विधान सभा चुनाव के मद्देनजर पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं में कांग्रेस ने पैठ बनानी शुरू कर दी है. पिछड़ा वर्ग के ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को अपने साथ खड़ा करने के लिए पार्टी हर 10 जिले में एक-एक विशेष वार रूम स्थापित करने की तैयारी कर रही है. पार्टी 'सामाजिक न्याय', 'आरक्षण' व 'जितनी आबादी उतना अधिकार' जैसे मुद्दों को लेकर पिछड़ों के बीच जाएगी.
प्रदेश में अन्य वर्गों की तुलना में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की अनुमानित संख्या करीब 45 प्रतिशत है. यही वजह है कि भाजपा, सपा व बसपा सहित अन्य राजनीतिक दल भी पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को लेकर गंभीर हैं और अभी से सियासी समीकरण बैठाने शुरू कर दिए हैं. वहीं, मौके की नजाकत को देखते हुए राज्य में हाशिए पर चल रही कांग्रेस ने भी पिछड़ा वर्ग की सियासत तेज कर दी है.
इसी सिलसिले में पिछले एक माह में पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद तीन बार लखनऊ के दौरे पर आ चुके हैं. फिलहाल कांग्रेस ने अपनी विचारधारा से पिछड़ा वर्ग को जोड़ने के लिए हर मंडल में सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सम्मेलन कराने की भी रणनीति तय की है. मंडलों के बाद जिलों में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. तीन माह में सम्मेलन कराने के बाद कांग्रेस पिछड़ों के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरेगी.
वार रूमों का संचालन पार्टी के पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा किया जाएगा
इस बाबत पिछड़ा वर्ग विभाग के मुताबिक, हर 10 जिले में खोले जाने वाले वार रूम से सिर्फ पिछड़े वर्ग से संबंधित प्रचार का काम किया जाएगा.