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₹1.79 करोड़ चुकाने के बाद भी नहीं रुकी वसूली, हैदराबाद के टेक प्रोफेशनल से ₹22.9 लाख की कथित उगाही

हैदराबाद के कुकटपल्ली में 38 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने 34 लोन ऐप के रिकवरी एजेंटों पर ₹22.9 लाख से अधिक की कथित उगाही, ब्लैकमेल और धमकी देने का आरोप लगाया है. साइबराबाद पुलिस ने केस दर्ज किया. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

हैदराबाद में लोन ऐप के जरिए कर्ज लेने वाले एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने रिकवरी एजेंटों पर धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप लगाया है. पीड़ित का कहना है कि एजेंटों ने उसे ब्लैकमेल किया और उसके निजी डेटा का गलत इस्तेमाल किया. आरोप है कि कर्ज चुकाने के बाद भी उससे लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही. इस मामले में साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता की उम्र 38 साल है और वह हैदराबाद के कुकटपल्ली इलाके में रहता है. उसने आरोप लगाया कि 8 सितंबर 2025 से 1 अक्टूबर 2026 के बीच उसने 34 अलग-अलग लोन ऐप के जरिए करीब 1.56 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. इस दौरान वह लगभग 1.79 करोड़ रुपये चुका चुका था. इसके बावजूद कथित रिकवरी एजेंट उससे और पैसे मांग रहे थे.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोन ऐप से जुड़े रिकवरी एजेंटों ने उसके मोबाइल फोन के कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच बना ली. इसके बाद उन्होंने उसके परिवार के सदस्यों, दोस्तों, सहकर्मियों, पड़ोसियों और नियोक्ता को कथित तौर पर अपमानजनक और अश्लील मैसेज भेजे. आरोप है कि इन संदेशों के जरिए उसे बदनाम करने की धमकी दी गई, ताकि वह दबाव में आकर और पैसे चुका दे.

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पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि लोन पर करीब एक फीसदी प्रतिदिन की दर से ब्याज वसूला जा रहा था. उसके मुताबिक, उसने कथित अवैध ब्याज, प्रोसेसिंग फीस और जुर्माने के नाम पर दबाव में 22.9 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया. उसका कहना है कि इतनी बड़ी रकम चुकाने के बाद भी वसूली का सिलसिला नहीं रुका और एजेंट उससे लगातार संपर्क करते रहे.

शिकायत के अनुसार, रकम चुकाने के बावजूद कथित रिकवरी एजेंटों ने उससे छह लाख रुपये और देने की मांग की. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 25 सितंबर से उसे 63 अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आ चुके हैं. आरोप है कि इन कॉल के दौरान उसे ब्लैकमेल किया गया और धमकियां दी गईं. लगातार आ रहे फोन और निजी जानकारियों के कथित दुरुपयोग से परेशान होकर उसने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.

शिकायत के आधार पर साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(2) और 318(4) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66-C, 66-D और 67 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी. फिलहाल, मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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