संगरूर (Sangrur) संगरूर पंजाब राज्य का एक शहर है और संगरूर जिले का मुख्यालय भी है. यह शहर राज्य के मालवा क्षेत्र में स्थित है. यहां प्रशासनिक कार्यालयों, बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और विभिन्न धार्मिक स्थलों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाएं भी मौजूद हैं.
संगरूर में लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पीजीआईएमईआर का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया गया है. इसके अलावा, यहां टाटा मेमोरियल सेंटर और पंजाब सरकार के सहयोग से होमी भाभा कैंसर अस्पताल की स्थापना की गई है. ये संस्थान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं.
संगरूर में बनासर बाग एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है. यहां एक तालाब के बीच संगमरमर से बना बारादरी भवन स्थित है, जहां पुल के माध्यम से पहुंचा जा सकता है. बाग परिसर में रास्ते, पेड़-पौधे और अन्य संरचनाएं मौजूद हैं. पहले जींद रियासत के शासक गर्मियों के दौरान यहां स्थित भवनों में समय बिताते थे.
बनासर बाग परिसर में स्थित दरबार हॉल का निर्माण लगभग 1865 में कराया गया था. वर्तमान में इस भवन को जींद राज्य स्मारक संग्रहालय के रूप में उपयोग किया जाता है. यहां पूर्व रियासत से जुड़ी वस्तुएं, हथियार और अन्य ऐतिहासिक सामग्री रखी गई हैं.
शाही समाधियां भी संगरूर के ऐतिहासिक स्थलों में शामिल हैं. यहां जींद रियासत के पूर्व शासकों की समाधियां स्थित हैं. इनमें महाराजा गजपत सिंह, महाराजा भाग सिंह और अन्य शासकों की समाधियां शामिल हैं.
शहर का ऐतिहासिक घंटाघर वर्ष 1885 में बनवाया गया था. इसके अलावा, पटियाला गेट बाजार मार्ग पर स्थित मां काली देवी मंदिर यहां का प्रमुख धार्मिक स्थल है. इसका निर्माण वर्ष 1867 में हुआ था.
संगरूर से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, अभिनेता बिन्नू ढिल्लों, करमजीत अनमोल, राणा रणबीर और स्वतंत्रता सेनानी ऊधम सिंह के नाम शामिल हैं. किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां और पूर्व जेट एयरवेज संस्थापक नरेश गोयल का नाम भी इस सूची में आता है.
संगरूर में जहरीला पदार्थ निगलने वाले जग्गा सिंह को लेकर पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ 9 FIR दर्ज हैं, जिनमें 4 मामलों में दोषसिद्धि हो चुकी है और एक NDPS केस भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, जग्गा सिंह ने 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर शिकायत की थी और मामला नहीं उठाए जाने पर आत्महत्या की धमकी दी थी.
संगरूर के बडरुखां गुरुद्वारे में आधी रात चार नकाबपोश घुसे. लंगर सेवादार का गला दबाने की कोशिश के बाद बचाने आए जसवंत सिंह को गोली मार दी गई. घटना CCTV में कैद हुई है. पढ़ें पूरी कहानी.
संगरूर के भवानीगढ़ में तीन बच्चों की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है. पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बच्चों की मां को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके कथित प्रेमी की तलाश जारी है. पढ़ें एक कलयुगी मां के सनसनीखेज गुनाह की कहानी.
जग्गा सिंह की सुसाइड की कोशिश के मामले पर आम आदमी पार्टी के मंत्री अमन अरोड़ा ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए. उन्होंने जग्गा के खिलाफ 9 FIR का जिक्र करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ लड़ने वाला बताने पर आपत्ति जताई.
पंजाब के संगरूर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर एक और गंभीर मामला सामने आया है. यहाँ के जग्गा सिंह नामक व्यक्ति ने डीसी दफ्तर के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की. इस घटना के बाद पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जग्गा सिंह का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन्हें धमकियाँ दी जा रही थीं और काफी परेशान किया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया.
संगरूर के धूरी में मुख्यमंत्री भगवंत मान के डोर-टू-डोर कार्यक्रम से पहले हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पूर्व कांग्रेस विधायक दलवीर सिंह गोल्डी पुलिस की निगरानी के बावजूद बाइक से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए. गोल्डी ने एक दिन पहले CM से पांच मिनट का वक्त मांगा था. मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
संगरूर के गुलजार सिंह सुसाइड केस में हाईकोर्ट की टिप्पणी से सियासत गर्मा गई है. CBI जांच की मांग पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वीडियो में नाम आने से कोई मंत्री आरोपी कैसे हो सकता है. हरपाल चीमा पर विपक्ष के आरोपों के बीच कोर्ट ने पंजाब सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है और अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है. देखें पंजाब आजतक.
पंजाब के संगरूर में प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित स्कूलों में फर्जी छात्र दाखिले, कागजों पर दर्ज झूठी हाजिरी और इसके जरिए छात्रवृत्ति, भोजन व विकास अनुदान के फंड में गबन के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने इसे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करार देते हुए कड़ी जांच और दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
पंजाब में गुलजार सिंह की मौत का मामला अब सियासी तूल पकड़ चुका है...बीजेपी और अकाली दल के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने भी इसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है...माना जा रहा है इंसाफ की इस लड़ाई में सभी सियासी दलों के कूदने की एक बड़ी वजह दलित वोटबैंक भी है ताकि 2027 चुनावों में मान सरकार के खिलाफ एंटी दलित नैरेटिव को सेट किया जा सके.
पंजाब के गुलजार सिंह सुसाइड केस पर मान सरकार घिरती नजर आ रही है. AAP सरकार के खिलाफ कांग्रेस-बीजेपी और अकाली दल ने मोर्चा खोल दिया है. वहीं पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए सरपंच समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. दूसरी ओर मामले की जांच के लिए मान सरकार ने भी SIT गठित की है. देखें पंजाब आजतक.
संगरूर के दलित मजदूर गुलजार सिंह की जहर खाकर मौत के बाद उनके परिवार ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने उन पर दबाव डाला. गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को वित्त मंत्री हरपाल चीमा से नशे की सप्लाई को लेकर सवाल पूछा था, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहर खा लिया था.
पंजाब के संगरूर के गुलजार सिंह सुसाइड केस में ड्रग्स मामले की मंत्री के सामने सवाल उठाने को लेकर मान सरकार घिरती नजर आ रही है. आप सरकार के खिलाफ कांग्रेस-बीजेपी और अकाली दल सबसे मोर्चा खोल दिया है. पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए सरपंच समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मृतक गुलजार सिंह के बेटे लखविंदर सिंह के बयानों के आधार पर बीएनएस की धारा 108 और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
संगरूर सुसाइड केस में नया मोड़ आया है. गुलजार सिंह के बेटे लखविंदर सिंह ने सरकार की जांच पर संतोष जताया और किसी दबाव से इनकार किया. मामले में पांच लोगों पर FIR और चार सदस्यीय SIT जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. राहुल गांधी ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
पंजाब के संगरूर में गुलजार सिंह आत्महत्या केस में पुलिस ने पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने ड्रग्स की खुलेआम बिक्री का मुद्दा उठाया था. आरोप है कि उन पर माफी के लिये दबाव बनाया जा रहा है था जिसकी वजह से गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली.
पंजाब के गुलजार सिंह की ड्रग्स के मुद्दे पर उठी आवाज अब FIR तक पहुंच गई है. पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है. गौर करने वाली बात ये है कि मंत्री हरपाल चीमा का नाम FIR में नहीं है.
पंजाब के संगरूर में ड्रग्स को लेकर विवाद बढ़ गया है. गुलजार सिंह नाम के शख्स ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स की शिकायत की थी. उन्होंने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने की बात कही थी. इसके बाद उन्होंने जहर खा लिया. इस मामले में NHRC ने संज्ञान ले लिया है.
पंजाब में किसानों का आंदोलन एक बार फिर से तेज होता जा रहा है और विभिन्न हिस्सों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं. संगरूर और मोगा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया है. संगरूर में किसान आंदोलन के सातवें दिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और एसएसपी कार्यालय का घेराव करने मुख्य गेट तक पहुंच गए. इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई. किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा.
संगरूर में सीएम भगवंत मान की लोक मिलनी में काला झंडा दिखाने वाले युवक मोहनजीत सिंह का मामला तूल पकड़ चुका है. हिरासत से बाहर आने के बाद मोहनजीत ने पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं विपक्ष दल भी इस पूरे मामले में अब सरकार और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मोहनजीत के आरोपों में कितनी सच्चाई है? और अगर आरोप सही हैं तो पुलिसिया एक्शन के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
पंजाब के संगरूर में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है. सैकड़ों किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डीसी दफ्तर पहुंच गए हैं और दोनों मुख्य रास्तों को घेरकर लंबे धरने की पूरी तैयारी कर ली है. किसानों ने धरना स्थल को ही अपना पूरा आशियाना बना लिया है. ट्रॉलियों के भीतर चारपाइयां बिछ चुकी हैं, राशन का पूरा बंदोबस्त है और चूल्हे भी चढ़ा दिए गए. लंबे समय तक डटे रहने के इरादे से जरूरत का हर सामान पहले ही जुटा लिया गया है.
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब में भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रविवार को भारी तादाद में कर्मचारियों ने भगवंत मान के गांव की ओर कूच किया. इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की. फिर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. देखें वीडियो.