scorecardresearch
 

मरकज के खिलाफ FIR: प्रबंधन ने की लापरवाही, नहीं मानी पुलिस की बात

आरोप है कि सरकारी आदेश के बावजूद भी एक ही बिल्डिंग में 50 से ज्यादा लोग धार्मिक कार्य के लिए एक ही जगह इकट्ठे रहे. 21 मार्च को दिल्ली पुलिस ने मरकज़ के लोगों से संपर्क साधा और मुफ़्ती शहजाद को कोरोना के बारे में समझाया कि आप लोग तुरंत कार्रवाई करें, विदेशियों को अपने देश वापिस भेज दें और भारत के लोगों को उनके घर.

Advertisement
X
देशभर में तबलीगी जमात के लोगों की तलाश की जा रही है (फोटो- PTI)
देशभर में तबलीगी जमात के लोगों की तलाश की जा रही है (फोटो- PTI)

  • पुलिस ने मरकज के अधिकारियों संग की थी बैठक
  • विदेशियों और भारतीयों को वापस भेजने का किया था आग्रह

दिल्ली के मरकज का मामला सरकार और पुलिस के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है. इस संबंध में लॉक डाउन के आदेशों का उलंघन करने वाले मरकज़ के 7 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार आरोप है कि सरकारी आदेश के बावजूद एक ही बिल्डिंग में 50 से ज्यादा लोग धार्मिक कार्य के लिए एक ही जगह इकट्ठे रहे. 21 मार्च को दिल्ली पुलिस ने मरकज़ के लोगों से संपर्क साधा और मुफ़्ती शहजाद को कोरोना के बारे में समझाया कि आप लोग तुरंत कार्रवाई करें, विदेशियों को अपने देश वापिस भेज दें और भारत के लोगों को उनके घर.

FIR के मुताबिक लेकिन मरकज के लोगों ने उनकी बात नहीं मानी. एक ऑडियो हमें मिली है, जो लगता है कि वो मौलाना मोहम्मद साद की है जो तबलीगी जमात का प्रमुख है. ऑडियो व्हाट्सएप के माध्यम से मिली है, जिसमें वो अपने फॉलोअर्स को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को न मानने के लिए कह रहा है और मरकज़ में ही इकठ्ठा रहने को बोल रहा है.

Advertisement

इसी बीच सरकार ने 24 तारीख को देश में सम्पूर्ण लॉकडाउन का ऑर्डर जारी कर दिया. 24 तारीख को निजामुद्दीन थाने में एक मीटिंग हुई, जिसमें मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद शहजाद, डॉक्टर जीशान, मुरश्लिन सैफी, मोहम्मद सलमान, एम यूनुस और मौलाना मोहम्मद साद शामिल हुए. इन सबको बताया गया कि आपको लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना है, मगर मरकज़ के पदाधिकारियों ने हेल्थ डिपार्टमेन्ट और किसी भी सरकारी एजेंसी को मरकज़ में इतने लोगों के इकठ्ठा होने की जानकारी नहीं दी और जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया. हमने ( SHO) 28 मार्च को इनको नोटिस भेजा था, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं दिया.

SDM डिफेंस कॉलोनी ने 26, 27, 28, 29, 30 मार्च को मरकज का इंस्पेक्शन किया, जिसमें करीब 1300 लोग जो भारतीय और विदेशी थे, एक ही जगह रह रहे थे और कोई भी सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो नहीं कर रहे थे. कोई भी मास्क और सेनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं कर रहा था. मरकज़ पदाधिकारियों ने किसी को मास्क और सेनिटाइजर उपलब्ध नहीं करवाये, जबकि कोरोना संक्रमण फैला हुआ है, जिससे इन्होंने वहां रहने वाले लोगों और आम नागरिक की जान खतरे में डाली है. हम क्राइम ब्रांच को इस बारे में सूचना दे रहे हैं कि मौलाना मोहम्मद साद और बाकी पदाधिकारियों पर कानूनी एक्शन लिया जाए.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement