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हैदराबाद में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का खेल, 25.16 लाख रुपये की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद में हनीट्रैप और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के आरोप में पवन कुमार नाम के शातिर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए 25.16 लाख रुपये की कथित ठगी की है. जानें क्या है पूरा मामला.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

हैदराबाद में हनीट्रैप और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के एक मामले में पुलिस ने कोंडाबट्टुला पवन कुमार को गिरफ्तार किया है. उस पर महिलाओं के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने और उनसे पैसे ऐंठने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के जरिए करीब 18 लाख रुपये वसूले.

इसके अलावा, निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक सॉफ्टवेयर कर्मचारी से 7.16 लाख रुपये की ठगी करने का भी आरोप है. इस तरह मामले में कुल 25.16 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी सामने आई है. यह जानकारी चारमीनार जोन के डीसीपी किरण खरे ने दी.

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाता था. इन अकाउंट के जरिए वह पुरुषों से दोस्ती करता और फिर उनके साथ निजी और अश्लील चैट करता था. आरोप है कि बातचीत के दौरान वह लोगों को अपनी निजी तस्वीरें और वीडियो साझा करने के लिए तैयार कर लेता था. इसके बाद वह इन्हीं फोटो और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उनसे पैसे मांगता था. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इसी तरीके से कथित तौर पर करीब 18 लाख रुपये की वसूली की.

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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा था. पुलिस के मुताबिक, उसके इस्तेमाल में 13 फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और 14 फर्जी फेसबुक अकाउंट होने की जानकारी मिली है. इसके अलावा, दो व्हाट्सऐप अकाउंट और तीन बैंक खातों का भी पता चला है. जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपी ने एक हजार से अधिक लोगों से चैट की थी. इनमें से 82 लोगों ने कथित तौर पर अपनी निजी तस्वीरें और वीडियो उसके साथ साझा किए थे.

पुलिस ने अब तक दूसरे राज्यों के 24 पीड़ितों और विदेश के नौ लोगों की पहचान की है. जांच में सामने आया है कि आरोपी के कथित निशाने पर अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग थे. इनमें डॉक्टर, कारोबारी, लेक्चरर, निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी और डिलीवरी वर्कर शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने एक दोस्त को भी कथित तौर पर ठगी का शिकार बनाया. डिप्लोमा की पढ़ाई कर चुके इस दोस्त से चार लाख रुपये ठगने का आरोप है. पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे संभावित पीड़ितों और लेन-देन की जानकारी जुटा रही है.

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, एक एचपी लैपटॉप और एक पेन ड्राइव जब्त की है. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से कथित फर्जी अकाउंट, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस को आशंका है कि इस मामले में अभी और पीड़ित सामने आ सकते हैं. जांच एजेंसियां आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खातों और कथित लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया.

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इस मामले में हैदराबाद के सैदाबाद पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 358/2026 के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है. जांच का फोकस कथित ब्लैकमेलिंग, निवेश के नाम पर हुई ठगी और डिजिटल माध्यमों से जुटाए गए सबूतों पर है. पुलिस को संदेह है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी के दूसरे मामले भी सामने आ सकते हैं. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है.

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