफी रूड होती है. मैं काफी फेस करके आ गई हूं, इससे ज्यादा मेरे साथ मुझे नहीं लगता, लाइफ में कुछ बुरा होगा.'

मेडिकल जांच तक का दर्द
संदीपा ने उन पलों को भी याद किया जब उन्हें उनके घर से जेल के लिए ले जाया गया था. उन्होंने बताया कि अपमानजनक मेडिकल जांचों से गुजरना और अजनबियों के बीच असंवेदनशील व्यवहार का सामना करना कितना मुश्किल था. एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे मेरे घर से पकड़कर पहले दीन दयाल हॉस्पिटल लेकर गए. वहां जाकर प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया. रात के वक्त मुझे लेकर गए और वहां नए-नए छोटी उम्र के लड़के जो डॉक्टर बनने के लिए आए होते हैं, वो बोलते हैं, प्रेग्नेंसी टेस्ट कर दो. ये बहुत शर्मिंदगी भरा था. आपको काफी गंदे तरीके से देखा जाता है.'

एक्ट्रेस के मुताबिक  यह सिर्फ 'सिस्टम' की बात नहीं थी, बल्कि यह अपनी सेल्फ-रिस्पेक्ट खोने जैसा था.  संदीपा पूछती हैं कि आखिर क्यों न्याय होने से पहले ही किसी की पहचान एक मुजरिम के तौर पर तय कर दी जाती है?

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