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परीक्षाओं को मजाक बना दिया है? NEET, CBSE के बाद अब SSC GD में हंगामा, एक सीट पर बुलाए दोगुने छात्र!

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में एसएससी कांस्टेबल परीक्षा के दौरान प्रशासनिक त्रुटियों के कारण भारी अफरा-तफरी मची. प्रयागराज में कंप्यूटर की संख्या से दोगुने छात्रों को बुलाए जाने से हिंसा भड़क उठी, जबकि मुजफ्फरपुर में बिना नोटिस परीक्षा रद्द होने पर छात्रों ने हंगामा किया. गोरखपुर में सीट मिसमैच के कारण अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया.

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एसएससी जीडी परीक्षा में अव्यवस्था को लेकर हंगामा
एसएससी जीडी परीक्षा में अव्यवस्था को लेकर हंगामा

देश में परीक्षाओं को आयोजित कराने वाली प्रणाली इस वक्त पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है. नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) के बाद अब कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में भी भारी प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का एक बेहद डरावना मामला सामने आया है. परीक्षा केंद्रों पर सीट आवंटन की ऐसी ऐतिहासिक गलतियां की गईं कि देखते ही देखते उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में परीक्षा केंद्र रणक्षेत्र बन गए. नाराज अभ्यर्थियों ने कहीं परीक्षा केंद्र के भीतर घुसकर कंप्यूटर और सर्वर तोड़ दिए, तो कहीं नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई जिलों में भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा.

प्रयागराज: 650 कंप्यूटर और बुला लिए 1035 छात्र
प्रयागराज के गंगापार सरायइनात के अंदावा स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय के आई-टेक जोन परीक्षा केंद्र पर सोमवार को उस वक्त महा-बवाल हो गया, जब सीटों के आवंटन में एक बड़ी गलती सामने आई. दरअसल, परीक्षा की पूरी जिम्मेदारी बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी 'एडूक्विटी कैरियर टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड' को दी गई थी. इस सेंटर पर कुल 650 कंप्यूटर उपलब्ध थे, लेकिन चयन प्रक्रिया का मखौल उड़ाते हुए कंपनी ने द्वितीय पाली (सेकंड शिफ्ट) में 505 के स्थान पर 1,035 अभ्यर्थियों को सेंटर अलॉट कर दिया. यही नहीं, तृतीय पाली (थर्ड शिफ्ट) में भी 495 के स्थान पर 1,034 परीक्षार्थियों का सेंटर यहीं डाल दिया गया.

जब तय क्षमता से दोगुने अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और उन्हें बैठने के लिए सिस्टम नहीं मिला, तो वहां भयंकर अफरा-तफरी मच गई. आक्रोशित अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कमरों में रखे दर्जनों कंप्यूटर, मॉनिटर, मुख्य सर्वर और कुर्सियों को तोड़ना शुरू कर दिया. तोड़फोड़ इतनी भयानक थी कि कमरे में लगे एसी (AC), कूलर, सीसीटीवी कैमरे और वाटर कूलर तक क्षतिग्रस्त कर दिए गए. आरोप है कि कुछ छात्र सीपीयू और टीएफटी (मॉनिटर) तक उठाकर भागने लगे, जिसमें से पुलिस ने एक छात्र को रंगे हाथों लैपटॉप लेकर भागते हुए हिरासत में लिया है.

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उम्मीद टूटी तो कैसे बिफर गए छात्र... वीड‍ियो में देखें 

हाइवे किया जाम, जिम्मेदार अधिकारी केंद्र छोड़कर भागे
हंगामा बढ़ते ही परीक्षा करा रही प्राइवेट कंपनी की टीम हाथ-पांव फूलने के बाद अपनी जिम्मेदारी संभालने में नाकाम रही और पूरी परीक्षा टीम केंद्र छोड़कर भाग खड़ी हुई. इससे अभ्यर्थियों का गुस्सा और भड़क गया. चित्रकूट, अयोध्या, मऊ और फतेहपुर जैसे दूर-दराज के जिलों से आए अभ्यर्थियों ने जैन मंदिर के सामने जीटी रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों यातायात पूरी तरह ठप रहा. मौके पर सरायइनायत थानाध्यक्ष संजय गुप्ता, ट्रेनी आईपीएस ईश्वर लाल गुर्जर, एसीपी थरई अरुण पराशर और एसीपी फूलपुर ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला और छात्रों को समझा-बुझाकर बमुश्किल ट्रैफिक बहाल कराया. आखिरकार एसएससी (मध्य क्षेत्र) ने नोटिस चस्पा कर प्रभावित उम्मीदवारों की परीक्षाएं आगामी तारीख पर रीशेड्यूल करने का परिणाम जारी किया, जिसके बाद छात्र वापस लौटे.

मुजफ्फरपुर: बिना किसी ऑफिशियल नोटिस के अचानक परीक्षा रद्द, सेंटर पर जमकर हंगामा
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से भी प्रशासनिक नाकामी की ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई, जहां परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही छात्रों ने भारी बवाल काट दिया. शहर के बीबी कॉलेज परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर सेकेंड और थर्ड पाली (शिफ्ट) को अचानक रद्द किए जाने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों से रात-रात भर का सफर तय करके आए परीक्षार्थियों का आरोप था कि परीक्षा रद्द होने की यह आत्मघाती जानकारी उन्हें बिल्कुल आखिरी वक्त पर अचानक दी गई.

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सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर एक अंधी सुरंग में तब्दील हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. छात्रों ने आरोप लगाया कि एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा रद्द होने से जुड़ा कोई भी ऑफिशियल नोटिस जारी नहीं किया गया था, जबकि परीक्षा केंद्र पर सीधे लाउडस्पीकर (माइकिंग) से परीक्षा रद्द होने की घोषणा की जा रही थी. छात्रों ने सवाल उठाया कि जब कुछ छात्रों की परीक्षा पहली शिफ्ट में शांति से हो चुकी है, तो बाकी छात्रों को बिना किसी ठोस और लिखित कारण के वापस क्यों भेजा जा रहा है? मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन छात्रों में असमंजस और आक्रोश अब भी बरकरार है.

गोरखपुर: एंट्री न मिलने पर भड़के छात्र, कहा- 'सरकार ने परीक्षाओं को मज़ाक बना दिया'
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सेंट एंड्रयूज कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी सोमवार को हालात बेकाबू हो गए. यहां सीट मिसमैच और रोल नंबर की गलत टैगिंग के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश देने से ही मना कर दिया गया. दूर-दराज के देहाती इलाकों से पहुंचे इन अभ्यर्थियों ने कॉलेज गेट पर ही ज़ोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी. छात्रों की मांग थी कि जब गलती प्रशासन की है, तो उनकी परीक्षा उसी दिन और उसी समय वैकल्पिक व्यवस्था करके कराई जाए.

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केंद्र पर तैनात परीक्षा समीक्षा अधिकारी और पुलिस प्रशासन को छात्रों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा. परीक्षा व्यवस्था की घोर निंदा करते हुए अभ्यर्थियों ने सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि ऐसा लगता है जैसे सरकार और आयोग ने युवाओं के भविष्य और इन परीक्षाओं को एक 'मजाक' बनाकर रख दिया है.

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(गोरखपुर इनपुट, साभार: एजेंसी)
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