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प्यार, झगड़ा, कत्ल और साजिश... श्रद्धा-आफताब के बीच 'वो' तीसरा कौन था?

श्रद्धा वॉल्कर अपने मोबाइल में एक एप्लीकेशन (app) का इस्तेमाल करती थी. जिसका नाम है बंबल एप (Bumble app). यह एक सोशल और डेटिंग एप है. इसी के ज़रिए उसकी मुलाकात हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक शख्स से हुई थी.

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आफताब और श्रद्धा के बीच एक नए शख्स को लेकर झगड़ा हुआ था
आफताब और श्रद्धा के बीच एक नए शख्स को लेकर झगड़ा हुआ था

श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस की चार्जशीट में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं. हत्या करने के बाद आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा की लाश के छोटे-छोटे टुकड़े किसी जल्लाद की तरह किए थे. कत्ल का मकसद भी अब साफ हो गया है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर श्रद्धा का वो नया दोस्त कौन था? जिसे लेकर पहले आफताब का उसके साथ झगड़ा हुआ था. फिर उसने श्रद्धा की पिटाई की थी. और इसके बाद उसका कत्ल कर दिया था. 

एप के जरिए हुई थी मुलाकात
आजतक/इंडिया टुडे को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि श्रद्धा वॉल्कर अपने मोबाइल में एक एप्लीकेशन (app) का इस्तेमाल करती थी. जिसका नाम है बंबल एप (Bumble app). यह एक सोशल और डेटिंग एप है. जिस पर अनजान लोग एक दूसरे से दोस्ती करते हैं. इसी एप्लीकेशन के ज़रिए उसकी मुलाकात हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक शख्स से हुई थी. 

दोस्त से मिलने गुरुग्राम गई थी श्रद्धा 
17 मई 2022 को उसी दोस्त से मिलने के लिए गुरुग्राम जा रही थी. वो उस दिन सुबह ही घर से निकल गई थी. श्रद्धा पहली बार गुरुग्राम के इस दोस्त से मिलने निकली थी. यही वो एप था, जिसके जरिए श्रद्धा की मुलाकात आफताब अमीन पूनावाला से हुई थी. 

अगले दिन लौटी थी श्रद्धा
श्रद्धा उस दिन घर नहीं लौटी. आफताब उसका इंतजार करता रहा. शायद वो फोन पर भी रिस्पॉन्ड नहीं कर रही थी. यही वजह थी कि वो पूरी रात परेशान था. दूसरे दिन यानी 18 मई की सुबह तकरीबन 11 बजे श्रद्धा वापस छतरपुर के फ्लैट पर पहुंची. पुलिस को 18 मई का श्रद्धा का फ्लैट में दाखिल होते हुए सीसीटीवी फुटेज भी मिल चुका है.

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झगड़े के बाद किया था श्रद्धा का मर्डर
जब श्रद्धा वापस आई तो आफताब काफी गुस्से में था. उसने पूछा कि वो रात में कहां थी. श्रद्धा ने कोई जवाब नहीं दिया. दोनों के बीच झगड़ा हुआ. मारपीट भी हुई. इसके बाद दोनों जब सामान्य हुए तो साथ में दोनों ने खाना खाया. मगर इसके बाद फिर से दोनों के बीच झगड़ा होने लगा और आफताब ने इसी दौरान गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हालांकि श्रद्धा के उस दोस्त का नाम पुलिस ने नहीं बताया है.

जांच के लिए पुलिस ने बनाई थी 9 टीम
मंगलवार को दिल्ली पुलिस की संयुक्त पुलिस आयुक्त (साउथ रेंज) मीनू चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया था कि इस मामले की जांच के लिए पुलिस की 9 टीमें बनाई गई थीं. साथ ही एक एसआईटी का गठन किया गया था. इस केस की जांच का दायरा दिल्ली ही नहीं बल्कि चार राज्यों तक फैला था. जिसमें दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश भी शामिल था.

कत्ल के बाद किए थे लाश के टुकड़े
ज्वाइंट कमिश्नर मीनू चौधरी ने बताया कि आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे. इसलिए लाश के टुकड़े बरामद करने के लिए अलग टीम बनाई गई थी. उस टीम ने अफताब की निशानदेही पर टुकड़े बरामद किए थे. 

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जांच में ली गई फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद
उन्होंने बताया कि आरोपी अफताब अमीन पूनावाला से एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग टीमों ने पूछताछ की. इस केस में पूछताछ के लिए एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया था. मौका-ए-वारदात यानी क्राइम सीन पर एफएसएल (FSL) और सीएफएसएल (CFSL) से भी जांच करवाई गई.

जुटाए गए डिजिटल एविडेंस 
संयुक्त पुलिस आयुक्त (साउथ रेंज) मीनू चौधरी के अनुसार, इस मामले के आरोपी आफताब का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया. साथ ही गुरुग्राम और दिल्ली से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सबूत के तौर पर लिया गया. यही नहीं आफताब का लैपटॉप, सोशल मीडिया जैसे डिजिटल एविडेंस भी बरामद किए गए. श्रद्धा की लाश को काटने के लिए कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, जिनमें से कुछ हथियार पुलिस ने बरामद किए हैं.

150 से ज्यादा गवाह
ज्वाइंट कमिश्नर मीनू चौधरी के मुताबिक सभी सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. इस मामले में पुलिस ने 150 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. जिनका जिक्र चार्जशीट में किया गया है. 

हत्या का मोटिव 
जार्जशीट के मुताबिक, 17 मई 2022 को श्रद्धा अपने दूसरे दोस्त से मिलने गुरुग्राम गई थी. इसके बाद वो 18 मई 2022 की दोपहर वापस लौटी थी. इस बात को लेकर अफताब नाराज हो गया था. इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ और आफताब ने उसकी हत्या कर दी थी. 

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वकील बदलना चाहता है आफताब
आरोपी आफताब अपने वकील से नाराज लग रहा है. वो इस मामले की चार्जशीट अपने वकील को नहीं दिखाना चाहता है. उसने अपना वकील बदलने की बात कर दी है. आफताब की न्यायिक हिरासत 7 फरवरी 2023 तक बढ़ा दी गई है. 

7 फरवरी के बाद आफताब को मिलेगी चार्जशीट
जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में पुलिस ने आफताब का नार्को टेस्ट कराया था. उससे पहले पॉलीग्राफी टेस्ट भी हुआ था. उससे कई तरह के सवाल-जवाब पूछे गए थे, उसी के बाद चार्जशीट तैयार हुई. अब आफताब ने चार्जशीट की एक कॉपी उससे मांगी है. इस पर मजिस्ट्रेट ने साफ कहा है कि 7 फरवरी को इस मांग पर संज्ञान लिया जाएगा. इसके बाद ही आफताब को केस की चार्जशीट मिल पाएगी.

 

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