अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके सुप्रीमो एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोला. टीवीके ने आरोप लगाया कि कोलाथुर में विजय की रैली के लिए जानबूझकर पुलिस तैनाती नहीं की गई, ताकि फिर से करूर जैसी भगदड़ की स्थिति पैदा हो. टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पेरंबूर में विजय के नामांकन के दौरान पर्याप्त पुलिस व्यवस्था थी, लेकिन कोलाथुर में पुलिस पूरी तरह नदारद रही, जहां उनको प्रचार करना था.
उन्होंने आरोप लगाया, 'जिस तरह सेंथिल बालाजी ने कथित तौर पर करूर में मानव निर्मित भगदड़ करवाई थी, उसी तरह की स्थिति फिर उत्पन्न हो इसलिए एमके स्टालिन ने कोलाथुर में हमारे नेता की रैली के दौरान पुलिस व्यवस्था नहीं होने दी.' पिछले साल सितंबर में विजय की करूर रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. टीवीके का दावा है कि यह घटना एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें डीएमके नेताओं की भूमिका थी.
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अर्जुन ने सवाल उठाया, 'अगर पेरंबूर में इंतजाम हो सकते हैं, तो कोलाथुर में क्यों नहीं? डीएमके नेता जानबूझकर टीवीके के चुनाव अभियान को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं.' विजय की पार्टी ने तमिलनाडु के चीफ इलेक्शन ऑफिसर से अधिकारियों के तबादले की भी मांग की है. उन्होंने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया है. विजय ने सोमवार को चेन्नई के पेरंबूर सीट से विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. नामांकन के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए डीएमके को 'बुराई की ताकत' बताया.
विजय ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर सरकार की आलोचना. उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए डीएमके और स्टालिन जिम्मेदार हैं. तमिलनाडु को इनसे बचाना होगा. 2026 का विधानसभा चुनाव विजय और उनकी पार्टी टीवीके का पहला चुनाव है. वह चेन्नई के पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली-पूर्व सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं, आधव अर्जुन ने भी विल्लीवक्कम सीट से नामांकन दाखिल किया है. यह उनका भी पहला विधानसभा चुनाव है. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान है और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे.