हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 7.75 किलोग्राम गांजा जब्त किया है. अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत करीब 2.71 करोड़ रुपये आंकी गई है.
अधिकारियों को शक है कि जब्त किया गया गांजा हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक वीड है. यह कार्रवाई 12 अक्टूबर को की गई, जब बैंकॉक से भारत पहुंचे एक भारतीय यात्री को खुफिया जानकारी के आधार पर रोका गया.
DRI अधिकारियों को पहले से मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यात्री के सामान की जांच की गई. इस दौरान उसके चेक-इन बैगेज में एक इलेक्ट्रिक गीजर मिला, जिसके अंदर कथित तौर पर नशीला पदार्थ छिपाकर रखा गया था.
अधिकारियों ने गीजर की जांच की तो उसमें हरे रंग के पदार्थ वाले 73 पैकेट बरामद हुए. तस्करी के लिए घरेलू उपकरण का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने बरामद पदार्थ की जांच की.
बरामद हरे रंग के पदार्थ की जांच नारकोटिक्स डिटेक्शन किट से की गई. शुरुआती जांच में यह पदार्थ गांजा यानी कैनाबिस या मारिजुआना पाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए पदार्थ का कुल वजन 7.75 किलोग्राम (ग्रॉस वेट) है.
अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.71 करोड़ रुपये बताई गई है. अधिकारियों को संदेह है कि यह हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया उच्च गुणवत्ता वाला गांजा है.
DRI ने गांजे को जब्त करने के साथ ही बैंकॉक से आए भारतीय यात्री को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नशीले पदार्थ की तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का क्या संबंध है. हालांकि, तस्करी के नेटवर्क को लेकर अभी कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है.