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5000 पाउंड का वो बम... जिससे ईरानी 'होर्मुज डेंजर' मिटाने पर तुला अमेरिका, जानिए कितना पावरफुल

CENTCOM ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान की हार्डेंड एंटी-शिप मिसाइल साइट्स पर हमला किया. इसमें 5000 पाउंड वजन का बंकर बस्टर बम GBU-72 इस्तेमाल करने की खबर आ रही है. इस स्टोरी में एक वीडियो है जो इसके छोटे वर्जन के टेस्ट का है. उसे देखकर आपको इस बम की ताकत का अंदाजा लग जाएगा.

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ये है 5000 पाउंड का जीबीयू-72 पेनेट्रेटर बम, जिसका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मिसाइल सेंटर पर किया गया. (Photo: X/US CENTCOM)
ये है 5000 पाउंड का जीबीयू-72 पेनेट्रेटर बम, जिसका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मिसाइल सेंटर पर किया गया. (Photo: X/US CENTCOM)

अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के बहुत खास टारगेट पर हमला किया है. ये हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुआ, जहां ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपनी एंटी-शिप मिसाइलें छिपा रखी थीं. ये मिसाइलें समुद्री जहाजों को निशाना बनाती हैं. पिछले दिनों होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले कर रही थीं.

CENTCOM ने कहा है कि ये साइट्स पूरी तरह हार्डेंड थीं. यानी कठोर कंक्रीट और बंकर में बनी थीं, लेकिन अमेरिकी हमले में उन्हें नष्ट कर दिया गया. अभी ये साफ नहीं है कि हमला किस विमान से किया गया – हो सकता है F-15E, F-35 या बी2 बॉम्बर से – लेकिन रिपोर्ट्स में साफ जिक्र है कि एक बहुत भारी 5000 पाउंड का बंकर बस्टर बम इस्तेमाल हुआ, जिसे GBU-72 कहा जाता है. 

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बंकर बस्टर बम क्या है और इसका पावर कितना खतरनाक है?

बंकर बस्टर बम वो खास हथियार है जो गहरी जमीन या मोटे कंक्रीट में घुसकर अंदर फटता है. आम बम ऊपर से फट जाते हैं लेकिन ये अंदर घुसकर पूरा ढांचा तबाह कर देते हैं. 5000 पाउंड (2268 किलोग्राम) का GBU-72 बम इतना भारी है कि ये ईरान की सबसे गहरी मिसाइल लॉन्च साइट्स को भी चीर सकता है.

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ये वीडियो देखकर समझिए इसी बम का छोटा वर्जन कितनी तबाही मचा रहा है... 

इसे समझने के लिए सोचिए – 2000 पाउंड (लगभग 907 किलो) वाले BLU-109 बम की टेस्ट फुटेज देखिए. उसमें दिखता है कि जब ये बम मजबूत कंक्रीट पर गिरता है तो भयानक गड्ढा बन जाता है. लोहे के छल्ले टूट जाते हैं और चारों तरफ धूल-धुंध और तबाही होती है.  

अब GBU-72 उससे दोगुना से भी ज्यादा भारी है, तो इसका असर कल्पना से भी ज्यादा भयंकर होगा. एक ही बम से पूरी मिसाइल साइट ध्वस्त हो गई. ईरान के पास अब वहां से जहाजों पर हमला करना मुश्किल हो गया.

ये हमला क्यों किया गया और क्या है इसका मतलब?

ईरान पिछले दिनों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल के जहाजों को रोक रहा था. दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. खार्ग आइलैंड से ईरान का 90% तेल निकलता है, इसलिए अमेरिका पहले हवाई हमले कर चुका है. अब जमीन पर भी सैनिक भेजने की तैयारी में है. 

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यूएसएस ट्रिपोली युद्धपोत पर 2200 मरीन्स पहले से ही इस तरफ बढ़ रहे हैं. ये नया हमला उस तैयारी का हिस्सा लगता है. CENTCOM का मकसद है कि ईरान की मिसाइल ताकत को पूरी तरह खत्म किया जाए ताकि दुनिया का तेल रास्ता सुरक्षित हो सके. अभी ईरान की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है लेकिन ये हमला दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है.

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अगर ईरान जवाब दे तो आगे क्या होगा?

ये हमला अभी सिर्फ शुरुआत है. अगर ईरान मिसाइलों या ड्रोन से जवाब देगा तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद हो सकता है. इससे तेल की कीमतें आसमान छू लेंगी. दुनिया में महंगाई बढ़ेगी. लेकिन अमेरिका की तरफ से इतना बड़ा बंकर बस्टर इस्तेमाल करके साफ मैसेज दिया गया है कि अब कोई भी ईरानी बंकर सुरक्षित नहीं है. 

CENTCOM का ये स्ट्राइक दिखाता है कि अमेरिका अब ईरान की सबसे मजबूत जगहों पर भी हमला करने की क्षमता रखता है. 5000 पाउंड बंकर बस्टर का पावर देखकर ईरान को सोचना पड़ेगा.

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