राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है. राज्य की 5 मेयर सीटों में से 4 के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें से पाली, उदयपुर और अलवर में बीजेपी ने जीत हासिल की है. वहीं, बीकानेर में कांग्रेस आगे रही है. कुल 273 सीटों में से 179 सीटों के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें से बीजेपी ने 122 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस के खाते में केवल 53 सीटें आई हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर मेयर चुनाव से पहले नव निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. रविवार देर रात करीब 12 बजे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई, जिसमें करीब दो माह पुरानी FIR से जुड़े मामले में यह राहत दी गई.
राजस्थान के नगर निगम महापौर चुनाव में बीजेपी ने अलवर, उदयपुर, पाली और अजमेर में जीत दर्ज की, जबकि बीकानेर में कांग्रेस विजयी रही. भरतपुर और भीलवाड़ा में बीजेपी ने निर्विरोध जीत हासिल की. अजमेर में कांग्रेस के 37 और बीजेपी के 32 पार्षद होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग के चलते बीजेपी ने जीत दर्ज की.
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों ने राजनीति में Gen Z के बढ़ते प्रभाव की तस्वीर साफ कर दी है. जयपुर में 21 वर्षीय फाईज हसन और 22 वर्षीय सुमन भाटी ने जीत दर्ज की, जबकि अलवर के थानागाजी से 21 वर्षीय नेहा जोशी पार्षद बनीं. भीलवाड़ा में सानिया खानम ने बीजेपी उम्मीदवार को हराकर सबसे कम उम्र की पार्षद बनने का गौरव हासिल किया.
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में जहां बीजेपी ने प्रमुख शहरों में बोर्ड बनाकर बढ़त हासिल की है, वहीं भरतपुर, पाली और झालावाड़ जैसे इलाकों में कांग्रेस व निर्दलीयों ने सेंध लगाई है. इन नतीजों ने जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दीया कुमारी और डोटासरा-पायलट का कद मजबूत किया है, वहीं वसुंधरा राजे और मदन राठौड़ को अपने ही गढ़ में झटका लगा है.
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर नगर पालिका चुनाव में कई बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिले. वार्ड 16 में लगातार 8 बार जीत दर्ज कर चुके दिग्गज नजीर सरवरी को नए चेहरे रईश केजीएन ने हरा दिया. वार्ड 17 में कांग्रेस के मोहम्मद मुजम्मिल शेर ने अपने चाचा और पूर्व पार्षद नसीब दाद पठान को 263 वोटों से शिकस्त दी.
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों ने बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं को सियासी आईना दिखाया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में बीजेपी 20 सीटों पर सिमट गई, जबकि 36 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए. पाली में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के क्षेत्र में भी पार्टी बहुमत से दूर रही. झालावाड़ में कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के प्रभाव वाले क्षेत्र में 29 सीटें जीत लीं. बीकानेर और जोधपुर में भी बीजेपी को झटका लगा.
कोटा नगर निगम चुनाव की मतगणना के दौरान वार्ड 11, 44 और 87 की EVM में तकनीकी खराबी आने के कारण नतीजे अटक गए हैं. अब तक घोषित 97 वार्डों के परिणामों में से बीजेपी ने 55, कांग्रेस ने 38 और निर्दलीयों ने 4 में जीत दर्ज की है.
राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दबदबा देखने को मिला है, वहीं किसान बहुल क्षेत्रों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है.
राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मजबूत राजनीतिक गढ़ झालावाड़ में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. झालावाड़ नगर परिषद चुनाव के घोषित नतीजों में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्डों में शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है.
जयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला. निकाय चुनाव में मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले वार्डों में कांग्रेस व बीजेपी प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मतदान अधिकार के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है. उन्होंने लोगों से पार्टी की विचारधारा, लक्ष्यों और उम्मीदवार की योग्यता को देखकर वोट देने की अपील की. उन्होंने दावा किया कि जनता विकास की राजनीति का समर्थन कर रही है और इस बार BJP की शानदार जीत निश्चित है.
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा. 147 निकायों के 4 हजार 774 वार्डों में वोट पड़ेंगे. इस चरण में जयपुर सहित 6 नगर निगमों में मुकाबला है और इसके नतीजे कई बड़े नेताओं की सियासी साख से भी जोड़कर देखे जा रहे हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी तो कांग्रेस ने सरकार के कामकाज और स्थानीय मुद्दों को लेकर बीजेपी को घेरा है. अब फैसला मतदाताओं के हाथ में है.
राजस्थान में 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के तहत 162 नगरीय निकायों के 5,393 वार्डों के लिए पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच 57 लाख से अधिक मतदाता 20,623 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं.
राजस्थान के 309 शहरी निकाय चुनाव का ऐलान हो गया है. यह चुनाव राज्य में भजनलाल शर्मा सरकार के लिए अग्निपरीक्षा है तो दूसरी ओर, कांग्रेस इसे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और भाजपा के दबदबे को चुनौती देने के बड़े अवसर के रूप में देख रही है.
राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए बीजेपी ने हरीश द्विवेदी को प्रभारी बनाया है, जबकि पांच नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. इन नियुक्तियों को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंजूरी दी है.
राजस्थान में कांग्रेस ने आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में 50 फीसदी टिकट 50 साल से कम उम्र के नेताओं को देने का फैसला किया है. इसकी जानकारी राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष ने दी है.