
साल 2015 में आई अजय देवगन और तब्बू की फिल्म ‘दृश्यम’ ने बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि लोगों के दिमाग में भी अपनी अलग छाप छोड़ी थी. फिल्म की पूरी कहानी जिस एक मौत के इर्द-गिर्द घूमती है, वो था समीर देशमुख यानी ‘सैम’. सैम की मौत के बाद विजय सलगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए ऐसी कहानी रचता है कि पुलिस से लेकर सैम के माता-पिता तक उलझकर रह जाते हैं. अब फ्रेंचाइजी की कहानी ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ तक पहुंच चुकी है, लेकिन सैम का किरदार आज भी लोगों को याद है.
दृश्यम के आखिरी पार्ट तक IG मीरा देशमुख के मन में एक ही सवाल परेशान करता है कि उनका बेटा सैम अगर मर चुका है तो उसकी बॉडी कहां हैं. हालांकि दर्शकों को इसका जवाब मिल चुका है. लेकिन समीर के पेरेंट्स अभी भी अंधेरे में हैं.
सैम का रोल निभाने वाले एक्टर ऋषभ चड्ढा ने फिल्म में एक अमीर और बिगड़ैल लड़के का किरदार निभाया था. कॉलेज ट्रिप के दौरान वह लड़कियों के साथ बदतमीजी करता है और विजय सलगांवकर की बड़ी बेटी अंजू पर भी बुरी नजर रखता है. इसके बाद वह अंजू का बाथरूम में वीडियो बना लेता है और उसे वायरल करने की धमकी देता है. यही हरकत आगे चलकर उसकी मौत की वजह बनती है.
अंजू ने एक वार किया और खत्म हो गया सैम का खेल
गोवा लौटने के बाद सैम अंजू के घर पहुंचता है और वहां भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता. इसी दौरान वह अंजू की मां नंदिनी के साथ भी बदतमीजी करता है. गुस्से में अंजू उसके सिर पर रॉड मार देती है और सैम की मौके पर ही मौत हो जाती है. जब विजय को इस हादसे के बारे में पता चलता है तो वह अपने परिवार को जेल जाने से बचाने के लिए पूरा खेल पलट देता है.

इसके बाद शुरू होता है ‘दृश्यम’ का वो खेल, जिसमें पुलिस को सैम की लाश तक नहीं मिलती. सैम के माता-पिता बेहद रसूखदार होते हैं और गोवा पुलिस विजय के परिवार पर शिकंजा कसने में कोई कसर नहीं छोड़ती. लेकिन विजय ऐसी-ऐसी घटनाएं और सबूत तैयार करता है कि जांच एजेंसियां बार-बार गलत दिशा में चली जाती हैं.
कौन हैं दृश्यम के ऋषभ चड्ढा?
‘दृश्यम’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले ऋषभ चड्ढा का एक्टिंग करियर काफी पुराना है. मुंबई में 1994 में जन्मे ऋषभ ने महज सैम के किरदार से पहले ही इंडस्ट्री में कदम रख दिया था. उन्होंने 2007 से एक्टिंग की दुनिया में काम करना शुरू किया और फिल्मों के साथ-साथ टीवी और वेब शोज में भी नजर आए.
‘दृश्यम’ से पहले वह सोनम कपूर और फवाद खान की फिल्म ‘खूबसूरत’ (2014) में दिखाई दिए थे. इसके बाद 2018 में उन्होंने ‘लुप्त’ में काम किया. टीवी की दुनिया में भी वह ‘बेस्ट ऑफ लक निक्की’, ‘द सुइट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर’ और ‘आदत से मजबूर’ जैसे शोज का हिस्सा रहे हैं. वेब सीरीज ‘डिवोर्स के लिए कुछ भी करेगा’ में उन्होंने लीड रोल भी निभाया.
दो साल से फिल्मों से दूर, अब ये काम कर रहे हैं ऋषभ
‘दृश्यम’ में सैम का किरदार भले ही कुछ समय के लिए स्क्रीन पर रहा हो, लेकिन इस रोल ने ऋषभ चड्ढा को ऐसी पहचान दी जो आज भी उनके साथ जुड़ी हुई है. हालांकि पिछले करीब दो साल से उन्होंने कोई नया एक्टिंग प्रोजेक्ट साइन नहीं किया है.
अब ऋषभ पर्दे के बजाय लाइव ऑडियंस के बीच अपनी कला दिखा रहे हैं. वह ‘मॉडर्न मजनू’ नाम से स्टोरीटेलिंग और पोएट्री इवेंट्स करते हैं, जहां वह लोगों के सामने कहानियां और कविताएं पेश करते हैं. इन लाइव शोज का आयोजन अलग-अलग तारीखों पर होता है और दर्शक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इनके टिकट बुक कर सकते हैं.
11 साल बाद भी याद है ‘सैम’ का किरदार
‘दृश्यम’ में ऋषभ चड्ढा का स्क्रीन टाइम भले ही ज्यादा नहीं था, लेकिन सैम की मौत ही पूरी कहानी का सबसे बड़ा ट्रिगर बनी. विजय सलगांवकर का परिवार जिस मुसीबत में फंसा, उसकी शुरुआत इसी एक घटना से हुई थी. यही वजह है कि सालों बाद भी ‘सैम’ का किरदार ‘दृश्यम’ की कहानी के सबसे चर्चित किरदारों में गिना जाता है.
अब फ्रेंचाइजी की कहानी अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है, लेकिन सैम की मौत और विजय सलगांवकर का बनाया हुआ पूरा खेल आज भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.