झारखंड का नाम एक बार फिर NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और सॉल्वर गैंग से जुड़ता नजर आ रहा है. 2024 के NEET-UG पेपर लीक मामले में हजारीबाग चर्चा के केंद्र में था, वहीं अब 2026 में बिहार के लखीसराय से गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के दो सदस्यों के तार झारखंड से जुड़े हैं.
गिरफ्तार आरोपियों में गिरिडीह की पूनम कुमारी और पलामू की चंचल कुमारी शामिल हैं. दोनों पर NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े और अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है, जिसके बाद जांच एजेंसियां उनके झारखंड कनेक्शन की पड़ताल में जुट गई है. पूनम राज्य में JAC की ओर से आयोजित इंटर साइंस की टॉपर भी रह चुकी हैं और अभी वो BHU से नर्सिंग का कोर्स कर रही थी. जबकि पलामू की चंचल BAMS का कोर्स ओडिशा के एक सरकारी कॉलेज से कर रही है.
इस तरह खुली पोल
पूनम का बायोमैट्रिक मिलान के दौरान ही सारा पोल खुल गया कि वो किसी अन्य अभ्यर्थी के जगह परीक्षा में बैठने के लिए आई है. पूनम वर्तमान में बीएचयू से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है और गिरफ्तारी के बाद से उनके घर वाले परेशान हैं.
पूनम के पिता बालेश्वर शर्मा और माता मालती देवी ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं. मां मालती बात करते-करते रोने लगती है. कहती है उसे कुछ नहीं पता. पूनम के पिता बालेश्वर शर्मा बताते हैं कि वे कारपेंटर हैं. उन्होंने आगे ये भी बताया कि उनकी बेटी पढ़ने में बहुत तेज है.
पूनम को लेकर क्या बोले पिता?
बालेश्वर ने बताया कि इंटर में साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई करते हुए उनकी बेटी पूनम ने झारखंड टॉप किया था. साल 2025 अगस्त में बीएचयू (बनारस) में एडमिशन लिया और नर्सिंग की तैयारी करने लगी. शनिवार की शाम को बात हुई थी तो उसने बोला था कि वह नीट की परीक्षा देने जा रही है. इसके बाद रविवार की शाम को फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला. इस बीच मीडिया से पता चला कि उनकी बेटी को लखीसराय से हिरासत में लिया गया है. बालेश्वर कहते हैं कि उसे नहीं पता उसकी बेटी ने इस तरह का कदम क्यों उठाया.
उनका कहना है कि उसकी बेटी गैंग के चंगुल में जा फंसी होगी.बालेश्वर बताते हैं कि बेटी कई वर्ष से हॉस्टल में रहकर पढ़ती थी. आठ-नौ महीने से वह घर नहीं आई है. इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी अब कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है कि आखिर सॉल्वर गैंग तक पूनम और चंचल पहुंची कैसे. क्या इन्हें कोई लालच दिया गया है या उन्होंने इसके पहले भी इस तरह का कोई काम किया है. दूसरे उम्मीदवार के बदले परीक्षा में बैठने के उन्हें कितने पैसे दिए गए थे.