एक्टर-फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में हाल ही में की गई कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों पर कड़ा रिएक्शन दिया है. यह रिएक्शन ऐसे समय आया है, जब रितेश खुद शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित एक भव्य फिल्म लेकर आ रहे हैं.
गौरतलब है कि रितेश देशमुख जो खुद को महाराज का कट्टर भक्त मानते हैं, इस टिप्पणी से इतने आहत हुए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर बाबा को कड़े शब्दों में आइना दिखाया.
रितेश देशमुख ने क्या कहा?
रितेश देशमुख ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर मराठी में एक पोस्ट किया. उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि जब कोई हमारे आराध्य देव के बारे में इस तरह की मनगढ़ंत और अपमानजनक बातें करता है, तो एक शिव-भक्त होने के नाते खून खौलना लाजमी है. रितेश ने दो टूक शब्दों में कहा, 'शिवाजी महाराज की विरासत को कमतर दिखाने की ऐसी बेकार कोशिशें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. कोई भी आकर कुछ भी बकवास नहीं कर सकता.'
एक्टर ने आगे लिखा, 'उन्हें किसी सीमित दायरे में बांधने के ऐसे व्यर्थ प्रयास, समय के गर्भ में ही समा जाएंगे. लेकिन जिस तरह सह्याद्री की पर्वतमालाएं लाखों वर्षों से अस्तित्व में हैं, ठीक उसी तरह 'वह' एक नाम भी भविष्य में करोड़ों वर्षों तक अमर रहेगा. और वह नाम है...प्रताप पुरंदर... क्षत्रिय कुल-भूषण... सिंहासन के स्वामी... सम्राटों के भी सम्राट... धन्य राजशिव छत्रपति महाराज.'
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था?
पूरा मामला नागपुर के एक समारोह से शुरू हुआ, जहां कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते पूरी तरह थक गए थे. बाबा ने अपने भाषण में कहा, 'एक दिन महाराज अपने गुरु रामदास स्वामी के पास गए, अपना मुकुट उनके चरणों में रखा और कहा कि मैं अब और नहीं लड़ना चाहता, मैं बहुत थक गया हूं. आप ही इस राज्य को संभालें.' बाबा के इसी दावे को इतिहास से छेड़छाड़ माना जा रहा है, क्योंकि शिवाजी महाराज के अनुयायियों का कहना है कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी और न ही वह कभी 'थके' थे.
विवाद के बाद मांगी माफी
वहीं इस पूरे विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली है. कथावाचक ने कहा, 'कल से, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मेरे बयान को अलग तरीके से पेश किया है. हमें इससे गहरा दुख और खेद है. आज इस देश में जो भी सनातनी जीवित है, अगर वह हिंदुत्व के प्रति समर्पित है, तो इसका सबसे बड़ा श्रेय छत्रपति वीर शिवाजी महाराज को जाता है. हमें इस बात का दुख है कि जो लोग छत्रपति वीर शिवाजी का आदर करते हैं, वे हमारे ही लोग हैं। हम भी छत्रपति शिवाजी में विश्वास रखते हैं, और वे भी उनमें विश्वास रखते हैं. अगर हम आपस में ही झगड़ेंगे, तो दूसरों को मौका मिल जाएगा... अगर किसी को इससे ठेस पहुंची है, तो हम तहे दिल से माफी मांगते हैं.
शिवाजी महाराज बने रितेश
वर्क फ्रंट की बात करें तो रितेश देशमुख इन दिनों अपनी ऐतिहासिक फिल्म 'राजा शिवाजी' की रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं. इस फिल्म में वह खुद छत्रपति शिवाजी महाराज का मुख्य किरदार निभा रहे हैं. फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, जो महाराज के शुरुआती जीवन और 'स्वराज्य' की स्थापना के संघर्ष को दिखाएगी.