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कासगंज हिंसाः चंदन हत्याकांड के तीनों आरोपी भाई पहुंचे जेल

कासगंज हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के 2 अहम आरोपियों को पुलिस और एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों की गिरफ्तारी बुधवार की देर शाम की गई. पकड़े गए आरोपी नसीम और वसीम हैं. जबकि उनका भाई सलीम पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुलिस ने नसीम और वसीम से पहले ही इनके भाई सलीम को गिरफ्तार कर लिया था पुलिस ने नसीम और वसीम से पहले ही इनके भाई सलीम को गिरफ्तार कर लिया था

कासगंज हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के 2 अहम आरोपियों को पुलिस और एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों की गिरफ्तारी बुधवार की देर शाम की गई. पकड़े गए आरोपी नसीम और वसीम हैं. जबकि उनका भाई सलीम पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

कासगंज के एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने आजतक को फोन पर बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार की शाम ही गिरफ्तार कर लिया था. नसीम और वसीम नामक दोनों आरोपी सलीम के भाई हैं. जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अब चंदन की हत्या के तीनों मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं.

एसपी ने बताया कि जिला प्रशासन ने आरोपी सलीम के दो हथियारों के लाइसेंस भी कैंसिल कर दिए हैं. चंदन हत्याकांड मामले में अब तक 20 में से 11 नामजद आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. SP कासगंज के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपी भाइयों के पास से दो तमंचे भी बरामद किए गए हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले नसीम और वसीम के भाई सलीम को सप्ताहभर पहले गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. सलीम और उसके भाई वसीम, नसीम को चंदन हत्याकांड का मुख्य आरोपी बनाया गया है.

इसी दौरान एक अन्य आरोपी राहत कुरैशी को भी कासगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इस केस जाहिद जग्गा, आसिफ हिटलर, असलम, असीम, नसरुद्दीन, आकरम, तौफीक, खिल्लन, शबाब, सलमान, मोहसिन, साकिब, बब्लू, नीशू और वासिफ को भी आरोपी बनाया गया है. इनमें से मुख्य आरोपी सलीम जावेद को बुधवार को एसटीएफ और पुलिस टीम गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी से पिस्टल बरामद कर ली थी.

वहीं यूपी सरकार ने कासगंज हिंसा मामले में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है. रिपोर्ट में कानून व्यवस्था को लेकर पैदा हुई स्थिति, मौजूदा स्थिति और कार्रवाई के बारे में बताया गया है. कासगंज हिंसा मामले में अब तक पुलिस 8 मुकदमे दर्ज कर 40 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. अब तक 121 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस ने अब तक की कार्यवाही के दौरान एक डीबीबीएल बंदूक, दो कारतूस, एक एसबीबीएल देशी, 4 कारतूस और 8 खोखा कारतूस बरामद बरामद किए हैं. इस घटना के संबंध में चिन्हित व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दबिशें दी जा रही हैं. मंगलवार को आरोपियों की संपत्ति की कुर्की करने के आदेश जारी किए गए थे.

चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने 18 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. इनमें सलीम, वसीम, नसीम, जाहिद उर्फ जग्गा, आसिफ कुरैली उर्फ हिटलर, असलम कुरैशी, असीम कुरैशी, नसरुद्दीन, अकरम, तौफिक, खिल्लन, शबाव, राहत, सलमान, मोहसिन, आसिफ जिम वाला, सादिक और बबलू का नाम शामिल हैं.

इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 149, 341, 336, 307, 302, 504, 506, 124A के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. शुक्रवार को गणतंत्र दिवस पर VHP और ABVP के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा निकाली. तिरंगा यात्रा जब बिलमार गेट के पास अल्पसंख्यक समुदाय के मोहल्ले से गुजरने लगी.

बताते चलें कि पुलिस के मुताबिक 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों ने भड़काऊ नारेबाजी की थी, जिससे दो गुटों में झड़प शुरू हो गई थी. झड़प इतनी बढ़ी की इसने हिंसा का रूप ले लिया. दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई और गोलियां भी चलीं. फायरिंग में एक युवक चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. युवक की मौत के बाद हिंसा ने उग्र रूप ले लिया.

उग्र उपद्रवियों ने जमकर दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की. रात होते-होते इलाके में भारी पुलिस और सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा और कर्फ्यू लगा दिया गया था. रात भर माहौल शांत, लेकिन तनावपूर्ण बना रहा. शनिवार को कर्फ्यू के बावजूद फिर से हिंसा भड़क उठी थी और उपद्रवियों ने दर्जनों बसों और वाहनों में आग लगा दी थी. लेकिन अब शहर के हालात सामान्य हो गए हैं. एतियात के तौर पर वहां भारी पुलिस बल तैनात है.

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