वाराणसी में सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना के बाद पुलिस ने अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. इसी कड़ी में लंका पुलिस ने सामनेघाट की शिवाजी नगर कॉलोनी स्थित एक मकान में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में 55 वर्षीय विमलकांत झा और 22 वर्षीय अमन मिश्रा शामिल हैं. विमलकांत झा मुठभेड़ में घायल हुए 24 वर्षीय अंजनी झा के पिता हैं. अमन मिश्रा वाराणसी के डाफी स्थित अशोकपुरम कॉलोनी का रहने वाला है. पुलिस को मकान से बड़ी संख्या में तैयार और अधबने हथियार, कारतूस, मैगजीन और असलहा बनाने के उपकरण मिले हैं.
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पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालन अंजनी चंद्र झा करता था. उसके पिता विमलकांत झा भी इस धंधे में शामिल थे. मकान में न सिर्फ हथियार तैयार किए जाते थे, बल्कि उनके अलग-अलग हिस्से भी बनाए जाते थे. बाद में इन्हें जोड़कर तैयार असलहों की शहर के विभिन्न इलाकों में बिक्री की जाती थी.
फैक्ट्री से 3 देसी पिस्टल, 19 अधबने हथियार और 143 कारतूस बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन तैयार देसी पिस्टल, 19 अधबने तमंचे और पिस्टल, छह मैगजीन तथा 143 कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा असलहा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिले हैं. पुलिस के मुताबिक, मौके से कुल 61 तरह के सामान बरामद किए गए हैं.
यह कार्रवाई 30 अक्टूबर की रात नरिया-सुंदरपुर मार्ग स्थित आशुतोष नगर में हुई फायरिंग की घटना के बाद की जा रही है. यहां लंका पुलिस की क्राइम टीम असलहा तस्करों को पकड़ने पहुंची थी. इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी. गोलीबारी में सिपाही अमित शुक्ला को तीन गोलियां लगी थीं.
घायल सिपाही को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था. घटना के बाद पुलिस ने अभियान चलाकर अलग-अलग मुठभेड़ों में राज विश्वकर्मा, अंजनी झा और राजू तिवारी को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई से जुड़े ठिकानों की तलाश शुरू की.
फैक्ट्री पर दबिश के दौरान भी पुलिस टीम पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, सामनेघाट में अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए पहुंची टीम पर आरोपियों ने दोबारा फायरिंग की थी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने विमलकांत झा और अमन मिश्रा को गिरफ्तार किया. जांच में सामनेघाट स्थित मकान में अवैध असलहा फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी मिली.
अब इस बरामदगी के बाद पुलिस हथियारों के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री तक के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्ट्री में कौन-कौन लोग शामिल थे और तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे.
भेलूपुर, लंका से बिहार तक होती थी हथियारों की सप्लाई
ADCP काशी वैभव बांगर ने बताया कि इस अवैध असलहा कारोबार से तैयार हथियारों की सप्लाई वाराणसी के भेलूपुर और लंका क्षेत्र के अलावा बिहार में भी की जाती थी. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है.
सिपाही अमित शुक्ला पर हमले के बाद सामने आई इस फैक्ट्री ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के नेटवर्क की जांच को नई दिशा दे दी है. पुलिस हथियारों की सप्लाई, बिक्री और कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है.