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ब्लैक सी में यूक्रेन के बंदरगाह पर रूसी हमला, कार्गो जहाज में लगी भयानक आग- Video

रूस के गेरान-4 जेट ड्रोन ने ओडेसा के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह में कार्गो जहाज और यूक्रेनी फिशिंग ट्रॉलर पर हमला किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि ट्रॉलर को ड्रोन बोट लॉन्च करने के लिए बदला गया था.

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ओडेसा के बंदरगाह पर खड़े कार्गो शिप पर रूस ने ड्रोन अटैक किया, जिसके बाद भयानक तरीके से जलने लगा. (Photo: X/Russia MOD)
ओडेसा के बंदरगाह पर खड़े कार्गो शिप पर रूस ने ड्रोन अटैक किया, जिसके बाद भयानक तरीके से जलने लगा. (Photo: X/Russia MOD)

यूक्रेन-रूस युद्ध में नई घटना सामने आई है. रूस ने अपने तेज जेट-पावर्ड गेरान-4 ड्रोन से ओडेसा ओब्लास्ट के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह में हमला किया. इस हमले में एक कार्गो जहाज और एक यूक्रेनी फिशिंग ट्रॉलर को निशाना बनाया गया. रूसी सेना ने हमले का फुटेज जारी किया है, जिसमें ड्रोन के सटीक हमले दिखाए गए हैं. यह घटना ब्लैक सी क्षेत्र में रूस की सैन्य कार्रवाइयों का हिस्सा बताई जा रही है.

चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह यूक्रेन के महत्वपूर्ण बंदरगाहों में से एक है. यहां रूसी गेरान-4 ड्रोन ने तेज गति से हमला किया. फुटेज में दिख रहा है कि ड्रोन ने जहाजों पर सटीक प्रहार किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि फिशिंग ट्रॉलर को सामान्य मछली पकड़ने के काम से बदलकर यूक्रेनी ड्रोन बोट लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. रूस का दावा है कि यह ट्रॉलर ब्लैक सी में रूसी जहाजों के लिए खतरा बन गया था.

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कार्गो जहाज पर हमला बंदरगाह की सामान्य गतिविधियों को बाधित करने के लिए किया गया. गेरान-4 ड्रोन जेट इंजन वाले होते हैं, जो इन्हें तेज गति और लंबी दूरी देते हैं. ये ड्रोन सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं और पारंपरिक ड्रोन से ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं.

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गेरान-4 ड्रोन की क्षमता

गेरान-4 रूस का एडवांस जेट-पावर्ड ड्रोन है. यह तेज उड़ान भरता है. दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता रखता है. इसके हमले सटीक होते हैं, जो बंदरगाह जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी साबित होते हैं. रूस इन ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन की बंदरगाह सुविधाओं, जहाजों और सैन्य ठिकानों पर नियमित रूप से कर रहा है. इससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और सैन्य आपूर्ति प्रभावित होती है.

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रूस का कहना है कि यह हमला ब्लैक सी में यूक्रेन की शिपिंग और बंदरगाह संचालन को बाधित करने का हिस्सा है. ब्लैक सी अनाज निर्यात और सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण है. यूक्रेन इन बंदरगाहों के जरिए हथियार और अनाज निर्यात करता है. रूस इन्हें निशाना बनाकर यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है.

Russian Attack on Ukraines Odesa Port

ट्रॉलर को ड्रोन बोट लॉन्चर के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप रूस ने पहले भी ऐसे दावे किए हैं. इससे रूस को हमले का नैतिक आधार मिलता है. लेकिन यूक्रेन इसे नागरिक जहाजों पर हमला बताकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांग रहा है.

युद्ध पर प्रभाव

यह हमला युद्ध को नई दिशा दे रहा है. जेट ड्रोन की बढ़ती भूमिका पारंपरिक युद्ध को बदल रही है. सस्ते और तेज ड्रोन अब बड़े जहाजों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे ब्लैक सी में नौवहन जोखिमपूर्ण हो गया है. बीमा कंपनियां महंगे प्रीमियम मांग रही हैं. कई जहाज कंपनियां इस रूट से बच रही हैं.

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ओडेसा क्षेत्र पहले से ही रूसी हमलों का शिकार रहा है. इस हमले से बंदरगाह पर काम रुक सकता है, जिससे अनाज निर्यात प्रभावित होगा. वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है. दोनों देश इस युद्ध में नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. रूस गेरान सीरीज के ड्रोन को और एडवांस कर रहा है.

यूक्रेन भी ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम मजबूत कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है, लेकिन युद्ध थमने के संकेत कम हैं. चोर्नोमोर्स्क हमला ब्लैक सी में जारी संघर्ष का एक और अध्याय है. यह दिखाता है कि कैसे ड्रोन आधुनिक युद्ध का मुख्य हथियार बन गए हैं. 

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