दिल्ली की राजनीति में किरण बेदी की एंट्री से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. ईमानदार छवि वाले दो पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, जो कभी सहयोगी आंदोलनकारी भी थे, आज आमने-सामने हैं. किरण बेदी अब दिल्ली की सभी 70 विधानसभाओं में रैली करने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि वह 20 जनवरी से चुनाव प्रचार शुरू करेंगी और रोजाना 5 विधानसभा क्षेत्रों में रैली करेंगी.
Key to 'Make in India' and 'Innovate in India' as said by will happen when 'We-the-'Made-In-India' commit to 'MAKE INDIA'...!
— Kiran Bedi (@thekiranbedi)
Lets Give India our next 3 years, WILLING hard work,innovation, commitment,integrity,next 2 years onwards,~it will start Making us. Pl TRY!.
— Kiran Bedi (@thekiranbedi)
किरण बेदी ने संकेत दिए हैं कि वह नरेंद्र मोदी की तरह ही सोशल मीडिया को भी चुनावी अस्त्र बनाएंगी. शनिवार सुबह भी किरण बेदी ने ट्वीट करके कहा कि अगर हम भारत को अपने तीन साल पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता से दें, तो अगले दो साल के बाद से वह हमारा निर्माण शुरू कर देगा.
किरण का अटैक, केजरीवाल अभी नरम
कभी कांग्रेस-बीजेपी के नेताओं को एक साथ निशाने पर लेने वाले अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी अब एक दूसरे के खिलाफ उतर आए हैं. जहां तक एक दूसरे पर अटैक का मामला है तो किरण बेदी के तेवर जरा तल्ख हैं. लेकिन अरविंद केजरीवाल अब तक किरण बेदी की सीधी आलोचना से बचते नजर आ रहे हैं.
जनलोकपाल आंदोलन के साथी अब सियासी अखाड़े में आमने सामने हैं. जिन मतभेदों पर कभी आदर्श और उसूलों के पर्दे में बात होती थी, वे अब खुलकर सामने आ रहे हैं. किरण बेदी के लिए यह फैसला सिर्फ राजनीति में शामिल होने का ही नहीं था. उन्हें मालूम था कि सीधा मुकाबला अपने पुराने सहयोगियों से होना है. इसलिए वह सीधी आलोचना के लिए कहीं अधिक तैयार दिख रही हैं. पहले दिन तो वह केजरीवाल से जुड़े सवालों की अनदेखी करती रहीं, लेकिन अगले ही दिन उनके तेवर बदल गए. उन्होंने आम आदमी पार्टी नहीं, सीधे-सीधे केजरीवाल का नाम लेकर उनके राजनीतिक तरीकों पर सवाल उठाया.
कौन कर रहा नकारात्मक राजनीति?
उन्होंने कहा, 'वह नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं. मैं सकारात्मक हूं. मैं सूर्य से ऊर्जा लेती हूं. रोज सूर्य नमस्कार करती हूं और बदलाव में यकीन करती हूं. मैं समय की कीमत जानती हूं और मुझे मालूम है कि इसे इनवेस्ट किया जाता है, वेस्ट नहीं.'
किरण बेदी के चुनाव लड़ने और सीएम उम्मीदवार को लेकर औपचारिक फैसला नहीं हुआ है और न ही पार्टी की तरफ से इस बारे में कोई बयान जारी हुआ है. लेकिन ऐसे संकेत जरूर मिल रहे हैं. केजरीवाल से टक्कर को लेकर किरण बेदी ने कहा, 'टक्कर? अब यह टक्कर के बारे में नहीं है. टक्कर एक हादसा है और चुनाव एक चॉइस है. लोग जिसे चुनना चाहते हैं वोट देकर चुनें.'
वहीं, किरण बेदी को लेकर अरविंद केजरीवाल अभी कड़ी आलोचना नहीं कर रहे हैं. उन्होंने किरण बेदी के सियासत में आने का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं. हालांकि इसके बाद उन्होंने जवाब देते हुए यह जरूर कहा कि वह नकारात्मक राजनीति नहीं कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री जी ने रामलीला मैदान से और आज किरण जी और शाजिया ने भी कहा कि हम 'नकारात्मक' राजनीति कर रहे हैं।(1/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
मेरा प्रश्न है- जब देश को लूटने वाले सत्ता में आते हैं तो कोई कुछ नहीं कहता पर जब आम आदमी सत्ता में आने वाला है तो आपको सुहाता नहीं?(2/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
बीजेपी सभी 70 सीटों पर किरण बेदी की रैली का प्लान बना रही है. तय है कि चुनाव से ठीक पहले किरण बेदी का दांव चल कर बीजेपी ने केजरीवाल की चुनौती बढ़ा दी है. दिल्ली के दंगल में अन्ना के दोनों सिपाही अपना-अपना मोर्चा कैसे संभालते हैं, देखना दिलचस्प होगा.