Deepak Bijalwan
INC
Kedar Singh Rawat
BJP
Manoj Kohli Shyam
AAP
Nota
NOTA
Jagaveer Singh
BSP
Vishal Singh
raup
Ramesh Chand Ramola
UKKD
Vipin
SatBP
संत रविदास की जयंती यानि गुरु पुर्णिमा के दिन बीजेपी समरसता संकल्प अभियान यात्रा की शुरुआत कर रही है. बीजेपी ने इस यात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, उत्तराखंड सहित इस साल होने वाले सात राज्यों में दलित समुदाय को साधने का दांव चला है.
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के झूठ और अफवाहों के कारण एनडीए (NDA) को जो भी आंशिक नुकसान हुआ था, आगामी चुनाव में उसकी धमाकेदार जीत के साथ पूरी भरपाई हो जाएगी.
पीएम मोदी के अगुवाई वाली मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगले साल जिन राज्यों मेें विधानसभा चुनाव है, उन राज्यों को कैबिनेट विस्तार में अहमियत मिल सकती है. इसके अलावा आम आदमी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और टीएमसी के बागी सांसदों को भी क्या जगह मिलेगी?
सत्ताधारी भाजपा जहां अपने विकास कार्यों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस बेरोजगारी, पलायन, पेपर लीक और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को चुनावी हथियार बनाने में जुटी है.
उत्तराखंड के तीन निकाय चुनाव नतीजों में सत्ताधारी भाजपा को केवल एक सीट (नरेंद्रनगर) पर निर्विरोध जीत मिली, जबकि दो पर निर्दलीयों ने बाजी मारी. मुख्यमंत्री धामी के क्षेत्र चंपावत (पाटी) में पवनदीप राजन के जीजा नारायण लाल ने भाजपा उम्मीदवार को पराजित किया.
खराब मौसम और तेज बारिश के कारण राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा रद्द करना पड़ा. अल्मोड़ा की जनसभा समेत कई कार्यक्रम नहीं हो सके. राहुल गांधी ने कहा कि वह जल्द ही फिर उत्तराखंड आकर लोगों से मुलाकात करेंगे.
धामी सरकार के मंत्रियों ने राज्य के विकास और भविष्य के रोडमैप पर अपनी बात रखी. इस चर्चा के दौरान स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि पिछले चार वर्षों में जनता के बढ़ते आत्मविश्वास ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकार सही दिशा में कार्य कर रही है.
उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर 'दलबदल' की बयार तेज हो गई है. नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के दौरान भाजपा और निर्दलीय खेमे के कई दिग्गज चेहरों ने कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया.
उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां बीजेपी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के 5-6 नेता कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी में हैं. इनमें राजकुमार ठुकराल और गौरव गोयल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ताकत बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
इस फेरबदल की सबसे बड़ी खासियत 'सोशल इंजीनियरिंग' रही है. भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ठाकुर, ब्राह्मण, दलित और पंजाबी समाज के बीच एक सटीक संतुलन बनाने की कोशिश की है.