19 मार्च 2026 को ईरान ने ऐसा कर दिखाया जो किसी ने सोचा भी नहीं था. ईरान की एयर डिफेंस ने अमेरिका के सबसे एडवांस्ड स्टेल्थ F35 फाइटर जेट को हिट कर दिया. ये जेट कभी भी युद्ध में नहीं गिरा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान की सभी एयर डिफेंस खत्म हो गई हैं, लेकिन कुछ घंटों बाद ही ईरान ने F35 को ट्रैक किया, लॉक किया और मार गिराया.
अमेरिका का कहना है कि जेट इमरजेंसी लैंडिंग करके मिडिल ईस्ट के एक बेस पर उतरा, जबकि ईरान का दावा है कि वो क्रैश हो गया. बताया जा रहा है एक दूसरा F35 भी ईरान के बंदर अब्बास के ऊपर हिट हुआ है.
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F35 जेट क्या है... क्यों इसे अजेय माना जाता था?
F35 अमेरिका का सबसे महंगा और एडवांस्ड स्टेल्थ फाइटर जेट है. इसकी कीमत 800 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ये रडार से बचने के लिए बनाया गया है – रडार इसे आसानी से नहीं देख पाता.
दुनिया के 15 देश इस जेट को इस्तेमाल करते हैं. ट्रंप ने पिछले साल पीएम मोदी को भी F35 ऑफर किया था, लेकिन भारत ने अभी तक कोई रुचि नहीं दिखाई है. लेकिन अब ईरान ने दिखा दिया कि ये भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.
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ट्रंप ने क्या कहा था और क्या हुआ?
ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि हम ईरान के ऊपर जहां चाहें उड़ रहे हैं, कोई भी गोली नहीं चला रहा. डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की एयर डिफेंस खत्म हो गई है. लेकिन कुछ घंटों बाद ही ईरान ने F35 फाइटर जेट को हिट कर दिया. ईरान ने वीडियो भी जारी किया जिसमें दिखाया गया कि उनकी एयर डिफेंस ने जेट को ट्रैक किया और मार गिराया.

ईरान ने F35 को कैसे हिट किया?
एक्सपर्ट संदीप उन्निथन ने बताया कि स्टेल्थ टेक्नोलॉजी को मिसनॉमर कहा जा सकता है. कंपनी ब्रोशर में कहा जाता है कि ये रडार से पूरी तरह अदृश्य है, लेकिन रडार के अलावा दूसरे तरीके हैं.
मुख्य तरीका: हीट (गर्मी) से ट्रैक करना. F35 का इंजन बहुत गर्म होता है. ईरान ने इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक (IRST) सिस्टम का इस्तेमाल किया है. ये सिस्टम जेट की गर्मी पकड़ लेता है. बिना रडार के ट्रैक कर लेता है.
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इस्तेमाल हुआ हथियार: 358 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल (जिसे SA-67 भी कहते हैं). ये एक लॉयटरिंग मुनिशन है जो इन्फ्रारेड सेंसर से टारगेट को मारता है. ईरान पहले इसे MQ-9 रीपर ड्रोन के खिलाफ इस्तेमाल कर चुका है. जंग शुरू होने से अब तक अमेरिका ने 12 से ज्यादा रीपर ड्रोन खोए हैं.
ये घटना क्यों बहुत बड़ी है?
ये पहली बार है जब F35 फाइटर जेट युद्ध में हिट हुआ. ईरान ने दिखा दिया कि उसका एयर डिफेंस अब भी काम कर रहा है, भले अमेरिका ने दावा किया हो कि सब खत्म हो गया. अब अमेरिका और इजरायल को ईरान के ऊपर ऑपरेशन करने से पहले दोबारा सोचना पड़ेगा.

जेट्स को ऊंचाई पर उड़ाना पड़ेगा, ज्यादा महंगे हथियार इस्तेमाल करने पड़ेंगे. दुनिया भर में F35 खरीदने वाले 15 देश अब सोचेंगे – क्या ये जेट वाकई इतना सुरक्षित है?
1999 की पुरानी घटना से तुलना
1999 में अमेरिका का स्टेल्थ जेट F-117 Nighthawk (तब का सबसे एडवांस्ड) सर्बिया के ऊपर गिराया गया था. वो भी सोवियत काल की पुरानी सर्फेस-टू-एयर मिसाइल से गिरा था. तब भी स्टेल्थ जेट को रडार से नहीं, बल्कि दूसरे तरीके से पकड़ा गया था. अब F35 के साथ भी वैसा ही हुआ.
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ईरान जंग पर क्या असर पड़ेगा?
अमेरिका ने B-1 और B-2 जैसे बड़े बॉम्बर ईरान के ऊपर भेजे थे, क्योंकि उन्हें लगता था एयर स्पेस सुरक्षित है. लेकिन F35 गिरने से पता चला कि ईरान की डिफेंस अभी भी मजबूत है. अब अमेरिका को ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी, ज्यादा खर्च करना पड़ेगा और ऑपरेशन धीमे हो सकते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं – ये सिर्फ एक जेट नहीं, पूरी जंग की दिशा बदल सकता है.