मेडिकल की पढ़ाई का सपना लेकर कॉलेज पहुंचा एक छात्र अब मानसिक परेशानी से जूझने की बात कह रहा है. AIIMS मदुरै के 2023 बैच के छात्र अरविंद कुमार ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि दिव्यांग होने के कारण उन्हें संस्थान में भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने यहां तक कहा कि लगातार परेशान किए जाने से वह टूट चुके हैं और उनके मन में आत्महत्या के विचार भी आए हैं. मामला सामने आने के बाद मदुरै पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से बात की और छात्र की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं.
वीडियो में छात्र ने क्या आरोप लगाए?
अरविंद कुमार ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में आरोप लगाया कि उन्होंने खुद को AIIMS मदुरै के 2023 बैच का दिव्यांग छात्र बताया और संस्थान के कुछ फैकल्टी सदस्यों पर भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए. छात्र का दावा है कि उनके साथी उन्हें कॉलेज छोड़ने के लिए कहते हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव होता है.

अरविंद के मुताबिक, कॉलेज में तीन साल बिताने के बाद अब उनके लिए यह स्थिति सहन करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने वीडियो में अपनी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की और आत्महत्या के विचार आने की बात कही. हालांकि, ये आरोप छात्र की ओर से लगाए गए हैं. मामले में उत्पीड़न की पुष्टि करने वाली किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है.
इंडिया टुडे के संपर्क करने के बाद पुलिस पहुंची कॉलेज
India Today की ओर से मामले की जानकारी दिए जाने के बाद मदुरै पुलिस कॉलेज पहुंची. पुलिस ने संस्थान के फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की और छात्र की काउंसलिंग कराने को कहा ताकि उनकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सके. पुलिस ने इंडिया टुडे को बताया कि कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों का कहना है कि छात्र ने परीक्षाओं में बार-बार असफल होने से निराश होकर वीडियो बनाया है. कॉलेज की ओर से कथित तौर पर बुलिंग किए जाने की बात से इनकार किया गया है. इस तरह मामले में छात्र के आरोपों और कॉलेज की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी में अंतर है.
अस्थायी परिसर में संचालित हो रहा था AIIMS मदुरै
AIIMS मदुरै का स्थायी परिसर निर्माणाधीन होने के कारण संस्थान की पढ़ाई अस्थायी परिसर से चल रही है. संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इसका अस्थायी परिसर मदुरै स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में है. वहीं, शुरुआती जानकारी में संस्थान के संचालन को रामनाथपुरम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से भी जोड़ा गया है.
दिव्यांग छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेना जरूरी
यह मामला दिव्यांग छात्रों के लिए कॉलेज में सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल की जरूरत को भी सामने लाता है. पढ़ाई के दौरान परीक्षा का दबाव और व्यक्तिगत चुनौतियां किसी भी छात्र के लिए मुश्किल हो सकती हैं. ऐसे में अगर कोई छात्र भेदभाव या मानसिक उत्पीड़न की शिकायत करता है, तो उसकी बात को गंभीरता से सुनना और निष्पक्ष तरीके से जांच करना जरूरी है. फिलहाल पुलिस ने कॉलेज को छात्र की काउंसलिंग कराने के लिए कहा है. छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अधिक जानकारी सामने आना बाकी है.