गायक दिलजीत दोसांझ का 30 अक्टूबर को होने वाला कॉन्सर्ट तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा. दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अपने पिछले फैसले पर पुनर्विचार किया और आयोजक 'बुकमायशो लाइव' (BookMyShow Live) के साथ बैठक के बाद कॉन्सर्ट के लिए मंजूरी दे दी.
शुक्रवार शाम को सिंगर ने अपने आने वाले शो को लेकर एक वीडियो रील शेयर की. इसमें उन्होंने शो की परमिशन और क्लीयरेंस को लेकर हो रहे हंगामे पर परोक्ष रूप से तंज कसा.
दिलजीत ने फैंस से क्या कहा?
दिलजीत ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, 'मैं ये बोल रहा था कि बन गई रील्स, बन गए ट्वीट्स, हो गई आपके न्यूज़रूम की डिबेट्स. अब मिलते हैं 30 तारीख को दिल्ली में. पहले न्यूज़ पता कर लिया करो, कच्चा धुआं मारे जा रहे हो. कच्चा धुआं मारने से अच्छा है पहले बात पता कर लिया करें.'
उन्होंने आगे कहा, 'ऐवई डिबेट पर डिबेट करने जा रहे हैं, ट्वीट पर ट्वीट करने जा रहे हैं. बहुत बढ़िया दिन है, तो सोचा लाइव आ जाएं. बात भी करनी थी बहुत सारी. रील्स हो रही थी, ट्वीट हो रहे थे, न्यूज रूम की डिबेट चल रही थीं.' उन्होंने यह दोहराते हुए लाइव सेशन खत्म किया कि वे 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में अपने फैंस से मिलेंगे, जिससे कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया.
क्या था पूरा मामला
गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले इस कॉन्सर्ट के लिए परमिशन देने से इनकार कर दिया था. इसके पीछे सुरक्षा संबंधी खतरे, सुरक्षा चिंताओं और त्योहारों के सीजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों का हवाला दिया गया था.
कॉन्सर्ट से एक हफ्ते पहले, शुक्रवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'आयोजकों के साथ बैठक और पुनर्विचार के बाद, हमने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट के लिए अनुमति दे दी है.'
इससे पहले दिन में, इवेंट आयोजक 'बुकमायशो लाइव' ने एक बयान में कहा कि जो अनुमति 'अस्थायी रूप से रोक दी गई थी', उस पर अब पुनर्विचार किया गया है और उसे जारी कर दिया गया है''
'यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी खबरें गलत हैं जिनमें कहा जा रहा है कि 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाला दिलजीत दोसांझ का 'ऑरा इंडिया टूर' (AURA India Tour) कॉन्सर्ट रद्द हो गया है. इवेंट के लिए अनुमति को केवल कुछ समय के लिए रोका गया था, रद्द नहीं किया गया था. इन दोनों बातों को एक समझने की गलती न करें.'
'त्योहारों की भीड़-भाड़' के अलावा, अनुमति न देने का एक और कारण 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली के कई स्कूलों को मिला एक फर्जी बम की धमकी वाला ईमेल था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे ही एक ईमेल में छात्रों को 30 अक्टूबर को दोसांझ के कॉन्सर्ट में न जाने की चेतावनी दी गई थी.
इस फर्जी ईमेल में खालिस्तान-समर्थक नारे भी लिखे थे. यह ईमेल छह स्कूलों को मिला था, जिनमें द ब्रिटिश स्कूल, माउंट कार्मेल, अहलकॉन इंटरनेशनल स्कूल और अहलकॉन पब्लिक स्कूल शामिल हैं.
AAP ने फैसले की आलोचना की
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली सरकार और दिल्ली पुलिस पर 'बहादुर पंजाबियों' के खिलाफ 'पक्षपात' करने का आरोप लगाया है.
भारद्वाज ने 'X' पर आरोप लगाया, 'दिलजीत दोसांझ जैसे असली नायकों ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और छात्रों के खिलाफ पुलिस की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई. सरकार ऐसे बहादुर पंजाबियों के प्रति पक्षपाती है. इससे पहले भी सरकार ने उनकी फिल्म 'सतलुज' पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो उग्रवाद के दौर में पंजाब पुलिस के अत्याचारों पर आधारित थी.'