ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई अब ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन चुके हैं. वे 56 साल के हैं. लंबे समय से सत्ता के पीछे से काम करते रहे हैं. युद्ध के दौरान उनके ठिकाने को लेकर काफी चर्चा है. इसे लेकर रहस्य बरकरार है.
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध शुरू होने पर वे और उनका परिवार तेहरान के लवीजान इलाके में एक गुप्त भूमिगत बंकर में छिपे थे. यह बंकर बहुत गहरा (90-100 मीटर नीचे) है और एंटी-बॉम्ब, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम से सुरक्षित है. यह बंकर सुरंगों का नेटवर्क है. IRGC से भी अलग एलीट यूनिट इसकी रक्षा करती है. पहले अली खामेनेई को भी इसी तरह के बंकर में ले जाया गया था.
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ईरान में मोजतबा का सीक्रेट बेस और सुरक्षा
ईरान में मोजतबा खामेनेई का मुख्य ठिकाना तेहरान में है लेकिन युद्ध के कारण वे लगातार सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होते रहते हैं. रिपोर्ट्स बताती हैं कि उनके पिता के कंपाउंड पर हमले के बाद वे लवीजान के गुप्त बंकर में थे. यह बंकर इतना मजबूत था कि इसे इजरायल ने भी निशाना बनाया और डिटेल्ड 3D एनिमेशन जारी किया.

अब नए सुप्रीम लीडर होने के बाद भी उनका ठिकाना गुप्त रखा जा रहा है क्योंकि अमेरिका-इजरायल के हमले जारी हैं. ईरान की सरकारी मीडिया में उनका ठिकाना कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता, लेकिन खुफिया रिपोर्ट्स में लवीजान और तेहरान के भूमिगत कॉम्प्लेक्स का जिक्र आता है.
लंदन में लग्जरी अपार्टमेंट्स: इजरायली दूतावास के सामने
मोजतबा खामेनेई के पास ईरान के बाहर भी बड़ी संपत्ति है. ब्लूमबर्ग की जांच से पता चला कि उनके पास लंदन के केन्सिंग्टन में दो लग्जरी अपार्टमेंट्स हैं जो छठी और सातवीं मंजिल पर हैं. ये अपार्टमेंट इजरायली दूतावास के ठीक सामने हैं – सिर्फ 50 मीटर दूर. इनकी कीमत 50 मिलियन पाउंड से ज्यादा है, यानी 614 करोड़ रुपए. ये 2014 से उनके नाम पर हैं. अपार्टमेंट्स में सर्वेंट क्वार्टर्स भी हैं. ये पैलेस ग्रीन नाम की प्राइवेट रोड पर हैं जहां पुलिस और सिक्योरिटी 24 घंटे रहती है.
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सुरक्षा चिंता और जासूसी का खतरा
इन अपार्टमेंट्स का लोकेशन बहुत संवेदनशील है क्योंकि ये इजरायली दूतावास के पीछे की तरफ सीधा नजर रख सकते हैं. सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यहां से दूतावास के स्टाफ, विजिटर्स की मॉनिटरिंग, फोटोग्राफी, लेजर से बातचीत सुनना या वाई-फाई इंटरसेप्ट करना संभव है.

काउंटर-टेररिज्म स्पेशलिस्ट रॉजर मैकमिलन ने कहा कि यह संपत्ति पोर्टफोलियो नहीं, बल्कि स्थायी सर्विलांस प्लेटफॉर्म है. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ जब लंदन में ईरानी जासूसों को गिरफ्तार किया गया जो यहूदी जगहों पर नजर रख रहे थे.
अन्य संपत्तियां और प्रतिनिधि का बयान
मोजतबा के पास लंदन के बिशप्स एवेन्यू (बिलियनेयर्स रो) पर 11 मकान भी हैं जो 1228 करोड़ से ज्यादा के हैं. ये भी शेल कंपनीज से खरीदे गए थे. दुबई में विला और यूरोप में होटल भी उनके कंट्रोल में बताए जाते हैं. फंडिंग ईरान के ऑयल प्रोग्राम से आई. लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि खामेनेई के बेटों के पास अपना घर नहीं है, वे किराए के घर में रहते हैं. यह बयान उनके ईरान में सादगी दिखाने के लिए हो सकता है लेकिन विदेशी संपत्ति की जांच से उल्टा साबित होता है.
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रहस्य और सुरक्षा का खेल
मोजतबा खामेनेई का मुख्य ठिकाना ईरान में गुप्त बंकर (लवीजान, तेहरान) है जहां वे युद्ध के दौरान छिपे रहते हैं. लेकिन उनकी विदेशी संपत्तियां, खासकर लंदन के अपार्टमेंट्स इजरायली दूतावास के सामने, बड़ा सवाल खड़ा करती हैं. ये संपत्तियां UK सरकार द्वारा फ्रीज हैं क्योंकि मोजतबा पर IRGC फाइनेंसिंग के आरोप हैं. मोजतबा अब नए सुप्रीम लीडर हैं लेकिन उनका ठिकाना और संपत्ति दोनों रहस्य से भरे हैं. यह खुलासा ईरान की सत्ता और वैश्विक संपत्ति के बीच के कनेक्शन को दिखाता है.