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एक करोड़ की चीटिंग के मामले में जीजा साला गिरफ्तार

डिस्ट्रीब्यूटरों को चूना लगाने के बाद सुशील और राजेश ने जमकर पैसा बनाया. इस कमाई के बाद राजेश ने अपने गांव में जाकर वहां एक i20 गाड़ी खरीदी और अपने रिश्तेदारी में शादी के समारोह में भी पैसे खर्च किए. इस बीच यहां के लोगों को पता चला कि वह यहां से भाग गया है तो लोगों ने फिर एक-एक करके शिकायत करनी शुरू कर दी.

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धोखाधड़ी में पकड़े गए जीजा-साले (फोटो-तनसीम)
धोखाधड़ी में पकड़े गए जीजा-साले (फोटो-तनसीम)

दिल्ली पुलिस ने जीजा-साले की एक ऐसी जोड़ी को पकड़ा है जिन्होंने कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और मिनरल वॉटर के डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ धोखाधड़ी करते हुए उनके माल को कम दाम में बेचकर एक करोड़ रुपये कमाए और अपने गांव चले गए. धोखाधड़ी के शिकार 10 डिस्ट्रीब्यूटरों ने पुलिस में इसकी शिकायत की, जिसके बाद दक्षिण-पूर्व जिले के गोविंदपुरी थाने की पुलिस टीम ने एक करोड़ की चीटिंग के मामले में एक जीजा और साला को गिरफ्तार कर लिया.

दक्षिण पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय विशवाल ने बताया कि पुलिस टीम ने 16 लाख से ज्यादा का कैस और चीटिंग के पैसे से खरीदी गई i-20 गाड़ी भी बरामद की है. दोनों से पूछताछ के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए जीजा-साले में सुशील और राजेश शामिल हैं. राजेश मूलतः उन्नाव जिले का रहने वाला है जबकि उसका जीजा सुशील दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में रह रहा था. इनके खिलाफ 10 अलग-अलग होलसेल और बड़े डिस्ट्रीब्यूटरों ने लगभग एक करोड़ रुपये की चीटिंग की शिकायत गोविंदपुरी पुलिस को दी थी. इन होलसेलरों में कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, मिनरल वाटर आदि से जुड़े डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस करने वाले शामिल हैं.

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शिकायत के बाद जांच शुरू

शिकायत पर एसएचओ गोविंदपुरी कुलदीप सिंह की टीम ने मामला दर्ज कर के आगे की छानबीन शुरू की और टेक्निकल सर्विलांस और मामले की छानबीन करके पहले राजेश के बारे में पता लगाया. इसके बाद राजेश को उन्नाव स्थित उसके गांव से गिरफ्तार किया. पुलिस टीम को उसके पास से 5 लाख 30 हजार रुपये बरामद हुए. साथ ही वो कार भी बरामद की गई जो इन्होंने के पैसे से खरीदी थी.

राजेश को कोर्ट से रिमांड पर लेने के बाद फिर उसके जीजा के घर पर भी रेड किया गया और पुलिस ने वहां से 9 लाख से ज्यादा रुपये बरामद किया. पूछताछ में पुलिस टीम को पता चला कि राजेश पहले सेल्समैन का काम करता था. 2 साल तक उसने सेल्समैन की नौकरी की. उसी दौरान उसके दिमाग में आइडिया आया कि जिस लाइन में वह सेल्समैन का काम करता है उसमें क्रेडिट पर सामान मिल जाता है. बाद में बेचकर फिर कंपनियों को पैसे वापस किए जाते हैं.

कंपनी में हुआ घाटा

फिर उसने सेल्समैन की नौकरी छोड़ कर के 'ओम साईं सर्विस' के नाम से कंपनी बनाई और छोटा मोटा काम शुरू कर दिया. जब उस काम में उसे फायदा होने लगा तो उसने लोन लेकर डिलीवरी वैन यानी छोटा हाथी आदि खरीद लिया. धीरे-धीरे उसने अपना काम बढ़ा लिया. उसने और गाड़ियां भी लोन पर ले ली, लेकिन बाद में उसके में नुकसान होने लगा और वह कर्ज में डूब गया.

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इस बीच उसने मोटे ब्याज पर जिनसे पैसे लिए थे वो भी परेशान करने लग गए. फिर उसके दिमाग में दिवाली के अवसर पर आइडिया आया कि क्यों ना बड़े-बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स से सामान लेकर के उसे कम कीमत में बेच करके उससे पैसा इकट्ठा करके कुछ को वापस कर दिया जाए और फिर जो लग्जरी लाइफ जीने का शौक है उसे पूरा किया जाए. राजेश ने उसी प्लान के तहत दिवाली के बाद लगभग एक करोड़ का सामान लिया और उसे कम कीमतों पर छोटे-छोटे डीलरों को सामान दे दिया और फिर पैसा इकट्ठा करके गांव चला गया.

वहां उसने एक i20 गाड़ी खरीदी और अपने रिश्तेदारी में शादी के समारोह में भी पैसे खर्च किए. इस बीच, यहां के लोगों को पता चला कि वह यहां से भाग गया है तो लोगों ने फिर एक-एक करके शिकायत करनी शुरू कर दी. इस तरह से 10 लोगों ने शिकायत की जिसके आधार पर एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने राजेश को पकड़ा और उसके बाद उसके जीजा को.

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