उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्कूलों की ग्राउंड लेवल मॉनिटरिंग को नियमित किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) हर माह के चौथे शनिवार को प्रधानाध्यापकों के साथ मासिक समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में विद्यालयों में संचालित शैक्षिक गतिविधियों के साथ विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर हो रहे विकास पर चर्चा होगी.
इसके साथ ही मासिक समीक्षा में निपुण भारत मिशन, प्री-प्राइमरी शिक्षा, डिजिटल संसाधन, पीएम पोषण, ऑपरेशन कायाकल्प, बालिका शिक्षा, समावेशी शिक्षा, नामांकन-उपस्थिति और वित्तीय प्रगति जैसे प्रमुख बिंदु शामिल होंगे. क्लास में पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अधिगम और विभिन्न योजनाओं का सही से हो रहे उपयोग की नियमित मॉनिटरिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा.
लक्ष्यों और विद्यार्थियों के अधिगम की होगी समीक्षा
निपुण भारत मिशन के तहत शैक्षिक कैलेंडर, मासिक पाठ्यक्रम और निपुण लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही कक्षा के संचालन में ICT शिक्षण सामग्री, संदर्शिका और टीएलएम के प्रभावी उपयोग की स्थिति देखी जाएगी. विद्यार्थियों के अधिगम अंतर को कम करने के लिए चलाए जा रहे कैच-अप शिक्षण की स्थिति भी बैठक में परखी जाएगी. पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए पुस्तकालय की पुस्तकों के उपयोग और विद्यार्थियों की पहुंच की भी समीक्षा होगी.
प्री-प्राइमरी और डिजिटल संसाधनों पर भी नजर
यह सनीक्षा यहीं पर खत्म नहीं होती है. प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, यू-डायस मॉड्यूल और बालवाटिका की सामग्री के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी. 3 से 6 साल के बच्चों के नामांकन और उपस्थिति पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी. विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, ICT लैब और डिजिटल पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग की स्थिति भी समीक्षा का हिस्सा होगी. इसके लिए एनबीडीयूपी पोर्टल का उपयोग किया जाएगा.
इसका उपयोग मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट रिपोर्ट के माध्यम से उपकरणों की काम करने के तरीके और तकनीकी समस्याओं की स्थिति देखी जाएगी. साथ ही यू-डायस+, अपार आईडी और डिजिटल रजिस्टर को अपडेट रखने की स्थिति भी परखी जाएगी.
नामांकन, उपस्थिति और पीएम पोषण की होगी निगरानी
स्कूल चलो अभियान, हाउसहोल्ड सर्वे और आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों की पहचान एवं नामांकन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर भी नजर रखी जाएगी. पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को खाना, फल और दूध वितरण की स्थिति भी मासिक समीक्षा में शामिल रहेगी.
ऑपरेशन कायाकल्प और बालिका शिक्षा की समीक्षा
ऑपरेशन कायाकल्प के लंबित कार्यों, निर्माण कार्यों और विद्यालय परिसर में अतिक्रमण की स्थिति की जांच की जाएगी. सीडब्ल्यूएसएन और बालिका शौचालयों की क्रियाशीलता भी जांची जाएगी. बालिका शिक्षा के अंतर्गत मीना मंच और रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों की प्रगति देखी जाएगी. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं और शैक्षिक गतिविधियों का अनुश्रवण भी किया जाएगा.
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और खेल गतिविधियों पर भी फोकस
समावेशी शिक्षा के तहत प्रशस्त एप के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की स्क्रीनिंग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. विद्यालयों में खेलकूद गतिविधियों के आयोजन और उनकी फोटो प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किए जाने के साथ ही छात्रों के भाग लेने की स्थिति भी देखी जाएगी. इसके अलावा इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ एक पेड़ मां के नाम, एसएचवीआर और स्पेशल कैंपेन 6.0 जैसी गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा होगी.
योजनाओं के वित्तीय व्यय की भी होगी समीक्षा
मासिक बैठक में समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण योजनाओं के तहत वित्तीय व्यय की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी. इस तरह मासिक समीक्षा बैठक में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ नामांकन, उपस्थिति, बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों, विभिन्न योजनाओं और वित्तीय प्रगति से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जाएगा.