एक्ट्रेस-पॉलिटिशियन कंगना रनौत अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं. लेकिन हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि उनकी जिंदगी में भी कई तरह के डर और असुरक्षा के पल आते हैं. खासकर राजनीति में आने के बाद से वो कई सवालों से खुद को घिरा पाती हैं. जब वो राजनीतिक काम से बाहर होती हैं तो उन्हें लगता है कि कहीं वो ज्यादा हीरोइन की तरह तो नहीं बिहेव कर रही हैं.
हीरोइन की छवि से डरीं कंगना
इंडिया टुडे से खास बातचीत में कंगना ने अपनी इनसिक्योरिटीज का जिक्र किया. उनसे जब पूछा गया कि क्या आज भी कोई ऐसी चीज है जो उन्हें डराती है. इस पर उन्होंने बेहद ईमानदारी से जवाब दिया कि डर हमेशा कोई बड़ा या असाधारण नहीं होता, बल्कि रोजमर्रा के छोटे-छोटे सवाल भी इंसान को परेशान कर सकते हैं.
कंगना ने कहा- कुछ भी आपको डरा सकता है. ये कोई बहुत बड़ा डर नहीं होता, बल्कि ऐसे सवाल होते हैं कि क्या मैं पर्याप्त अच्छी हूं? उन्होंने बताया कि राजनीति में आने के बाद उनके मन में कई नए सवाल और असुरक्षाएं पैदा हुई हैं. 2024 के लोक सभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से जीतकर संसद पहुंचीं कंगना अक्सर सोचती हैं कि एक राजनेता के तौर पर उन्हें कैसा होना चाहिए.
उन्होंने कहा- क्या मैं अभी भी बहुत ज्यादा हीरोइन जैसी लगती हूं? क्या मैं जरूरत से ज्यादा सजती-संवरती हूं? क्या बिना बाजू वाले कपड़े पहनना ठीक है? क्या लोग मुझे जज कर रहे हैं?
कंगना के मन में उठा सवालों का तूफान
कंगना ने आगे कहा कि वो अक्सर खुद से पूछती हैं कि क्या वो लोगों की उम्मीदों पर खरी उतर रही हैं और क्या उनका व्यवहार सही है. उन्होंने कहा- क्या मैं अच्छी हूं? क्या मेरा तरीका सही है? या फिर मैं अब भी लोगों को सिर्फ एक हीरोइन ही लगती हूं?
मजबूत और आत्मविश्वासी छवि रखने वाली कंगना का मानना है कि नई जिम्मेदारियों के साथ ऐसे सवाल और शंकाएं होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा- हर दिन इंसान के मन में कई तरह के डर और संदेह आते हैं. कोई एक बड़ा डर नहीं होता, लेकिन जब आप कुछ नया कर रहे होते हैं, तो रोज खुद से कई सवाल पूछते हैं.
कंगना की 12 जून को भारत भाग्य विधाता रिलीज होने वाली है. फिल्म 26/11 हमलों के दौरान हीरो बनीं नर्सों और मेडिकल स्टाफ की कहानी को दिखाने का दावा करती है.