
हरियाणा में यमुनानगर के हरभजन सिंह हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक के बाद एक अहम सुराग मिल रहे हैं. अब इस मामले में क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA)-II ने गुरुवार को पाबनी-मंधार गांव की सड़क पर मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 3 सितंबर को यमुनानगर के मॉडल टाउन में फाइनेंसर और ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 65 वर्षीय हरभजन सिंह को जैक फिटनेस जिम के बाहर निशाना बनाया गया था.
मॉडल टाउन में जैक फिटनेस जिम के बाहर हरभजन सिंह की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई थी. कारोबार से जुड़े हरभजन सिंह को हमलावरों ने गोली मार दी थी. शुरुआती तौर पर यह मामला एक सामान्य शूटआउट जैसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को पता चला कि हत्या की तैयारी काफी पहले से की जा रही थी. पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी और इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आ रही है.
कार में लगा दी गई थी GPS चिप
पुलिस की जांच में इस साजिश की सबसे अहम कड़ी हरभजन सिंह की कार में मिली ट्रैकिंग डिवाइस से जुड़ी है. जांच के मुताबिक, हत्या से काफी पहले उनकी गाड़ी में गुपचुप तरीके से GPS चिप फिट की गई थी. इस डिवाइस के जरिए हरभजन सिंह की लोकेशन और उनकी आवाजाही पर नजर रखी जा रही थी. माना जा रहा है कि इसी जानकारी के आधार पर हमलावरों को उनके ठिकाने की जानकारी मिलती थी और मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया गया.

विशाल और उसके साथी पर आरोप
पुलिस की जांच में डेरा अमीन निवासी विशाल और उसके एक साथी का नाम सामने आया है. पुलिस का मानना है कि हरभजन सिंह की कार में GPS डिवाइस लगाने की जिम्मेदारी इन दोनों ने निभाई थी. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डिवाइस कहां से खरीदी गई थी, उसे कार में कब और किस तरह लगाया गया और उससे मिलने वाली लोकेशन की जानकारी आखिर किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी.
राकेश और आर्यन के आने की सूचना
गुरुवार शाम CIA टीम को हत्याकांड से जुड़े दो संदिग्धों के बारे में सूचना मिली थी. पुलिस को पता चला कि राकेश और आर्यन बाइक से पाबनी रोड की तरफ आ रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीमों ने गांव महलावाली के पास सड़क पर घेराबंदी कर दी. टीमों ने संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने के लिए मोर्चा संभाल लिया. कुछ देर बाद दोनों युवक उसी रास्ते से आते दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया.
पुलिस को देखते ही फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, रुकने का इशारा करने पर दोनों संदिग्धों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 20 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है. गोलीबारी में राकेश और आर्यन के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया. घायल आरोपियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया.
दोनों पर था 5-5 हजार रुपये का इनाम
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुरुक्षेत्र की कंग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार और हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन के तौर पर हुई है. पुलिस के अनुसार, दोनों पर पहले से 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पूछताछ में सामने आया है कि दोनों इस हत्याकांड से जुड़े लोगों के संपर्क में थे. अब पुलिस उनकी भूमिका और वारदात में उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी जुटा रही है.
होटल में शूटरों के ठहरने का इंतजाम
शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला कि राकेश और आर्यन ने कथित तौर पर असली शूटरों के लिए कुरुक्षेत्र के एक होटल में ठहरने का इंतजाम किया था. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हथियार पहुंचाने और हत्या की तैयारी से जुड़े कामों में भी मदद की. जांच में यह भी सामने आया है कि उन्हें हत्या की योजना के बारे में पहले से जानकारी थी. वारदात से पहले और उसके बाद भी दोनों कथित तौर पर साजिश में शामिल अन्य लोगों के संपर्क में बने रहे.
पुलिस की गिरफ्त से बाहर है असली शूटर
इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जिन लोगों ने कथित तौर पर हरभजन सिंह पर गोली चलाई थी, वे अभी फरार बताए जा रहे हैं। यही इस केस की सबसे अहम कड़ी है, क्योंकि पुलिस अब उन मुख्य शूटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस उनके नाम, ठिकाने और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
होटल रिकॉर्ड और तकनीकी सबूत
पुलिस की टीमें अब मामले से जुड़े तकनीकी और दूसरे सबूतों को जोड़ने में लगी हैं. होटल में ठहरने के रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या के बाद शूटर किस रास्ते से फरार हुए और उन्हें किसने मदद पहुंचाई. अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच करेगी.