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अमेरिका में शादी के 17 दिन बाद हैदराबाद के इंजीनियर की संदिग्ध मौत, शव भारत लाने के लिए परिवार ने मांगी मदद

अमेरिका के मैसाचुसेट्स में हैदराबाद के 28 वर्षीय सिविल इंजीनियर मोहम्मद जाबेर हुसैन की शादी के 17 दिन बाद मौत हो गई. परिवार ने पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पीड़ित परिवार ने भारत सरकार से मदद मांगी है (फोटो-ITG)
पीड़ित परिवार ने भारत सरकार से मदद मांगी है (फोटो-ITG)

हैदराबाद के 28 वर्षीय सिविल इंजीनियर मोहम्मद जाबेर हुसैन की अमेरिका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. शादी के महज 17 दिन बाद हुई इस घटना से परिवार सदमे में है. जाबेर अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के लोवेल में रहते थे और वहीं एक कंपनी में काम कर रहे थे. परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और ऐसे में जाबेर के पार्थिव शरीर को भारत लाने में मुश्किल हो सकती है. अब परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

शादी के 17 दिन बाद घर में मिली लाश

मोहम्मद जाबेर हुसैन के पिता मोहम्मद जाकिर हुसैन के मुताबिक, उनके बेटे की शादी 28 अगस्त को टेक्सास में हुई थी. शादी के बाद जाबेर वापस मैसाचुसेट्स लौट गए थे, जहां वह रहते थे और सिविल इंजीनियर के तौर पर काम करते थे. हालांकि, यह साफ नहीं है कि उनकी पत्नी भी उनके साथ मैसाचुसेट्स लौटी थीं या नहीं. शादी के कुछ ही दिनों बाद हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.

परिवार के मुताबिक, जाबेर ने आखिरी बार 14 सितंबर को अपने घरवालों से बात की थी. इसके करीब आठ घंटे बाद उनके रूममेट का फोन आया, जिसने बताया कि जाबेर की नींद में मौत हो गई है. परिवार को रूममेट से मिली जानकारी के अलावा अभी तक उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिली है. यह भी साफ नहीं है कि घटना के तुरंत बाद जाबेर को कोई मेडिकल सहायता दी गई थी या नहीं.

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

जाबेर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए परिवार पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. परिवार को उम्मीद है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मामले से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकेंगे. जाबेर की मौत को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

भारत सरकार से मदद की अपील

जाबेर के परिवार ने भारत सरकार से उनके पार्थिव शरीर को हैदराबाद लाने में मदद करने की अपील की है. परिवार का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और अमेरिका से शव भारत लाने की प्रक्रिया में आने वाला खर्च उठाने में कठिनाई हो सकती है. इस मामले में मदद के लिए एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों ने पहल भी की है. उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परिवार की मदद करने का आग्रह किया है.

साल 2021 में मास्टर्स के लिए गए थे अमेरिका

मोहम्मद जाबेर हुसैन साल 2021 में सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे. उन्होंने कनेक्टिकट स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू हेवन से अपनी पढ़ाई पूरी की. उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, साल 2023 में डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने इस्टीमेटर नाम की एक कंपनी में इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया. इसके बाद उन्होंने दूसरी कंपनी में नौकरी की.

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जाबेर बाद में ग्रीन इंटरनेशनल एफिलिएट्स इंक. से जुड़े और वहां तीन साल से ज्यादा समय तक काम किया. इसके बाद उन्होंने इस साल जून में एक बार फिर नौकरी बदली. वह मैसाचुसेट्स स्थित लोचनर नाम की कंपनी में काम कर रहे थे. अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद जाबेर सिविल इंजीनियर के तौर पर अपना करियर बना रहे थे, लेकिन शादी के महज 17 दिन बाद उनकी मौत हो गई.

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