PM Modi and President Trump held a bilateral meeting on the sidelines of the G7 summit G7 Summit in Evian: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस में G7 समिट के दौरान एक आउटरीच सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे के संकट से जूझ रही है. इस मीटिंग पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे थे. उन्होंने समुद्री रास्तों की सुरक्षा और यह पक्का करने पर जोर दिया कि समुद्री नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें. हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच हुए टकराव में तीन भारतीय नाविकों की मौत की तरफ इशारा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग समुद्र के रास्ते ग्लोबल ट्रेड को जारी रखते हैं, उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार यानी आज फ्रांस में G-7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे. ANI के मुताबिक, मीटिंग में पश्चिम एशिया के हालात, होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. भारत और अमेरिका लंबे वक्त की ऊर्जा साझेदारी के लिए उत्सुक हैं. ट्रेड डील अंतिम चरण में है और अगले कुछ हफ्तों में इस पर काम पूरा होने की उम्मीद है. ऑपरेशन सिंदूर और भारत पर भारी टैरिफ लगाने के वॉशिंगटन के फैसले के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में आई खटास के बाद ट्रंप और मोदी के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी.
आजतक के संवाददाता प्रणय उपाध्याय ने राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल किया, 'आप अक्सर कहते हैं कि जब तक आप राष्ट्रपति हैं, तब तक व्हाइट हाउस में भारत और भारतीयों का एक बहुत अच्छा दोस्त है, लेकिन आपके कुछ फैसलों से भारत में परेशानी और तकलीफ हुई है. आप भारत के लोगों और नेताओं को किस तरह भरोसा दिलाना चाहेंगे?' इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, 'मैं जब तक राष्ट्रपति हूं व्हाइट हाउस में भारत का एक बहुत अच्छा दोस्त मौजूद है. मुझे पता नहीं परेशानी कहां हो रही है. मैं आपको और यहां मौजूद सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि मैं भारत से बहुत प्यार करता हूं और इस शख्स (पीएम मोदी) के लिए बहुत सम्मान का भाव रखता हूं.' पश्चिम एशिया में शांति कायम रखने में भारत की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'जब तक मोदी हैं, पूरी दुनिया में भारत की भूमिका बहुत अहम है.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उनके साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देखने में शांत लेकिन वार्ता में बेहद सख्त हैं. हम बहुत जल्द भारत के साथ ट्रेड डील फाइनल करने वाले हैं. मैं भविष्य में कभी भारत भी जाऊंगा. मैं भारत का बहुत सम्मान करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 समिट के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में होर्मुज की नाकेबंदी और भारतीय नाविकों पर हमले का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज को खुला रखना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा को हम अहम मानते हैं और मुझे उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाले शांति समझौते में निश्चित रूप से नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक कुछ देर में शुरू होगी. इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात से पहले ट्रंप ने G7 समिट के वर्किंग लंच के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री को 'शांत, संयमित और जबरदस्त' बताया. ट्रंप ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी शांत, संयमित और जबरदस्त हैं... जरा उनको देखिए, मैं वैसा नहीं हूं.'
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने G-7 समिट के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की. इसे लेकर उन्होंने X पर एक पोस्ट भी किया. उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा, 'प्रिय नरेंद्र मोदी, इतनी जल्दी फिर से मुलाकात होनी खुशी की बात है. जब से हमने मदर ऑफ ऑल डील कहे जाने वाले समझौते को अंतिम रूप दिया है, तब से हम अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. हम इस वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे. साथ ही निवेश समझौते पर काम भी तेज करेंगे. हम सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भी मजबूत बनाएंगे. और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाकर बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे.'
G7 समिट के आखिरी दिन एवियन-लेस-बेन्स में G7 नेताओं और सहयोगी देशों के प्रमुखों की बैठक हुई. इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बातचीत हुई.
पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की. दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक गति का स्वागत किया और मार्च 2026 में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की सफल यात्रा के बाद हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया.
पीएम नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मंगलवार को एवियन में G7 समिट के दौरान उच्च-स्तरीय बातचीत की. उन्होंने तेजी से बढ़ रही भारत-UAE साझेदारी की समीक्षा की और पश्चिम एशिया में सुरक्षा व समुद्री व्यापार मार्गों सहित प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की.
यह बैठक 2026 में दोनों नेताओं के बीच तीसरी मुलाकात थी, जो भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बढ़ते महत्व और दोनों नेताओं के बीच करीबी व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाती है.
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत मुख्य रूप से जनवरी में शेख मोहम्मद की भारत यात्रा और इस साल मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के बाद द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर केंद्रित थी. दोनों नेताओं ने टेक्नोलॉजी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की.
पिछले कुछ साल में भारत-UAE संबंधों में काफी बढ़ोतरी हुई है और ये पारंपरिक ऊर्जा साझेदारी से बदलकर एक बहुआयामी रणनीतिक गठबंधन बन गए हैं. यूएई भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों और निवेश के प्रमुख स्रोतों में से एक है. इसके साथ ही, दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इनोवेशन, लॉजिस्टिक्स, खाद्य सुरक्षा और रक्षा निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत किया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में कई अहम बैठकों और सत्रों में हिस्सा लेंगे. भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक वह G7 के वर्किंग सेशन में शामिल होंगे, जिसका विषय 'सभी के लाभ के लिए संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करना' है.
इसके बाद दोपहर 12:40 बजे से 3:05 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय परिषद (EU Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक करेंगे.
दोपहर 3:00 बजे से 3:20 बजे तक उनकी जर्मनी के साथ द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है. इसके बाद 3:35 बजे से शाम 5:35 बजे तक प्रधानमंत्री 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षित, तेज और प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने' मुद्दे पर आयोजित वर्किंग लंच में हिस्सा लेंगे.
दिन के आखिर में शाम 5:20 बजे से 5:50 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास नजर रहेगी.
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पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक के एजेंडे में वेस्ट एशिया का संकट प्रमुख मुद्दा रहेगा, लेकिन भारत-अमेरिका की आगामी ट्रेड डील पर भी बातचीत होगी. दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौता चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय होगा. समझौते से जुड़े ज्यादातर तकनीकी और प्रक्रियागत काम पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. भारत 12,000 से ज्यादा टैरिफ लाइनों पर व्यापार करता है और प्रस्तावित व्यापार समझौता लगभग 11,000 टैरिफ लाइनों को कवर करता है. बाजार से जुड़े ज्यादातर तकनीकी पहलुओं पर सहमति बन चुकी है.
वहीं, ऊर्जा सुरक्षा भी बैठक का एक अहम मुद्दा रहेगी. पिछले एक साल में अमेरिका से भारत के ऊर्जा आयात में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रूस से तेल आयात को लेकर जो मौजूदा छूट है, वह बुधवार को खत्म हो रही है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि आगे क्या फैसला लिया जाएगा. वैसे, प्रतिबंध पूरे रूस पर नहीं बल्कि कुछ विशेष कंपनियों पर लगाए गए हैं. वहीं, कई ऐसी कंपनियां भी हैं जो प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं. भारत इनमें से कुछ कंपनियों से तेल खरीद रहा है.
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न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक, फ्रांस में G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में पश्चिम एशिया के हालात, रणनीतिक तौर पर अहम होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिका से ऊर्जा आयात और प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा होने की संभावना है. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक आज यानी 17 जून को होने वाली है.
पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बैठक होगी. यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना द्वारा निशाना बनाए गए कमर्शियल जहाजों पर भारतीय नाविकों की मौत को लेकर चिंताएं हैं. ऑपरेशन सिंदूर और भारत पर भारी टैरिफ लगाने के वॉशिंगटन के फैसले के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में आई खटास के बाद ट्रंप और मोदी के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी. दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई और फरवरी में वे एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे पर भी सहमत हुए थे, जिस पर अभी बातचीत चल रही है.