सनी देओल की नई फिल्म बंटवारा 1947 इस साल की उन फिल्मों में से एक है, जिनका इंतजार जनता बड़ी बेसब्री से कर रही है. गदर 2, जाट और बॉर्डर 2 की बैक टू बैक कामयाबी के बाद से ही जनता को यह देखने का इंतजार है कि सनी का अगला धमाका क्या होगा. अब सनी की बंटवारा 1947 का टीजर आ गया है, जिसे देखकर लगता है कि यह धमाकेदार फिल्म हो सकती है. आखिरकार सनी देओल एक बार फिर पाकिस्तान से जुड़ी कहानी में नजर जो आ रहे हैं.
फिल्म का टीजर आमिर खान की आवाज में नैरेशन से शुरू होता है, वह भारत-पाकिस्तान के बंटवारे वाले दौर का माहौल बता रहे हैं. सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी से कहानी शुरू होती है, जो एक डरी हुई बूढ़ी महिला के रोल में नजर आ रही हैं. करण देओल और अली फजल के किरदार बंटवारे की हिंसा के बीच फंसे नजर आते हैं.
प्रीति जिंटा का किरदार भी इसी हालात में जूझ रहा है. अभिमन्यु सिंह, हिंसा के लिए उतावली एक भीड़ के लीडर के रोल में हैं और गलियों को खून से रंग देने की बात कर रहे हैं. और तब होती है कहानी के हीरो, सनी देओल की एंट्री. सनी का डायलॉग कि उनका पंगा लेने का 'इरादा तो नहीं है, लेकिन ऐतराज भी नहीं है' बहुत दमदार है. यहां देखें 'बंटवारा 1947' का टीजर:
सनी की फिल्म असगर वजाहत के चर्चित नाटक 'जिस लाहौर नहीं वेख्या, ओ जम्याई नई' पर बेस्ड है. इस नाटक में एक बूढ़ी हिंदू औरत की कहानी थी, जिसका पूरा परिवार बंटवारे की हिंसा में खत्म हो चुका है और वह लाहौर के पुश्तैनी मकान में अकेली रहती है.
इधर बंटवारे में भारत से पाकिस्तान पहुंचे एक मुस्लिम परिवार को सरकार ने वह हवेली अलॉट की है. वह बूढ़ी औरत अपने घर से निकलना नहीं चाहती और इस परिवार को सरकार के लिए इस घर के अलावा कोई दूसरा सहारा नहीं है. और दंगाइयों को खबर मिल चुकी है कि लाहौर के उस घर में एक हिंदू बुढ़िया रहती है.
बंटवारा 1947 इसी नाटक को फिल्म में लेकर आ रही है. फिल्म राजकुमार संतोषी ने डायरेक्ट की है जो सनी के साथ घायल (1990), घातक (1996) और दामिनी (1993) जैसी फिल्में बना चुके हैं. फिल्म के प्रोड्यूसर आमिर खान हैं और कहानी में उनका कैमियो होने की भी चर्चा है. बंटवारा 1947 का टीजर तो दमदार है, देखना है कि 14 अगस्त को थिएटर्स में यह फिल्म क्या कमाल करती है.