नौगावां सादात, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का एक सब-डिविजन लेवल का कस्बा है, जिसका अपना म्युनिसिपल बोर्ड है. यह अमरोहा जिला मुख्यालय के पास स्थित है.
नौगावां सादात उन विधानसभा क्षेत्रों में से एक है जो 2008 में परिसीमन (सीमाओं के पुनर्निर्धारण) की प्रक्रिया के दौरान बनाए गए थे. यह एक सामान्य, अनारक्षित सीट है और अमरोहा लोकसभा क्षेत्र के पांच हिस्सों में से एक है. इस सीट में नौगावां सादात म्युनिसिपल इलाका और उसके आस-पास के कई गांव शामिल हैं.
नौगावां सादात में इसके बनने के बाद से चार विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें एक उपचुनाव भी शामिल है. बीजेपी और समाजवादी पार्टी, दोनों ने ही यह सीट दो-दो बार जीती है.
समाजवादी पार्टी के अशफ़ाक अली खान ने 2012 का पहला चुनाव जीता और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राहुल कुमार को 3,662 वोटों से हराया. 2017 में, बीजेपी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन चौहान को अपना उम्मीदवार बनाकर यह सीट जीती. उन्होंने समाजवादी पार्टी के जावेद अब्बास को 20,648 वोटों से हराया. 2020 में कोविड से जुड़ी दिक्कतों के कारण चेतन चौहान की मौत के बाद, एक उपचुनाव हुआ जिसमें उनकी पत्नी संगीता चौहान ने जावेद अब्बास को 15,077 वोटों से हराकर बीजेपी के लिए यह सीट बरकरार रखी.
समाजवादी पार्टी ने 2022 में यह सीट फिर से हासिल की, जब उसके उम्मीदवार समरपाल सिंह ने बीजेपी के देवेंद्र नागपाल को 6,540 वोटों के कम अंतर से हराया. समरपाल सिंह को 108,497 वोट मिले, जबकि देवेंद्र नागपाल को 101,957 वोट मिले.
लोकसभा चुनावों के दौरान नौगावां सादात क्षेत्र में वोटिंग का ट्रेंड काफी बदलता रहा है. 2009 में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) समाजवादी पार्टी से 22,882 वोटों से आगे थी. 2014 में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी पर 35,578 वोटों की बढ़त बनाई. 2019 में BSP बीजेपी से 5,714 वोटों से आगे रही. 2024 में BJP ने कांग्रेस पार्टी पर 4,278 वोटों के मामूली अंतर से बढ़त हासिल की. इस हिस्से में BJP के कंवर सिंह तंवर को 97,299 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कुंवर दानिश अली को 93,021 वोट मिले.
नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ी है- 2012 में 279,052 से बढ़कर 2017 में 306,855, 2019 में 316,256, 2022 में 328,672 और 2024 के लोकसभा चुनावों में 331,415 हो गई.
इस क्षेत्र में वोटिंग प्रतिशत हमेशा ज्यादा रहा है. यह 2012 में 72.70 प्रतिशत, 2017 में 76.32 प्रतिशत, 2019 में 75.32 प्रतिशत, 2022 में 74.69 प्रतिशत था और 2024 में घटकर 68.11 प्रतिशत हो गया.
नौगावां सादात हिंदू-बहुसंख्यक क्षेत्र है, जहां जाट और मुस्लिम समुदायों का दबदबा है. यहां कुल वोटरों में से लगभग 34 प्रतिशत मुस्लिम हैं. अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 16.85 प्रतिशत है. यह क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां 91.04 प्रतिशत वोटर गांवों में रहते हैं और केवल 8.96 प्रतिशत शहरी इलाकों में रहते हैं.
नौगावां सादात का इतिहास कई सदियों पुराना है. नौगावां खुर्द की स्थापना 1541 में मौलाना मोहम्मद इमाम के बेटे मौलाना सैयद फखरुद्दीन ने की थी. इस इलाके को पहले नौगावां कलां के नाम से जाना जाता था. मौलाना फखरुद्दीन और उनके भाई मौलाना जलालुद्दीन इस इलाके में इस्लामिक उपदेशक के तौर पर आए थे. उनकी पीढ़ियां यहां कई सालों से रह रही हैं और समय के साथ इस कस्बे का काफी विकास हुआ है.
नौगावां सादात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपजाऊ मैदानी इलाकों में स्थित है. यहां सड़क संपर्क अच्छा है और यह आस-पास के कस्बों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. अमरोहा यहां से मुश्किल से 12-15 किमी दूर है, जबकि मुरादाबाद लगभग 50-55 किमी, मेरठ करीब 90-100 किमी, दिल्ली लगभग 140-150 किमी और लखनऊ लगभग 380-400 किमी दूर है. यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर टिकी है, जिसमें गन्ना, अनाज और बागवानी मुख्य फसलें हैं. कई निवासी छोटे-मोटे कारोबार और व्यापार से भी जुड़े हैं. मतदाताओं के लिए अहम मुद्दों में गन्ने की कीमत, सिंचाई, बिजली की आपूर्ति, रोजगार के अवसर, बुनियादी ढांचे का विकास और बेहतर सड़क संपर्क शामिल हैं.
हालांकि नौगावां सादात में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है, लेकिन 2019 से जीत-हार के अंतर के कम होने के रुझान ने काफी अनिश्चितता पैदा कर दी है. इससे 2027 के विधानसभा चुनावों में बेहद कड़े मुकाबले की स्थिति बन रही है, जिसका नतीजा आखिरी पल तक तय नहीं हो पाएगा. आखिरी समय में मतदाताओं को एकजुट करना और समुदाय का समर्थन हासिल करना निर्णायक साबित हो सकता है.
(अजय झा)
Devender Nagpal
BJP
Shadab Khan
BSP
Rekha Rani
INC
Mohd Adil
AIMIM
Nota
NOTA
Ajit Kumar
RSTJLKPS
Dushyant Khare
IND
Prateek Chaudhary
IND
Kallu
IND
Hemender Singh Chauhan
AAAP
Akram Khan
IND
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचातान जारी है. कांग्रेस ज्यादा सीटों पर दावेदारी ठोक रही है, जबकि सपा अपने पास अधिकतर सीटें रखना चाहती है. दोनों दलों के बीच बयानबाजी और माइंड गेम का दौर जारी है.
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उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन तेज हो गया है. दिल्ली में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में 125 से 140 सीटों का दावा पेश करने की रणनीति बनी है. दोनों पार्टियां गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.
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