प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि 'हनुमान अंश' को 100 करोड़ रुपये की OTT डील मिली है. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ अफवाहें हैं क्योंकि फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है. उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह भक्ति-प्रधान फिल्म जो नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित है - बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है.
हाल ही में एक इंटरव्यू में सोना ने कहा कि अभी उनका ध्यान इस बात पर है कि दर्शक फिल्म देखें, न कि किसी डिजिटल ऑफर पर. उन्होंने कहा कि टीम ने अभी तक OTT के लिए कोई योजना फाइनल नहीं की है और फिल्म की डिजिटल रिलीज के बारे में कोई भी फैसला सब मिलकर लेंगे और सही समय पर इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे.
प्रोड्यूसर ने क्या कहा?
NDTV के साथ एक इंटरव्यू में इन अटकलों पर बात करते हुए सोना ने कहा, 'ऐसा कुछ भी नहीं है. ये सब अफवाहें हैं. कृपया इन पर ध्यान न दें. आज कितने लोग फिल्म देख रहे हैं, यह मायने रखता है. हमें क्या ऑफर मिल रहा है या कोई प्लेटफॉर्म क्या ऑफर दे रहा है, इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता. हम चाहते हैं कि आप लोग फिल्म को सिनेमाघरों में देखें, उसकी तारीफ करें और उसे पसंद करें.'
सोना ने आगे कहा, 'दर्शक ही फिल्म का प्रचार कर रहे हैं. मैंने ऐसा न तो कभी सुना है और न ही देखा है. यह नीम करौली बाबा का ही चमत्कार है.'
उन्होंने आगे कहा, 'नंबर तो आते-जाते रहेंगे, और मैं अपनी टीम की तरफ से यह साफ कर देना चाहती हूं कि हमारे पास ऐसा कोई ऑफर नहीं है और न ही हम ऐसा कोई ऑफर चाहते हैं. हम जो भी फैसला करेंगे, उस पर टीम के भीतर चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे. आपको जल्द ही इसके बारे में पता चल जाएगा. फिल्म को सिनेमाघरों में देखें क्योंकि हमें भी नहीं पता कि फिल्म OTT पर कब आएगी.'
पहले OTT से रिजेक्शन
सोना की ये बातें डायरेक्टर और प्रोड्यूसर डॉ. विशाल चतुर्वेदी के पहले के कमेंट्स के संदर्भ में हैं, जिन्होंने कहा था कि OTT से रिजेक्शन मिलने के बाद ही वे फिल्म को बड़े पर्दे पर लाने के लिए प्रेरित हुए. इंडिया टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, चतुर्वेदी ने बताया कि वे एक OTT प्लेटफॉर्म पर कहानी सुनाने गए थे, जहां उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास कोई ऐसी भारतीय कहानी है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मायने रखती हो. उन्होंने कहा कि उन्होंने महाराज जी की कहानी इस तरह सुनाई कि वे खुद भावुक हो गए.
चतुर्वेदी ने कहा कि जिस तरह से कहानी को रिजेक्ट किया गया, वह उन्हें अच्छा नहीं लगा. उन्होंने कहा कि इस्तेमाल की गई भाषा अपमानजनक थी - इसलिए नहीं कि उन्हें रिजेक्ट किया गया, बल्कि इसलिए कि उस भाषा से क्या पता चलता था. उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर्स रिजेक्शन के आदी होते हैं, लेकिन जिस तरह से बात कही गई, उससे उन्हें लगा कि रिजेक्ट करने वालों के मन में एक खास नैरेटिव (सोच) थी, और उस नैरेटिव को तोड़ना जरूरी था.
थिएटर में जबरदस्त प्रदर्शन जारी
फिल्म आधिकारिक तौर पर 200 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो गई है और अपने बताए गए 2 करोड़ रुपये के बजट से 100 गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है. नीम करोली बाबा की शिक्षाओं पर आधारित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 'मिर्ज़ापुर: द मूवी' और 'हैवान' जैसी फिल्मों से बेहतर प्रदर्शन किया है.