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क्या है 'Lily Padding'? जिसके जरिए कंपनियों में डबल ग्रोथ ले रहे हैं Gen-z

बदलते दौर और डिजिटल युग में भारत की जेनरेशन Z अब करियर से जुड़े रास्तों को अलग नजरिए से देख रही है. पहले जहां लोग एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करना पसंद करते थे, वहीं अब कई युवा नई स्किल सीखने और अलग-अलग अनुभव लेने पर फोकस कर रहे.

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बदलते दौर और डिजिटल युग में भारत की जेनरेशन Z अब करियर से जुड़े रास्तों को अलग नजरिए से देख रही है. (Photo: Pexels)
बदलते दौर और डिजिटल युग में भारत की जेनरेशन Z अब करियर से जुड़े रास्तों को अलग नजरिए से देख रही है. (Photo: Pexels)

आजकल ऑफिस की दुनिया में 'लिली पैडिंग' शब्द का यूज ट्रेंड में है, खासकर जेनरेशन Z के युवाओं के बीच. इसका मतलब है कि युवा एक ही कंपनी में लंबे समय तक रुकने के बजाय समय-समय पर नौकरी बदलते हैं ताकि वे नई स्किल्स सीख सकें और बेहतर मौके पा सकें. आज के युवा सिर्फ नौकरी करने के लिए काम नहीं कर रहे बल्कि सोच-समझकर अपने करियर की चाल चल रहे हैं. एक ही कंपनी में सालों तक टिके रहने की बजाय जेनरेशन Z के कई प्रोफेशनल्स नई स्किल्स, बेहतर मौके और तेज ग्रोथ के लिए समय-समय पर नौकरी बदलना पसंद कर रहे हैं. इसी ट्रेंड को अब 'लिली पैडिंग' कहा जा रहा है. इसका मतलब है कि करियर में छोटे लेकिन प्लानिंग के साथ कदम उठाना. सवाल यह है कि क्या यह तरीका अब भारत की जेनरेशन Z के लिए नई करियर रणनीति बनता जा रहा है?

युवा कर रहे हैं प्लानिंग

लिली पैडिंग एक ऐसी करियर प्लानिंग है जिसमें युवा नई स्किल्स और अलग-अलग फील्ड के अनुभव पाने के लिए समय-समय पर नौकरी, इंडस्ट्री या भूमिका बदलते रहते हैं. जहां पहले के दौर में करियर का मतलब एक ही कंपनी में लंबे समय तक टिके रहना माना जाता था, वहीं इस तरीके में लगातार सीखना और अलग-अलग काम के माहौल का अनुभव लेना ज्यादा अहम माना जाता है. आज के कई युवा प्रोफेशनल्स करियर को सीधी सीढ़ी की तरह नहीं बल्कि ऐसे कई सोच-समझकर उठाए गए कदमों की तरह देखते हैं, जो लंबे समय में उनकी स्किल्स और नौकरी के मौके (Employability) को मजबूत बनाते हैं. 

क्यों GEN Z अपना रही ये ट्रिक ?

युवाओं के बीच 'लिलि पैडिंग' तेजी से आगे बढ़ रही है जिसके पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ी वजह है तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के आने से कई कंपनियों में जरूरी स्किल्स लगातार बदल रही है. ऐसे में कई प्रोफेशनल्स नई नौकरी या कंपनी में जाकर नई स्किल्स सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश कर रहे हैं. आज के युवा किसी एक कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने से ज्यादा करियर ग्रोथ और स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. साथ ही रिमोट वर्क, गिग इकॉनमी और ग्लोबल जॉब मार्केट के बढ़ने से युवाओं को करियर की शुरुआत में ही अलग-अलग क्षेत्रों और अवसरों को आजमाने का मौका मिल रहा है. यही वजह है कि लिली पैडिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. 

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नौकरियों पर दिख रहा है असर 

भारत में लिलि पैडिंग का असर अब साफ दिखने लगा है खासकर खासकर टेक्नोलॉजी, डिजिटल सर्विसेज, मार्केटिंग और स्टार्टअप्स में. युवा नौकर बदलकर नई चीजें सीखने, उभरती तकनीकों और टूल्स को सीखने पर फोकस कर रहे हैं. वहीं, कंपनी विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव दर्शाता है कि अब कई लोग नौकरी की स्थिरता से ज्यादा रोजगार क्षमता और स्किल्स ग्रोथ को महत्व देते हैं. अलग-अलग कंपनियों और भूमिकाओं में काम करके वे अपने स्किल्स पर काम कर रहे हैं जिसे उन्हे कई फायदे भी मिल रहे हैं. बार-बार नौकरी बदलने से वह तेजी से स्किल सीखते है और साथ उनके सैलरी में भी बढ़त होती है. 

कंपनी को टेंशन 

हालांकि, युवा के लिए लिलि पैडिंग जितना फायदेमंद है, वहीं कंपनियों के लिए यह बेहद चिंता पैदा करने वाला है. बार-बार नौकरी बदलने से कंपनियों के लिए हायरिंग प्रोसेस पर ज्यादा पैसे खर्च करने होता है.   

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