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NEET से अब तक 9 की मौत, कांग्रेस बोली- ये अक्षम्य पाप है जिसकी कोई माफी नहीं 

नीट पेपर लीक को लेकर देश में अभी भी विवाद थमा नहीं है. इसे लेकर हलचल अब तक चल रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने पोस्ट कर बताया कि नीट पेपर लीक के बाद से अब तक 9 उम्मीदवार अपनी जिंदगी खत्म कर चुके हैं जिसने न केवल मेंटल हेल्थ पर एक बहस छेड़ी है बल्कि प्रशासन पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

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NEET Paper Leak Congress Social Media Post (Photo: PTI)
NEET Paper Leak Congress Social Media Post (Photo: PTI)

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 इस बार विवादों में बनी हुई है. पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद से छात्रों का मनोबल टूट गया. लाखों छात्र दोबारा से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं लेकिन इस बीच सोशल मीडिया एक्स पर कांग्रेस ने पोस्ट शेयर कर बताया है कि नीट पेपर लीक की वजह से अब तक 9 उम्मीदवार खुदकुशी कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है. 

पोस्ट में क्या? 

अलवर की रेणु मीणा 
देहरादून की रिया कुमारी थापा

देश की ये बेटियां डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन NEET पेपर लीक और री-नीट के मानसिक दबाव के कारण इन्होंने खुदकुशी कर ली. बता दें कि मोदी सरकार का हत्यारा पेपर लीक अब तक 9 घरों के चिराग बुझा चुका है-

1. प्रदीप मेघवाल- राजस्थान
2. अंशिका पांडे- दिल्ली 
3. ऋतिक मिश्रा- उत्तर प्रदेश
4. सिद्धार्थ हेगड़े- गोवा 
5. भाग्यश्री- कर्नाटक
6. आकांक्षा चतुर्वेदी- मध्य प्रदेश
7. उमेश माली- राजस्थान
8. रेणु मीणा- राजस्थान
9. रिया कुमारी थापा- उत्तराखंड

ये खुदकुशी नहीं-'मर्डर'है, जिसे नरेंद्र मोदी, धर्मेंद्र प्रधान और उनकी निकम्मी सरकार ने अंजाम दिया है. मोदी सरकार अपने फायदे के लिए मासूमों की जान से खेल रही है, उनके सपने रौंद रही है और परिवारों को तबाह कर रही है.

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ये अक्षम्य पाप है- जिसकी कोई माफी नहीं है.  

धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने रहने के लायक नहीं हैं, उन्हें तुरंत पद से इस्तीफा देना होगा. 

अच्छे नंबर की उम्मीद पर जीवन खत्म

बता दें कि NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा मानी जाती है. हर साल डॉक्टर बनने के लिए लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन कई बार प्रशासन के कारण वह दबाव में आ जाते हैं. इस साल करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था. उन्हें उम्मीद थी कि उनके अच्छे नंबर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 

अब तक हो चुकी है इतनी मौतें?

इंडिया टुडे की ऑनलाइन न्यूज रिपोर्ट के ओपन-सोर्स रिव्यू से पता चला है कि 2021 से 2026 तक NEET से जुड़े छात्रों की आत्महत्या के कम से कम 93 मामले सामने आए हैं, जिनमें कोटा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है.

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