सैकड़ों बेगुनाहों की मौत का गुनहगार मारा गया है. आईएसआईएस के सबसे बड़े जल्लादों में से एक अबु उमर अल शिशानी की मौत की खबर आई और फिर 50 लाख यूएस डॉलर के इस इनामी आतंकवादी की मौत पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी.
जिस आतंकी की तलाश में अमेरिका समेत दुनिया के तमाम मुल्कों ने जमीन-आसमान एक कर दिया था. जिसकी तलाश में यूएस स्पेशल फोर्सेज इराक और सीरिया में छानबीन कर रही थी. जिसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले को अमेरिका ने पूरे के इनाम का ऐलान किया था. उसकी मौत की खबर पर खुद अमेरिका ने ही अपनी मुहर लगा दी.
दरअसल आईएसआईएस के टॉप कमांडर अबु उमर अल शिशानी ने शुरू से ही पूरी दुनिया की नाक में दम कर रखा था. फिर चाहे वो आईएसआईएस के कायदे-कानूनों की अनदेखी करने वालों को एक से बढ़ कर एक खौफनाक मौत देने की बात हो या मैदान-ए-जंग में सामने रह कर विरोधियों का मुकाबला करने की. अबु उमर अल शिशानी हर मामले में आगे था.
सीरिया में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था सीरियन ऑब्जर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स ने उसकी मौत की खबर दी और उसके बाद में अमेरिकी अफसरों ने भी इस खबर पर अपनी मुहर लगा दी. इसी के साथ जल्लाद का अंत हो गया. अमेरिका समेत पूरी दुनिया के लिए छलावा बना ये शख्स आखिर अमेरिकी फौज के निशाने पर कैसे आ गया? तो इसका जवाब खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में छिपा है. दरअसल के एक अड्डे पर अबु उमर अल शिशानी के छिपे होने की पुख्ता खबर थी. इस बार अमेरिकी फौज ने कोई गलती नहीं की.