हाल ही में एक्टर संजय दत्त, शेखर सुमन के शो 'शेखर टूनाइट' के गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड में शामिल हुए. वहां उन्होंने देश के हालात पर बात करते हुए कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी 'शांति' महसूस नहीं होती. उनकी इस बात पर सोशल मीडिया पर आलोचना होने लगी, जिसके बाद दत्त ने साफ किया कि उनकी बातें एक स्क्रिप्टेड बातचीत का हिस्सा थीं, जिसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया अंदाज रखना था.
हालांकि अब ये बात राजनीतिक गलियारों में भी पहुंच गई. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भारत में शांति की कमी के बारे में अभिनेता संजय दत्त की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा है कि सुरक्षा को लेकर अभिनेता की चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
कांग्रेस नेता ने क्या कहा?
पटोले ने कहा, 'हां, यहां हर कोई असुरक्षित है. भारत जैसे महानगर में, जहां हर जगह के लोग रहते हैं, लोग असुरक्षित महसूस करते हैं. यहां रोज हत्याएं हो रही हैं. इसलिए, यह स्वाभाविक है कि वहां के कलाकार असुरक्षित महसूस करेंगे. उन्हें धमकियां मिलती हैं. उन्होंने जो कहा, वह गलत नहीं है. राज्य और केंद्र सरकार को यह समझना चाहिए कि अगर मशहूर हस्तियां भी सुरक्षित नहीं हैं, तो इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए.'
बीजेपी नेता ने साधा निशाना
कांग्रेस जहां संजय दत्त के बयान का सपोर्ट कर रहे हैं तो वहीं BJP MLC परिणय फुके ने कहा, 'संजय दत्त ठीक से सोच नहीं पा रहे हैं; उन पर उम्र का असर दिखने लगा है. उन्होंने शराब के कई ब्रांड लॉन्च किए हैं, जिनका शायद उन पर बुरा असर पड़ रहा है. हो सकता है कि उन्हें पाकिस्तान या यरवदा जेल में शांति मिलती हो- अगर ऐसा है, तो उन्हें बस वहीं चले जाना चाहिए.'
शेखर सुमन ने किया बचाव
वहीं अब शेखर सुमन ने इस आलोचना पर रिएक्शन दिया है और एक्टर के समर्थन में सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि दत्त की बातें सकारात्मक सोच के साथ कही गई थीं और उन्हें संदर्भ से हटकर नहीं देखा जाना चाहिए.
शेखर ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा, 'संजय दत्त के मन में हमारे देश और देशवासियों के लिए बहुत सम्मान है. उन्होंने जो कहा, वह पूरी तरह से बे-हानिकारक और बहुत सकारात्मक तरीके से कहा गया था. उन्हें ऐसी बातों के लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए या बदनाम नहीं किया जाना चाहिए जो उन्होंने कभी कहीं ही नहीं या जिनका वह मतलब नहीं रखते थे. मैं उन्हें बरसों से जानता हूं; वह एक अच्छे इंसान हैं जो अपने देश से प्यार करते हैं और उसके प्रति बहुत सम्मान रखते हैं.'
संजय दत्त का आया रिएक्शन
वहीं उनके बयान के विवाद होने के बात बीती रात संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके इस विवाद पर अपनी बात रखी थी. एक्टर ने साफ किया कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और कहा कि उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना या किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था का अनादर करना नहीं था.
संजय दत्त ने अपनी मशहूर 'मुन्ना भाई' फिल्मों से जुड़े हास्य और व्यंग्य का भी जिक्र किया, खासकर 'गांधीगिरी' के कॉन्सेप्ट का, जो प्यार, अपनापन, एकजुटता और सद्भावना को बढ़ावा देता है.
उन्होंने कहा, 'मेरी बातें एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में कही गई थीं, जिसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया अंदाज रखना था.' उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से उनकी बातों का मतलब उनके असल संदर्भ से हटकर निकाला गया.
आखिर क्या था पूरा मामला?
शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टूनाइट' में संजय ने गांधी जयंती के दिन 'मुन्ना भाई MBBS' वाले अपने किरदार के अंदाज में मजाकिया ढंग से ये बातें कहीं थी. उन्होंने देश के हालात पर बात की और बताया कि उन्हें अब भारत में पहले जैसा सुकून क्यों महसूस नहीं होता? उन्होंने कहा, 'इस देश के लोग बहुत अच्छे हैं. यहां शांति होनी चाहिए. मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती. हम भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमान-नवाज लोग हैं. हमने बहुत कुछ दिया है और हमें हमेशा ऐसा ही बने रहना चाहिए. मैं शिवजी से प्रार्थना करता हूं कि वो दिन जल्द ही वापस आएं.'
वहीं शो के एक और हिस्से में, संजय से कहा गया कि वे पांच मिनट के लिए खुद को प्रधानमंत्री मानकर देश की जनता से कुछ कहें. इसके बाद एक्टर ने 'मुन्ना भाई' वाले अंदाज में अपनी बात कही. संजय ने देश के प्रधानमंत्री होने का नाटक किया, और यहां तक कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर एक परोक्ष मजाक भी शामिल किया.
उन्होंने कहा, 'इतना बड़ा देश है, इतने सारे लोग हैं और अब उन सभी की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. लेकिन आप लोगों को बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. मैं इस खुशी का जश्न मनाने के लिए विदेश नहीं जा रहा हूं. मैं यहीं रहूंगा, आप सभी के बीच. नहीं तो पीएम और लोगों के बीच कनेक्शन कैसे बनेगा? लेकिन आप लोगों को बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. मैं इस खुशी का जश्न मनाने के लिए विदेश नहीं जा रहा हूं. मैं यहीं आप सभी के बीच रहूंगा. नहीं तो कैसे रहूंगा.'
बता दें कि संजय दत्त के पास UAE का 10 साल का गोल्डन वीजा है और उनका परिवार पत्नी मान्यता दत्त और जुड़वां बच्चे शहरान और इकरा दुबई में रहते हैं. वह काम के सिलसिले में मुंबई और दुबई के बीच आते-जाते रहते हैं.