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'इश्तहार से पता चला मैं दिलीप कुमार हूं...', जब सुपरस्टार ने पिता के डर से बदला था नाम

दिलीप कुमार ने बताया कि मुझे डर था कि अगर उन्हें पता चल गया कि मैं फिल्मों में आ गया हूं तो वे बहुत नाराज होंगे. उस समय मेरे लिए दो-तीन नाम सुझाए गए थे. यूसुफ खान, दिलीप कुमार और बासुदेव. मैंने खुद कहा था कि बस यूसुफ खान मत रखिए, बाकी कोई भी नाम चलेगा

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दिलीप कुमार ने किसके डर से बदला था नाम. (Photo: PTI)
दिलीप कुमार ने किसके डर से बदला था नाम. (Photo: PTI)

हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार दिलीप कुमार किसी परिचय के मोहताज नहीं है. उनके निधन के वर्षों बाद आज भी उनके चाहने वाले उन्हें याद करते हैं. किसी से छिपा हुआ नहीं है कि दिलीप कुमार का असली नाम यूसुफ खान था लेकिन फिल्मों में एंट्री के साथ ही उन्होंने अपना स्क्रीन नाम बदलकर दिलीप कर लिया. उनके नाम बदलने का एक दिलचस्प किस्सा आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

1970 के दशक के एक इंटरव्यू के मुताबिक, दिलीप कुमार बताते हैं कि मैंने पीटे जाने के डर की वजह से अपना नाम बदलकर दिलीप कुमार कर लिया था. मेरे वालिद फिल्मों में जाने के सख्त खिलाफ थे. उनके करीबी दोस्त लाला बशेशर नाथ का बेटा पृथ्वीराज पूर भी फिल्मों में काम कर रहा था. मेरे वालिद अक्सर बशेशरनाथ से कहते थे कि तुमने ये क्या कर दिया है? अपने नौजवान बेटे को देखो, वो क्या काम कर रहा है.इसलिए जब मेरी फिल्मों में एंट्री हुई तो मैं डर गया. मुझे आलोचना का डर था. मेरे वालिद लाला गुलाम सरवर अली खान पठाने थे और काफी गुस्सैल किस्म के थे.

दिलीप कुमार ने बताया कि मुझे डर था कि अगर उन्हें पता चल गया कि मैं फिल्मों में आ गया हूं तो वे बहुत नाराज होंगे. उस समय मेरे लिए दो-तीन नाम सुझाए गए थे. यूसुफ खान, दिलीप कुमार और बासुदेव. मैंने खुद कहा था कि बस यूसुफ खान मत रखिए, बाकी कोई भी नाम चलेगा. करीब दो-तीन महीने बाद जब मैंने एक विज्ञापन में अपना नाम देखा तब मुझे पता चला कि अब मेरा नाम दिलीप कुमार रख दिया गया है.

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दिलीप कुमार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी The Substance and the Shadow में बताया है कि लेजेंड्री एख्टर और बॉम्बे टॉकीज प्रोडक्शन हाउस की मालिक देविका रानी ने दिलीप कुमार नाम सुझाया था. दिलीप की पहली फिल्म ज्वार भाटा देविका के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले ही बनी थी. उन्हें लगता था कि दिलीप कुमार नाम एक्टर की रोमांटिक ऑनस्क्रीन इमेज पर खूब फबेगा. 

दिलीपी ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ने बताया कि देविका रानी ने मुझसे बिल्कुल सहज अंदाज़ में कहा था कि यूसुफ, मैं तुम्हें जल्द ही एक अभिनेता के रूप में लॉन्च करने की तैयारी कर रही हूं. मुझे लगता है कि अगर तुम एक स्क्रीन नेम अपना लो, तो यह अच्छा रहेगा. ऐसा नाम, जिससे लोग तुम्हें पहचानें, जिससे दर्शक आसानी से जुड़ सकें और जो उस रोमांटिक छवि के अनुरूप हो. मुझे लगता है कि दिलीप कुमार अच्छा नाम है. यह अचानक ही मेरे दिमाग में आ गया. तुम्हें यह कैसा लगता है?

बता दें कि देविका रानी का यह फैसला ऐतिहासिक साबित हुआ. दिलीप कुमार आगे चलकर हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार बने. 2022 में 98 वर्ष की आयु में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

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