सुपरस्टार शाहरुख खान एक मराठी फिल्म को सपोर्ट करने के चक्कर में ट्रोल हो रहे हैं. उन्होंने देऊल बंद 2 फिल्म के DCP (डिजिटल सिनेमा पैकेज) बिल को माफ किया, जिसके बाद ट्रोल्स उनके पीछे पड़े. कई लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर शाहरुख ने एक हिंदू देवता पर आधारित इस फिल्म की क्यों मदद की, जबकि वो मुसलमान हैं.
ये पहला मौका नहीं जब शाहरुख देऊल बंद 2 फिल्म के लिए ट्रोल हुए हों. इससे पहले जब फिल्म के डायरेक्टर प्रवीण तारडे ने सुपरस्टार की दिलदारी का खुलासा एक इंटरव्यू में किया था, तब भी सवाल उठे थे कि आखिर शाहरुख को क्रेडिट क्यों दिया गया. अब एक बार फिर उनपर सवाल उठे, जिसपर फिर से प्रवीण तारडे ने एक्टर का बचाव किया है.
दिलदारी के नाम पर हिंदू-मुसलमान की बहस
पोडकट्टा नाम के पॉडकास्ट में देऊल बंद 2 के डायरेक्टर ने शाहरुख के ट्रोल्स को जवाब दिया- इसमें हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा कहां से आ गया? वो भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और मैं भी. हम उनकी कंपनी के पास इसलिए गए थे क्योंकि हमारे पास सिर्फ 12-13 लाख रुपये थे, जबकि बिल करीब 43 लाख रुपये का था.
'शाहरुख खान ने अपनी टीम से पूछा कि फिल्म कैसी है. टीम ने बताया कि फिल्म बहुत अच्छी है. इसके बाद उन्होंने तुरंत कहा कि पहले फिल्म की DCP दे दो, पैसों की बात बाद में कर लेंगे. फिल्म रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार थी और हमें बकाया रकम चुकानी थी. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि पहले इन्हें DCP दे दो, बिल का हिसाब बाद में कर लेंगे. क्या ये किसी की बड़ी सोच और दरियादिली नहीं है?'
प्रवीण तारडे ने आगे शाहरुख के लिए कहा- अगर कोई इंसान इतने बड़े दिल से हमारी मदद करता है, तो क्या सिर्फ उसकी जाति या धर्म देखकर हम उसकी अच्छाई को नजरअंदाज कर दें? उसकी मदद का शुक्रिया तो बनता है. जहां तक हिंदुत्व की बात है, मुझे किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है. शाहरुख खान का धन्यवाद करने का मेरी हिंदुत्व की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है. अच्छा इंसान, अच्छा इंसान ही होता है.
बता दें कि फिल्म देऊल बंद 2 ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये के आसपास का ग्रॉस कलेक्शन किया है. ये मराठी सिनेमा के इतिहास में एक और सबसे कामयाब फिल्म बनी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई.