
रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर फिल्म रामायण रिलीज हो चुकी है. फिल्म को उसकी कहानी और अभिनय के लिए तारीफें मिल रही हैं. हीं कुछ लोग एक ऐसे सीन की आलोचना कर रहे हैं, जिसमें साई पल्लवी को माता सीता के रूप में जंगल में भगवान राम के साथ राक्षसों से लड़ते दिखाया गया है. सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यह तथ्यों में बदलाव है, क्योंकि उनका मानना है कि सीता ने कभी भगवान राम के साथ कोई युद्ध नहीं लड़ा.
फिल्म के इस सीन पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने कहा, रामायण से एक और धोखा, या कहूं तो ‘स्कैमयाण’. हम यहां सीता मां को लड़ते देख रहे हैं, जो श्री राम की खर-दूषण की 14,000 राक्षसों की सेना से लड़ने में मदद कर रही हैं, जबकि शास्त्रों के अनुसार श्री राम ने उन सभी से अकेले लड़ाई लड़ी थी. इस दौरान उन्होंने लक्ष्मण और सीता मां को वहां से दूर भेज दिया था.
दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि अरे, भगवान राम ने पूरी सेना से अकेले लड़ाई लड़ी थी. रामायण में उस युद्ध का वर्णन बेहद कठोर है. वो उन राक्षसों के खून से लथपथ थे. माता सीता स्त्री-स्वभाव की थीं और भगवान राम कभी उन्हें युद्धभूमि में जाने नहीं देते थे.
अन्य ने कहा कि भगवान राम ने सूर्पणखा के भाई खर द्वारा बदला लेने के लिए भेजी गई 14,000 राक्षसों की सेना को हराया था. राम ने अकेले पूरी राक्षस सेना को हराया था. #रामायण फिल्म में इस तथ्य को बिगाड़कर सीता को भी राम के साथ लड़ते दिखाया गया है. यह सब आपकी मर्जी है क्या?
क्या सच में मां सीता ने लड़ा था युद्ध?
तो असली कहानी क्या है? क्या सीता ने कभी कोई युद्ध लड़ा? ग्रंथों में क्या लिखा है. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, 14 साल के वनवास के दौरान सीता ने राम के साथ किसी भी राक्षस-युद्ध में भाग नहीं लिया. लक्ष्मण ने सूर्पणखा को हराया था. राम और लक्ष्मण ने राक्षस विराध से युद्ध किया था. वहीं राम ने अकेले ही खर और दूषण के साथ उनकी पूरी सेना का सामना किया था.

अद्भुत रामायण में सीता को देवी शक्ति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति के रूप में दिखाया गया है. इस ग्रंथ के अनुसार, जब राम को सहस्र रावण से हार का सामना करना पड़ता है, तो सीता महाकाली में बदलकर स्वयं राक्षस से युद्ध करती हैं. हालांकि अद्भुत रामायण में सीता को एक योद्धा रूप में दिखाया गया है, लेकिन घटनाओं का क्रम भी अलग है.