माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व कर्मचारी राहुल कौशिक ने नौकरी जाने के बाद अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने बताया कि नौकरी से निकाले जाने की खबर मिलने के अगले दिन उन्हें इसका एहसास हुआ. अब राहुल ने 30 दिनों का चैलेंज शुरू किया है. इस दौरान वह माइक्रोसॉफ्ट में मिलने वाली सैलरी से ज्यादा कमाई वाली नई नौकरी तलाशेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो में उन्होंने नौकरी जाने के बाद अपने इमोशनल स्टेटस के बारे में खुलकर बात की है.
इंस्टाग्राम रील के जरिए अपना अनुभव शेयर करते हुए कौशिक ने कहा कि उनकी नौकरी से निकाले जाने की खबर उनके लिए हैरानी की बात थी, खासकर इसलिए क्योंकि यह दीवाली से ठीक पहले हुआ था. पहले तो ऐसा लगा कि Amazon और Microsoft जैसी कंपनियों में काम करने का अनुभव होने के कारण दूसरी नौकरी मिलना मुश्किल नहीं होगा लेकिन अगले ही दिन उन्हें हालात की गंभीरता का एहसास होने लगा.
जब सिस्टम का एक्सेस नहीं हो रहा था...
वीडियो में राहुल ने बताया कि उन्हें नौकरी जाने का एहसास तब हुआ, जब वह माइक्रोसॉफ्ट के आधिकारिक सिस्टम में लॉग-इन नहीं कर पाए. उन्हें तब पता चला कि उनकी कंपनी की ईमेल आईडी भी बंद हो चुकी है.
वह पिछले दो साल से इस ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे थे. ऐसे में उसका एक्सेस खोना उनके लिए नौकरी जाने की सच्चाई को स्वीकार करने जैसा था. कौशिक ने कहा कि शुरुआत में वह इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि छंटनी के बाद उनकी जिंदगी इतनी बदल जाएगी.
30 डे चैलेंज क्या कर पाएगी कमाल?
इस मुश्किल के बावजूद कौशिक ने इस हालात का सामना बेहद मजबूती के साथ करने का फैसला किया. वीडियो में उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने 30 डे चैलेंज का ऐलान किया है. जिसमें उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में मिलने वाली सैलरी से ज्यादा सैलरी वाली नई नौकरी ढूंढनी है. इस चैलेंज के तहत, वह रेगुलर तौर पर अपना CV नए एम्प्लॉयर्स को भेजने और अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स के साथ अपनी नौकरी की तलाश के बारे में अपडेट शेयर करने का प्लान बना रहे हैं.
उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स कॉम्पिटिटिव हायरिंग माहौल में काम कर रहे हैं और उन्हें जॉब सिक्योरिटी और सेक्टर के कुछ हिस्सों में कम मौकों की चिंता है.
कौशिक का अनुभव माइक्रोसॉफ्ट के वर्कफोर्स से जुड़े नए डेवलपमेंट के बीच आया है. कंपनी ने भारत, यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में लगभग 60,000 कर्मचारियों के लिए एक वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया है.
भारत में एलिजिबल कर्मचारियों को सर्विस के हर पूरे साल के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी मिल सकती है, साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सपोर्ट भी मिलेगा. एलिजिबल भारतीय कर्मचारियों के लिए यह ऑफर स्वीकार करने की डेडलाइन 1 दिसंबर, 2026 है.