
झारखंड के बोकारो जिले में 42 साल की एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के भट्ठा टोला से 4 सितंबर को लापता हुई केशवती देवी की लाश पुलिस ने 9 दिन बाद बरामद की है. महिला का शव मोहांडीह-बालीडीह जंगल के घने हिस्से में जमीन के अंदर दबा मिला. शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल था.
केशवती देवी के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने सेक्टर-12 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध तक पहुंची. पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपी पर शक और गहरा गया. इसके बाद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने महिला की हत्या करने की बात कबूल कर ली.
जंगल में ले जाकर मर्डर
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 52 वर्षीय मुस्तकीम अंसारी के रूप में हुई है. वह मोहांडीह का रहने वाला है और राजमिस्त्री का काम करता है. पुलिस का कहना है कि मुस्तकीम और केशवती देवी काफी समय से दिहाड़ी मजदूर के तौर पर साथ काम करते थे. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकी संबंध बन गए थे.
पुलिस के अनुसार, इस रिश्ते को लेकर आरोपी कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग से परेशान था. इसी वजह से उसने महिला की हत्या की साजिश रची. 4 सितंबर को दोनों अपने-अपने घर से काम पर जाने की बात कहकर निकले थे. लेकिन आरोपी महिला को बाघराइबेरा स्थित काम की जगह ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाता रहा और बाद में उसे मोहांडीह-बालीडीह जंगल के सुनसान हिस्से में ले गया.
पुलिस के मुताबिक, जंगल में पहुंचने के बाद मुस्तकीम ने केशवती देवी का गला घोंट दिया. हत्या करने के बाद उसने महिला का शव वहीं छोड़ दिया और वापस अपने घर लौट आया. उधर, महिला के घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी. पुलिस भी मामले की जांच में जुटी थी और इसी दौरान आरोपी की गतिविधियां जांच के दायरे में आने लगीं.
बताया गया है कि 7 सितंबर को आरोपी दोबारा उसी जंगल में पहुंचा. उसने वहां गड्ढा खोदा और महिला के शव को उसमें दफना दिया. पुलिस को जांच के दौरान CCTV फुटेज भी मिला, जिसमें केशवती देवी आरोपी के साथ जाती हुई दिखाई दे रही थीं. इस फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुस्तकीम से पूछताछ की, जिसके बाद उसने कथित तौर पर हत्या की पूरी बात बता दी.

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई
आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस उसे कथित वारदात वाली जगह पर लेकर पहुंची. वहां मजिस्ट्रेट राजबाला, टाउन DSP राजीव रंजन, पुलिस टीम और FSL टीम की मौजूदगी में खुदाई शुरू कराई गई. कुछ ही देर की खुदाई के बाद जमीन के अंदर से महिला का शव बरामद कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक शव पूरी तरह सड़ चुका था और उसकी हालत बेहद खराब थी.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शव को जानवरों ने भी क्षत-विक्षत कर दिया था. ऐसी स्थिति में शव की पहचान करना मुश्किल था. बाद में मृतका के बेटे धुल्लू शर्मा ने शव की पहचान केशवती देवी के रूप में की. पुलिस ने आरोपी मुस्तकीम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे हत्या के पीछे की पूरी वजह को लेकर पूछताछ की जा रही है.
4 सितंबर को हत्या, 7 को दफनाया
सिटी DSP राजीव रंजन के मुताबिक, महिला की हत्या 4 सितंबर को की गई थी. इसके बाद आरोपी 7 सितंबर को जंगल में पहुंचा और गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे वास्तव में ब्लैकमेलिंग की क्या भूमिका थी और आरोपी ने किस वजह से महिला की जान ली.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. साथ ही कथित दुश्मनी, साजिश और हत्या की पूरी परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है.
बोकारो में यह मामला लापता लोगों की शिकायतों और उनकी तलाश को लेकर भी सवाल खड़े करता है. हाल के दिनों में जिले में लापता लोगों से जुड़े कई मामलों में हत्या के आरोप सामने आए हैं. पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का पुष्पा हत्याकांड भी इसी तरह का मामला रहा है, जिसमें लापता महिला की तलाश को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे.
पुष्पा मामले में आरोप है कि पुलिस ने कई दिन बाद केस दर्ज किया और जांच लंबे समय तक स्पष्ट दिशा में आगे नहीं बढ़ सकी. बाद में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद रांची से पहुंची विशेष CID टीम ने पिंड्राजोरा इलाके से पुष्पा का कंकाल बरामद किया था.
जांच में उसके साथ हत्या किए जाने और शव को खुले में फेंके जाने की बात सामने आई थी. केशवती देवी के मामले में अब पुलिस की जांच इस बात पर भी रहेगी कि लापता होने के बाद उनकी तलाश कितनी तेजी से और किस दिशा में की गई.