कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को चुनाव आयोग ने नोटिस थमाया है. आयोग ने सिद्धू को 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है. भोपाल की एक रैली में सिद्धू ने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी जिसे लेकर नोटिस थमाया गया है. सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं. भारत निर्वाचन आयोग के नोटिस के मुताबिक, 30 अप्रैल को बीजेपी की चुनाव आयोग कमेटी के सदस्य नीरज की ओर से एक शिकायत मिली जिसमें 29 अप्रैल को भोपाल की एक जनसभा में सिद्धू की ओर से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया गया है.
जनसभा को संबोधित करते हुए सिद्ध ने कहा था कि 'हिंदुस्तान की सब सरकारी बैंकों के पैसे चुरा कर मोदी साहेब गरीबों को बोलते हैं, अमीरों को बोलते हैं, भागते रहो, भागते रहो...तुमने जम के खाया और तुमने अंबानी को ठोक के खिलाया, खिलाया कि नहीं खिलाया.... ये तुमने 30 हजार करोड़ की घूस ली कि नहीं राफेल में और उड़ाना था राफेल और उड़ा दी फाइल...' सिद्धू ने आगे कहा, 'आए थे तुम 2014 में गंगा के लाल बन के, जब जाओगे तुम 2019 में राफेल के दलाल बन के... क्या बात करते हो नरेंद्र मोदी तुम, तुमसे बड़ा राष्ट्रद्रोही कोई देखा नहीं...जवानों की लाशों पर राजनीति होती है. देश को बांटने की राजनीति होती है...'
Election Commission on statements against PM Modi by Navjot Singh Sidhu in a speech on 29 April in Bhopal: EC has decided to provide opportunity to Navjot Singh Sidhu to submit his explanation, within 24 hrs, failing which EC shall take a decision without further reference to him pic.twitter.com/wtG3TS404B
— ANI (@ANI) May 10, 2019
सिद्धू के इस बयान की शिकायत मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को भेजी गई थी और उनसे जवाब मांगा गया था. सीईओ ने 2 और 9 मई को पत्र भेजकर अपना जवाब दिया जिसमें भाषण की ट्रांसक्रिप्ट भी लगाई गई है. निर्वाचन आयोग ने सिद्धू के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए अगले 24 घंटे के अंदर जवाब तलब किया है.
इससे पहले 30 अप्रैल को चुनाव आयोग ने नवजोत सिंह सिद्धू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए बयान पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. चुनाव आयोग ने गुजरात में बीजेपी के एक कार्यकर्ता नीरज की शिकायत के आधार पर सिद्धू को नोटिस जारी किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू ने 17 अप्रैल को अहमदाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री को 'चोर' कहा था. चुनाव आयोग की ओर से 30 अप्रैल को जारी नोटिस में कहा गया था कि सिद्धू दो मई को शाम छह बजे तक जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो आयोग उन्हें कोई अन्य नोटिस जारी करने पर फैसला लेगा.
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