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3 करोड़ से ज्यादा का कर्ज, 1.5 करोड़ वसूलने की साजिश... फिरौती मांगने से पहले ही भास्कर ने क्यों की प्रज्वल की हत्या? उलझी मिस्ट्री

बेंगलुरु में 13 साल के प्रज्वल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस कत्ल की असली वजह तलाश रही है. UK से लौटे पड़ोसी भास्कर रेड्डी पर 1.5 करोड़ रुपये फिरौती की साजिश का आरोप है. पढ़ें सनसनीखेज कत्ल की कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

बेंगलुरु में 13 साल के प्रज्वल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हत्या की असली वजह (मोटिव) पता करना है. इस मामले में यूके से लौटे प्रज्वल के पड़ोसी भास्कर रेड्डी को आरोपी बनाया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया था कि भास्कर के परिवार पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज था. पुलिस को शक था कि इसी आर्थिक परेशानी के चलते उसने प्रज्वल के अपहरण और फिरौती के जरिए पैसे जुटाने की साजिश रची.

पुलिस के मुताबिक प्रज्वल को भास्कर पहले से जानता था और इसी वजह से वह उसके लिए आसान निशाना था. बुधवार रात 26 वर्षीय भास्कर ने प्रज्वल को पटाखे खरीदने और कार चलाना सिखाने के बहाने अपनी गाड़ी में बैठाया था. उसके साथ उसका कथित सहयोगी एडुकोंडालु भी मौजूद था. इसके बाद दोनों प्रज्वल को बागलूर स्थित उस जमीन के पास ले गए, जिसे भास्कर के पिता खरीदने की योजना बना रहे थे.

पुलिस के अनुसार वहां प्रज्वल के हाथ-पैर प्लास्टिक की तार से बांध दिए गए और उसका मुंह भी बंद किया गया. इस दौरान उसके रोने का वीडियो भी बनाया गया था. भास्कर की कथित योजना इस वीडियो को प्रज्वल के पिता और रियल एस्टेट कारोबारी मनोहर को भेजकर 1.5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की थी. लेकिन पुलिस के मुताबिक वीडियो भेजने से पहले ही प्रज्वल की हत्या कर दी गई.

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फिरौती मांगने से पहले हत्या?

पुलिस के लिए यही सवाल इस पूरे मामले की जांच को उलझा रहा है. हत्या के बाद भास्कर कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने के लिए आंध्र प्रदेश के नेल्लोर की तरफ जा रहा था. इसी दौरान उसकी गाड़ी एक सड़क हादसे का शिकार हो गई और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस का कहना है कि अगर मकसद सिर्फ फिरौती वसूलना था, तो फिरौती की मांग किए बिना प्रज्वल की हत्या क्यों की गई, यह अभी साफ नहीं है.

जांच अधिकारियों के मुताबिक भास्कर ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि प्रज्वल के पिता जमीन खरीदने वाले थे और उनके पास पैसा हो सकता है. इसी आधार पर उसने बच्चे को अगवा कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी. लेकिन पुलिस उसके इस बयान को पूरी तरह मान नहीं रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उसने वारदात के दौरान शराब क्यों पी और बेंगलुरु से बाहर शव ले जाते समय पकड़े जाने के खतरे के बारे में उसने क्यों नहीं सोचा.

कोई पुराना विवाद तो नहीं?

पुलिस अब इस मामले में दोनों परिवारों के बीच किसी पुराने विवाद की भी जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक भास्कर का परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था, जबकि प्रज्वल के पिता मनोहर का परिवार आर्थिक रूप से बेहतर हालत में था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों परिवारों के बीच पैसों या दोस्ती को लेकर हाल के दिनों में कोई विवाद हुआ था. इसके अलावा प्रज्वल और भास्कर के बीच किसी तरह की दुश्मनी विकसित होने की संभावना भी जांची जा रही है.

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पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि प्रज्वल और भास्कर के बीच काफी नजदीकी थी. बताया गया है कि प्रज्वल भास्कर के काफी करीब हो गया था और उसकी कथित प्रेम संबंधी रुचि को लेकर उसे चिढ़ाता भी था. पुलिस के मुताबिक यह बात भास्कर को पसंद नहीं थी. अब जांच एजेंसियां भास्कर के मोबाइल फोन की जांच कर रही हैं और अपराध से पहले उसके संपर्क में रहे लोगों तथा बातचीत का विश्लेषण किया जा रहा है.

फरार है भास्कर का साथी

इस मामले में पुलिस भास्कर के कथित सहयोगी एडुकोंडालु की भी तलाश कर रही है. पुलिस के मुताबिक वह वारदात के समय भास्कर के साथ मौजूद था और हत्या के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है. उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस को घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और प्रज्वल की हत्या का मकसद क्या था, इसे समझने में मदद मिल सकती है. फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है.

लंदन से लौटा था आरोपी

पुलिस की जांच में भास्कर की पढ़ाई और नौकरी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है. परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक उसने नेल्लोर से पीयू साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2017 से 2021 के बीच बेंगलुरु की रेवा यूनिवर्सिटी से बी.टेक किया था. इसके बाद जनवरी 2022 में वह निर्माण प्रबंधन में एम.एससी करने के लिए लंदन चला गया था. 18 महीने का यह कोर्स पूरा करने के बाद उसने वहां अलग-अलग पार्ट टाइम जॉब किए.

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भास्कर जनवरी 2025 में वापस बेंगलुरु आया था. इसके बाद उसने अलग-अलग निजी कंपनियों में कम अवधि के लिए काम किया. पुलिस के मुताबिक पिछले करीब डेढ़ महीने से वह L&T फाइनेंस लिमिटेड की कोरमंगला शाखा में काम कर रहा था. वहां उसकी मासिक आय करीब 65 हजार रुपये थी. हालांकि पुलिस का कहना है कि उसकी जीवनशैली में शराब, SUV, दोस्तों के साथ पार्टी और दूसरे खर्च शामिल थे, जिसके मुकाबले उसकी आय कम थी.

कई सवालों के जवाब मिलना बाकी

प्रज्वल हत्याकांड में पुलिस के सामने अब केवल अपहरण और हत्या की घटनाओं की कड़ी जोड़ना ही चुनौती नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी जरूरी है कि आखिर हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी. 1.5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कथित योजना के बावजूद बच्चे की हत्या पहले ही कर देना कई सवाल खड़े करता है. पुलिस भास्कर के बयान, उसके मोबाइल फोन की जानकारी, दोनों परिवारों के रिश्तों और उसके फरार साथी एडुकोंडालु से मिलने वाली जानकारी को जोड़कर जांच कर रही है.

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