पश्चिम बंगाल के बीरभूम में चुनावी नतीजों को लेकर एक प्रतीकात्मक विरोध ने हलचल मचा दी है. मयूरश्वर विधानसभा के गड़घड़िया इलाके के 248 नंबर बूथ पर कुछ युवकों ने तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद सिर मुंडवाकर 'अंतिम संस्कार' जैसा कार्यक्रम किया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सनातनी हिंदू परंपरा में किसी परिजन की मृत्यु के बाद जैसे क्षौर कर्म किया जाता है, उसी परंपरा का पालन करते हुए इन युवकों ने नाई बुलाकर अपने सिर के बाल मुंडवा दिए. इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा शुरू हो गई है.
युवकों का दावा है कि बीजेपी की जीत के साथ 'भगवा लहर' चल पड़ी है और तृणमूल का प्रतीक 'घासफूल' जमीन में मिल गया है. इसी संदेश को देने के लिए उन्होंने यह प्रतीकात्मक कदम उठाया. उनका यह भी कहना है कि अब तृणमूल के साथ कोई नहीं रहेगा, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से 'अंतिम संस्कार' कर दिया.
BJP की ऐतिहासिक जीत
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा कर लिया. यह जीत सिर्फ चुनावी आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य की राजनीति का पूरा नक्शा बदल गया है और लंबे समय से कायम ममता बनर्जी का दबदबा कमजोर पड़ा है.
यह पहली बार है जब बीजेपी ने पूर्वी भारत के इस बड़े गढ़ में पूरी ताकत से अपनी पकड़ बनाई है, जिसे वह पिछले एक दशक से हासिल करने की कोशिश कर रही थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में छोटे स्तर से शुरुआत करने वाली पार्टी ने 2019 में तेजी पकड़ी और अब 2026 में बड़ी जीत हासिल कर ली.
क्या बोले PM मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि 'कमल पश्चिम बंगाल में खिल गया है.' उन्होंने जनता का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि बीजेपी सरकार राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगी और सभी वर्गों के लिए अवसर और सम्मान सुनिश्चित करेगी.
बीजेपी की इस जीत के पीछे उसकी रणनीति को अहम माना जा रहा है. पार्टी ने अवैध घुसपैठ, सीमा सुरक्षा, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया. साथ ही, खास सीटों पर हिंदू वोटों को साधने की रणनीति भी कारगर रही.
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आक्रामक अभियान चलाया और राज्य सरकार पर लगातार हमला बोला. इससे जनता के बीच बदलाव की भावना मजबूत हुई और बीजेपी को इसका फायदा मिला.