NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुई मनीषा वाघमारे के लिए अच्छी खबर नहीं है. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट की सुनवाई के दौरान मनीषा के वकील ने कहा कि वो सर्टिफाइड एजुकेशन काउंसलर हैं जिसके लिए उन्हें नियमित फीस मिलती है. वहीं, बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमारे के बैंक खाते में ऐसे कोई सबूत मिले हैं जिसके आधार पर उन्हें जेल में रखा गया है. उन्होंने आगे ये भी कहा कि CBI ने भी उनके घर की तलाशी ली है लेकिन कोई कैश बरामद नहीं हुआ है.
वकील ने दी दलील
वाघमारे की दलील थी कि उसके घर में CBI की टीम ने दो बार जांच की लेकिन कोई कैश नहीं मिला. जबकि CBI ने मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ये अपने आप को सर्टिफाइड एजुकेटर बता रही है लेकिन वो एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती है. मनीषा ने केमेस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के सवाल लोखंडे को दिए. लोखंडे से ये सब शुभम को मिले. मनीषा पेपर के कई सवाल बच्चों को पैसे के बदले लीक करती थी. हमारे पास बच्चों के बयान हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने मनीषा वाघमारे को पैसे दिए और क्वेश्चन पेपर लिए थे.
यश यादव ने भी की थी याचिका दायर
बता दें कि इस मामले में आरोपी यश यादव ने भी राउज एवेन्यू कोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी दायर की थी. उन्होंने कोर्ट ने 15 दिनों के लिए अंतरिम जमानत की सिफारिश की है. उन्होंने अपनी अर्जी में कहा कि उन्हें NEET परीक्षा में और अपनी बहन की शादी में शामिल होना है. इसपर राउज एवेन्यू कोर्ट ने यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर CBI से जवाब मांगा है. इस मामले में अगली सुनवाई 12 जून को होनी है. वहीं, NEET की परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है. CBI ने यश पर आरोप लगाया है कि यश यादव का संबंध NEET परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों के बांटने से रहा है.