जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के Gen Alpha छात्रों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. करीब 9 बजे छात्र स्कूल से बाहर निकले और पारा क्षेत्र के बुधेश्वर-मोहन रोड पर पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. मामले की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मंत्री असीम अरुण छात्रों के बीच पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सड़क पर छात्रों की बात सुनी और उन्हें वापस स्कूल ले जाकर उनकी शिकायतों को विस्तार से समझा.
जांच में क्या मालूम चला?
पुलिस ने बताया कि छात्रों ने आरोप लगाया है कि शिक्षकों की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. पुलिस ने बताया कि छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. सूचना मिलने पर पारा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छात्रों से बातचीत की. पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि छात्रों ने स्कूल में कुछ गड़बड़ियों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है. पुलिस ने उन्हें विरोध प्रदर्शन समाप्त करने और स्कूल परिसर में लौटने के लिए राजी किया, जिसके बाद सड़क को साफ कर यातायात बहाल कर दिया गया.
छात्रों ने बताई अपनी परेशानी
इस दौरान छात्रों को स्कूल के मीटिंग हॉल में बैठाया गया, जहां शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने उनसे चर्चा की. काकोरी के सहायक पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था. पुलिस ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही.
मंत्री भी हो गए शामिल
राज्य के सामाजिक कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण एक आधिकारिक कार्यक्रम के लिए कन्नौज जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने इलाके में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखा. मंत्री कन्नौज के विधायक भी हैं और उनका विभाग इस स्कूल की देखरेख करता है. उन्होंने अपनी यात्रा कुछ देर के लिए रोकी और छात्रों से बात करने के लिए उनके बीच पहुंचे. इसके बाद वह छात्रों के साथ स्कूल के अंदर गए और करीब दो घंटे तक छात्रों और अधिकारियों से बातचीत की.
अरुण ने पीटीआई से कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि बच्चे नकल करने या हाजिरी से बचने के लिए प्रदर्शन नहीं कर रहे थे. वे इसलिए विरोध कर रहे थे क्योंकि वे अपनी पढ़ाई को बेहतर बनाना चाहते थे.
शिक्षकों की नियुक्ति पर पड़ता है असर
असीम अरुण ने यह भी कहा कि अदालती मामलों की वजह से कुछ शिक्षक अपने पदों पर वापस नहीं आ पाए हैं, जिससे समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुछ स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि मामले की सुनवाई 17 तारीख को होनी है और हमें विश्वास है कि हम उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रख पाएंगे और जल्द ही टीचरों की व्यवस्था करेंगे. खाली पदों को भरने के लिए पिछले शैक्षणिक सत्र में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी और इस साल भी यह व्यवस्था जारी रखी जा रही है.
कोचिंग सहायता देने का आश्वासन
मंत्री असीम अरुण ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत मिलने वाली कोचिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने की उनकी मांग पर ध्यान देंगे. उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को कोचिंग दी जाती है. छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन, जिसे ‘Gen अल्फा’ छात्रों का प्रदर्शन बताया जा रहा है, फतेहपुर, हमीरपुर और कन्नौज में स्कूली छात्रों द्वारा शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को लेकर किए गए ऐसे ही प्रदर्शनों के कुछ समय बाद हुआ है. बातचीत के बाद अरुण अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए कन्नौज रवाना हो गए. वहीं, छात्रों ने भी वापस अपनी कक्षाओं में जाकर पढ़ाई जारी रखी.