नूरपुर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का एक कस्बा है जहां अपना म्युनिसिपल बोर्ड है. यह एक सामान्य, अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र है और नगीना लोकसभा क्षेत्र के पांच हिस्सों में से एक है.
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र मूल रूप से 1967 के विधानसभा चुनावों से पहले बनाया गया था. 1974 के बाद यह खत्म हो गया, फिर 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2012 के चुनावों से पहले इसे फिर से शुरू किया गया. इसमें नूरपुर म्युनिसिपल बोर्ड की सीमाएं और साथ ही चांदपुर तहसील और सहसपुर क्षेत्र के विभिन्न कानूनगो सर्किलों के आस-पास के गांव शामिल हैं, जिनमें सहसपुर नगर पालिका भी आती है.
नूरपुर में अब तक छह विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें 2018 में हुआ उपचुनाव भी शामिल है. बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने दो-दो बार यह सीट जीती है, जबकि कांग्रेस और भारतीय क्रांति दल ने क्रमशः 1967 और 1969 में शुरुआती दो चुनाव जीते थे.
बीजेपी के लोकेन्द्र सिंह 2012 में बीएसपी के मो. उस्मान को 5,473 वोटों से हराकर जीते थे. उन्होंने 2017 में समाजवादी पार्टी के नईम उल हसन को 12,736 वोटों से हराकर बीजेपी के लिए यह सीट बरकरार रखी. 2018 में सड़क दुर्घटना में सिंह की मौत के बाद उपचुनाव हुआ, जिसमें समाजवादी पार्टी के नईम उल हसन ने बीजेपी उम्मीदवार अवनीश सिंह को 5,662 वोटों से हराया. समाजवादी पार्टी ने 2022 में राम अवतार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाकर यह सीट बरकरार रखी. उन्होंने बीजेपी के चंद्र प्रकाश सिंह को 6,065 वोटों से हराया.
नूरपुर की चुनावी राजनीति की अस्थिर प्रकृति इस क्षेत्र में इसके पुनर्गठन के बाद हुए लोकसभा चुनावों में साफ तौर पर दिखती है. 2009 में, समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल से 15,532 वोटों से आगे रही. 2014 में BJP ने बहुजन समाज पार्टी पर 27,412 वोटों की बढ़त बनाई. 2019 में, BSP ने BJP पर 19,045 वोटों की बढ़त हासिल की. 2024 में, नई पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) ने BJP पर 26,963 वोटों की बढ़त बनाई. ASP(KR) के चंद्रशेखर आजाद को 102,691 वोट मिले, जबकि BJP के ओम कुमार को 75,728 वोट मिले.
2012 के विधानसभा चुनाव में नूरपुर में 269,545 रजिस्टर्ड वोटर थे और वोटिंग 65.61 प्रतिशत हुई थी. यह संख्या 2017 में बढ़कर 303,478 (वोटिंग 66.93 प्रतिशत), 2019 में 315,261 (वोटिंग 63.54 प्रतिशत), 2022 में 324,486 (वोटिंग 65.94 प्रतिशत) और 2024 में 326,865 (वोटिंग 59.81 प्रतिशत) हो गई.
2011 की जनगणना के अनुमानों के अनुसार, इस सामान्य निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की आबादी काफी ज्यादा है. नूरपुर में हिंदू समुदायों के साथ-साथ मुस्लिम आबादी भी अच्छी-खासी है. यह मुख्य रूप से एक ग्रामीण सीट है, लेकिन नूरपुर और सहसपुर कस्बों और उनके आस-पास शहरी आबादी भी ठीक-ठाक है.
नूरपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में स्थित है. यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है. गन्ना मुख्य फसल है, साथ ही आम की खेती, व्यापार और छोटे उद्योग भी हैं. सिंचाई, बिजली की सप्लाई, गन्ने की कीमतें और रोजगार से जुड़े मुद्दे वोटरों के लिए अहम हैं.
भौगोलिक रूप से, इस इलाके में उपजाऊ जलोढ़ मैदान हैं जहां नहरों से सिंचाई होती है. निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों से गंगा नदी ज्यादा दूर नहीं है.
यहां जिला और राज्य राजमार्गों के जरिए अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है. नूरपुर में अपना कोई रेलवे स्टेशन नहीं है. सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन चांदपुर सियाऊ है, जो लगभग 12-15 किमी दूर है, जबकि धामपुर स्टेशन शहर से लगभग 20 किमी दूर है. शहर में बुनियादी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं.
नूरपुर जिला मुख्यालय बिजनौर से लगभग 25-30 किमी दूर है. चांदपुर लगभग 20-25 किमी, मुरादाबाद लगभग 70-80 किमी, हरिद्वार लगभग 90 किमी, देहरादून लगभग 160 किमी, मेरठ लगभग 90-100 किमी और दिल्ली लगभग 160 किमी दूर है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क लगभग 60 किमी दूर है. राज्य की राजधानी लखनऊ लगभग 420 किमी दूर है.
नूरपुर में कड़े मुकाबले और वोटरों की बदलती वफादारी के इतिहास के अलावा, नई बनी आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के आने से यहां का स्थापित राजनीतिक माहौल और भी हिल गया है. ASP(KR) अभी भी एक अनजान ताकत है, और कोई पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि नतीजों पर इसका क्या असर होगा. एक सवाल यह भी है कि क्या चंद्रशेखर आजाद 2024 में मिले समर्थन को अपनी पार्टी के उम्मीदवार तक पहुंचा पाएंगे. इसका मतलब है कि नूरपुर 2027 के विधानसभा चुनावों में कई अनिश्चितताओं के साथ उतरेगा, जिससे कड़े मुकाबले वाले बहुकोणीय चुनाव की उम्मीद है.
(अजय झा)
Chandraprakash Singh
BJP
Jiyauddin
BSP
Nota
NOTA
Bala
INC
Jahan Ara
SMJANDP
Nayyar Jahan
IND
Amit Kumar Singh
IND
Rovin Kumar Sharma
AAAP
Atul Kumar
IND
Ravendra Kumar
BHRTDMTJP
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