बॉलीवुड के किंग ऑफ कॉमेडी कहे जाने वाले दिग्गज डायरेक्टर डेविड धवन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. यह फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. लेकिन इस बड़ी रिलीज से पहले, डेविड धवन के शानदार सिनेमाई सफर और उनके करियर का जश्न मनाने के लिए एक बेहद खास 'डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल' का आयोजन किया गया है.
पीवीआर आईनॉक्स (PVR INOX) की तरफ से आयोजित इस फेस्टिवल की शुरुआत 22 मई से हो चुकी है, जिसमें डेविड धवन की सुपरहिट फिल्में जैसे 'पार्टनर', 'मुझसे शादी करोगी', 'राजा बाबू' और 'आंखें' को एक बार फिर बड़े पर्दे पर रिलीज किया गया है. इसी बीच, उनकी कल्ट क्लासिक फिल्म 'आंखें' से जुड़ा एक ऐसा मजेदार और हैरान करने वाला किस्सा दोबारा चर्चा में आ गया है, जिसे जानकर हर कोई दंग है.
दरअसल, इस फिल्म के असली स्टार गोविंदा या चंकी पांडे नहीं, बल्कि एक बंदर था, जिसकी फीस और ठाट-बाठ इन दोनों सुपरस्टार्स से भी कहीं ज्यादा थे.
जानिए फिल्म 'आंखें' का यह मजेदार राज
इस दिलचस्प बात का खुलासा खुद गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर ने 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में किया था. शो के दौरान इन सितारों ने फिल्म 'आंखें' के सेट से जुड़ी कई मजेदार और अनदेखी यादें दर्शकों के साथ शेयर कीं. गोविंदा और चंकी पांडे ने खुलकर बताया कि फिल्म के सेट पर उनके मुकाबले उस बंदर को बहुत ज्यादा तवज्जो (पैम्पर) दी जाती थी और उसका ख्याल किसी VIP की तरह रखा जाता था.
गोविंदा और चंकी ने बताया
शो के दौरान जब बातचीत आगे बढ़ी, तो शक्ति कपूर ने चुटकी लेते हुए कहा, 'हमने साथ में एक फिल्म की थी जिसमें ये दोनों हीरो थे. नहीं, असल में फिल्म में तीन हीरोज थे- गोविंदा, चंकी और एक बंदर.' इस पर बात को आगे बढ़ाते हुए चंकी पांडे ने हंसते हुए बड़ा खुलासा किया, 'हां, उसे हमसे कहीं ज्यादा बेहतर फीस दी गई थी.' चंकी की इस बात पर सहमति जताते हुए गोविंदा ने भी मजाकिया लहजे में कहा, 'हमें तो पैसे ही नहीं मिले थे, सारा पैसा वही ले गया था.'
चंकी-बंदर का मजेदार कन्फ्यूजन
शक्ति कपूर ने आगे बंदर के वीआईपी स्टेटस के बारे में बताते हुए कहा कि फिल्म में काम करने वाले उस बंदर को मुंबई के आलीशान और मशहूर 5-स्टार होटल 'सन एंड सैंड' में बकायदा एक कमरा दिया गया था. इसके साथ ही उन्होंने सेट का एक बेहद फनी किस्सा सुनाते हुए कहा, 'डेविड धवन जब भी सेट पर बंदर को आवाज लगाते थे, तो चंकी पांडे दौड़कर आ जाते थे और मजेदार बात यह कि जब डेविड चंकी को बुलाते थे, तो वहां बंदर आकर खड़ा हो जाता था.'
इससे पहले चंकी पांडे ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए अपने एक इंटरव्यू में भी इस बंदर के नखरों और प्रिविलेज पर खुलकर बात की थी. चंकी ने बताया था, 'मुझे शुरुआत में बताया गया था कि फिल्म में मुझे छोड़कर बाकी सबका डबल रोल है. मैंने कहा कि यह तो सरासर गलत बात है. इसलिए मेकर्स ने मुझे पार्टनर के तौर पर एक बंदर दे दिया. लेकिन उस बंदर को मुझसे और गोविंदा से भी ज्यादा पे किया गया था. वह असल में साउथ (दक्षिण भारत) से आया एक बहुत ही महंगा बंदर था, जो अपने 6 असिस्टेंट के साथ बकायदा प्लेन में सफर करके मुंबई आया था. वह वाकई एक बड़ा स्टार था, जिसके कारण सेट पर कई क्रेजी चीजें होती थीं, लेकिन टीम का हर सदस्य उसे बेहद प्यार करता था.'
डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी जलवा
आपको बता दें कि डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी ने 90 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर राज किया है और बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्में दी हैं. इस सुपरहिट जोड़ी के खाते में 'आंखें', 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'साजन चले ससुराल' और 'बड़े मियां छोटे मियां' जैसी कल्ट फिल्में शामिल हैं. वहीं अब दर्शकों को डेविड धवन की अगली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' का बेसब्री से इंतजार है, जो 5 जून को थिएटर्स में धमाल मचाने आ रही है.